पुलवामा हमला: भीषण था विस्फोट, धमाके की जगह से 80 मीटर दूर मिला जवान का शव

सूत्रों का कहना है कि विस्फोटक को एक आकार दिया गया था जिससे उसका प्रभाव कई गुणा बढ़ जाए. इस हमले में बस के परखच्चे उड़ गए.

News18Hindi
Updated: February 15, 2019, 11:29 PM IST
पुलवामा हमला: भीषण था विस्फोट, धमाके की जगह से 80 मीटर दूर मिला जवान का शव
(घटनास्थल की तस्वीर- पीटीआई)
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Updated: February 15, 2019, 11:29 PM IST
पुलवामा हमले के बारे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि 350 किलोग्राम विस्फोटक  का इस्तेमाल हुआ था वहीं कुछ का कहना है कि इस हमले में 60 किलो आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया है. हालांकि विस्फोटक की मात्रा पर संशय बना हुआ है.

फॉरेंसिक विभाग इस संबंध में जांच कर रहा है. बता दें इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे और हमले की जिम्मेदारी पाक आधारित आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' ने ली थी.

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह हमला जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी का आत्मघाती हमला था. आत्मघाती हमला करने वाले आतंकी का नाम आदिल अहमद डार बताया जा रहा है. कहा जा रहा था कि आतंकी ने स्कॉर्पियो कार में 350 किलोग्राम विस्फोटक लेकर सीआरपीएफ बस के साथ टक्कर मार दी और 40 जवान शहीद हो गए.



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लेकिन अब कहा जा रहा है कि आत्मघाती में इस्तेमाल हुआ कार एसयूवी नहीं सिडान थी और इसमें आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था जिसके असर 150 मीटर दायरे में फैला. हमलावर ने बस को सीधे टक्कर नहीं मारी बल्कि 78 बसों के काफिले को ओवरटेक करके दाएं से टक्कर मारी. यह हादसा इतना भयानक था कि एक जवान का शरीर धमाके वाली जगह से 80 मीटर दूर मिला.

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सूत्रों का कहना है कि विस्फोटक को एक आकार दिया गया था जिससे उसका प्रभाव कई गुणा बढ़ जाए. इस हमले में बस के परखच्चे उड़ गए. इस हादसे के बाद 100 मीटर के दायरे में आए हुए लोगों के अवशेष बिखरे हुए थे.
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यह अब तक साफ नहीं हो सका कि हमलावर की मदद किसने की और किस तरह से आएडीएक्स उस तक पहुंचाया गया. जांचकर्ता यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि हमलावर सीआरपीएफ के काफिले तक कैसे पहुंचा. यह हमला बताता है कि पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने महीनों से तैयारी कर रहा था. ध्यान देने वाली बात यह है कि मसूद अजहर जो जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है वह पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहा है.

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