पाक को खरी-खोटी, इंदिरा को किया याद, PM बोले-बांग्लादेश के लिए सत्याग्रह किया

पीएम मोदी  (तस्वीर-ANI)

पीएम मोदी (तस्वीर-ANI)

बांग्लादेश (Bangladesh) में पीएम मोदी (Narendra Modi) ने कहा है कि मैं युवा था और तब बांग्लादेश मुक्ति संग्राम से जुड़े एक आंदोलन का हिस्सा बना था. इसके लिए जेल भी गया था. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की आजादी के लिए तड़प भारत में भी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 6:21 PM IST
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ढाका. दो दिन की यात्रा पर बांग्लादेश (Bangladesh) पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा है कि उनकी जिंदगी के पहले आंदोलनों में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम भी शामिल था. उन्होंने कहा-'बांग्लादेश की आजादी के लिए संघर्ष में शामिल होना, मेरे जीवन के पहले आंदोलनों में से एक था. मेरी उम्र 20-22 साल रही होगी जब मैंने और मेरे कई साथियों ने बांग्लादेश के लोगों की आजादी के लिए सत्याग्रह किया था.' उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की आजादी के लिए तड़प भारत में भी थी. पाकिस्तान की सेना ने जो अत्याचार किया वह तस्वीर विचलित करने वाली थी. उसने कई दिन तक सोने नहीं दिया.

भाषण के दौरान पीएम मोदी ने उन भारतीय सैनिकों को याद किया जिन्हें बांग्लादेश की आजादी के लिए खून बहाया. उन्होंने मुक्ति संग्राम के दौरान संघर्ष करने वाले लोगों को भी याद किया. पीएम ने कहा कि इन दोनों का खून आज के बांग्लादेश में मिला हुआ और यही खून दोनों देशों के संबंध को इतना मजबूत बनाता है कि ये किसी भी स्थिति और दबाव में टूट नहीं सकता.

शेख मुजीबर्रहमान को किया याद

भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर्रहमान के सम्मान में मुजीब जैकेट पहनी हुई थी. उन्होंने कहा- 'बंगबंधु के हौसले ने, उनके नेतृत्व ने ये तय कर दिया था कि कोई भी ताकत बांग्लादेश को गुलाम नहीं रख सकती.' पीएम ने कहा कि यह भारतीयों के लिए गर्व की बात है कि शेख मुजीबुर्रहमान को गांधी पीस प्राइज से नवाजा गया. पीएम मोदी ने गांधी पीस प्राइज आज शेख मुजीबुर्रहमान की छोटी बेटी शेख रेहाना को दिया. मुजीबुर्रहमान को इस पुरस्कार के लिए मरणोपरांत चुना गया है.
50 उद्यमियों को भारत आने का निमंत्रण दिया

इसके अलावा पीएम मोदी ने भारत-बांग्लादेश मैत्री के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 50 बांग्लादेशी उद्यमियों को भारत में आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि इन उद्यमियों को हमारे वेंचर कैपिटलिस्ट्स से मिलना चाहिए. हम उनसे सीखेंगे और वो हमसे.

इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि ये एक सुखद संयोग है कि बांग्लादेश के आजादी के 50 वर्ष और भारत की आजादी के 75 वर्ष का पड़ाव, एक साथ ही आया है. हम दोनों ही देशों के लिए, 21वीं सदी में अगले 25 वर्षों की यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण है. हमारी विरासत भी साझी है, हमारा विकास भी साझा है. पीएम मोदी ने कहा कि ये भारतीयों के लिए खुशी की बात है कि मेड इन इंडिया वैक्सीन बांग्लादेशी भाइयों की जीवनरक्षा कर रही है.
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