डरपोक है डॉन दाऊद इब्राहिम, पूछताछ में मिनटों में कबूल कर लिए थे सारे गुनाह

बीवी कुमार ने अपनी किताब में लिखा है कि एक दिन पोरंदर से सड़क मार्ग से मुबंई लौटते वक्त, कार के पीछे की सीट पर बैठे उनके सहयोगी द्वारा चलाई गई गोली दाऊद को लग गई.

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Updated: June 19, 2019, 6:35 PM IST
डरपोक है डॉन दाऊद इब्राहिम, पूछताछ में मिनटों में कबूल कर लिए थे सारे गुनाह
दाऊद पर किताब लिखने वाले लेखक ने उसे बताया डरपोक (फाइल फोटो)
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Updated: June 19, 2019, 6:35 PM IST
भारतीय सीमा शुल्क विभाग के सुपर कॉप के रूप में प्रसिद्ध राजस्व खुफिया निदेशायल के पूर्व महानिदेशक बीवी कुमार ने एक नई किताब 'डीआरआई एंड जॉन्स' लिखी है. इस किताब में कई सालों से फरार मोस्ट वॉन्टेड अपराधी दाऊद इब्राहिम से जुड़े कई खुलासे किए गए हैं. किताब में लिखा गया है कि दाऊद एक सामान्य सा दिखने वाला डरपोक आदमी है, जिसने स्वीकार किया था वह अपराध में शामिल था.

बीवी कुमार किताब में लिखते हैं कि अंडरवर्ल्ड के एक कथित अपराधी राशिद अरबा ने उन्हें दाऊद इब्राहिम के शुरुआत ठिकानों की जानकारी दी थी. राशिद ने बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता दिलीप कुमार की बहन से शादी की थी. बीवी कुमार ने कहा कि अंडरवर्ल्ड के डॉन, विशेष रुप से दाऊद इब्राहिम और हाजी मस्तान पर किताब लिखने का उनका उद्देश्य दक्षिण एशिया के सबसे खूंखार गिरोहों के खिलाफी शुरुआती कठोर कार्रावई में डीआरआई के अद्धिवतीय योगदान के बारे में बताना था.

कुमार ने कहा, 'डीआरआई दाऊद को हिरासत में लेने, उससे पूछताछ करने और उसके खिलाफ सीओएफईपीओएसए (COFEPOSA) के अंतर्गत मामला दर्ज करने वाली प्रमुख एजेसी थी. मैंने जब दाऊद को गिरफ्तार किया (जुलाई 1983) तो गुजरात के हाईकोर्ट में इसकी तत्काल सुनवाई के लिए एक याचिका दायर की गई. डॉन की तरफ से अदालत में रामजेठमलानी पेश हुए."

सीओएफईपीओएसए द्वारा दायर किए गए मामले में दाऊद इब्राहिम आज भी वांछित है.



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ऐसे पकड़ा गया था दाऊद
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दाउद से अपनी मुठभेड़ को याद करते हुए कुमार ने कहा कि वह 80 के दशक के मध्य में अहमदाबाद में सीमा शुल्क आयुक्त के तौर पर नियुक्त थे. तब दाऊद और करीम लाला के गिरोहों के बीच खूनी संघर्ष के कारण वहां खौफ था, जिससे महाराष्ट्र और गुजरात में शांति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित थी. कुमार ने अपनी किताब में लिखा है कि एक दिन पोरंदर से सड़क मार्ग से मुबंई लौटते वक्त, कार के पीछे की सीट पर बैठे उनके सहयोगी द्वारा चलाई गई गोली दाऊद को लग गई.

जब दाऊद से हुई पूछताछ

दाऊद को बड़ौदा के सियाजी हॉस्पिटल ले जाया गया. वे बताते हैं कि मुझे घटना की जानकारी दी गई, मैंने तुरंत बड़ौदा के पुलिस आयुक्त पीके दत्ता से बात की. कुमार ने कहा, "बाद में पूछताछ में दाऊद ने स्वीकार किया कि वह नंबर दो का धंधा करता है. वह मुझसे हिन्दी में बात कर रहा था. मुझे वह शांत व्यक्ति लगा जो शांत दिखता था. दत्ता के कार्यालय में लगभग आधा घंटे तक पूछताछ चली. इसके बाद में अहमदाबाद लौट आया और सीओएफईपीओएसए के अंतर्गत दाऊद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया."



ऐसे 'डॉन' बन गया दाऊद

कुमार राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को दाऊद के एशिया के सबसे खतरनाक डॉन में शामिल होने की वजह मानते हैं. उन्होंने कहा, "दाऊद ने सभी को पैसों से खरीद लिया. बॉलीवुड कलाकारों से क्रिकेटर और शायद कुछ बड़े राजनेताओं को भी. लेकिन मेरे विचार से भारत के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ प्रत्यर्पण संधि करते ही दाऊद को दुबई छोड़ना पड़ा और उसने पाकिस्तान में स्थाई शरण ले ली."

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First published: June 19, 2019, 6:05 PM IST
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