इस यूरोपीय देश ने एक दिन में करा डाला अपनी आधी आबादी का कोरोना टेस्ट

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

स्लोवाकिया (Slovakia) की आबादी तकरीबन 55 लाख है. देश के हेल्थ मिनिस्टर के मुताबिक पहले दिन तकरीबन 26 लाख लोगों की जांच (Covid-19 Testing) की गई. इनमें से एक प्रतिशत यानी करीब 26 हजार लोगों में ही संक्रमण की पुष्टि हुई. 10 वर्ष की आयु से ऊपर सभी की टेस्टिंग की जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 5:41 AM IST
  • Share this:
 नई दिल्ली. कोरोना की सकेंड वेव (Second Wave Of Covid-19) के बीच यूरोपीय देश स्लोवाकिया (Slovakia) ने एक दिन के भीतर अपनी आधी आबादी का कोविड टेस्ट करवाया है. स्लोवाकिया की आबादी तकरीबन 55 लाख है. देश में दो दिन के सख्त राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के पहले दिन स्लोवाकिया में कोविड टेस्टिंग का बहुत बड़ा अभियान चलाया गया.

दो दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के पहले दिन वृहद टेस्टिंग अभियान
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्लोवाकियां की इस वृहद टेस्टिंग प्रक्रिया में लोगों के लिए बेहद कड़े दिशानिर्देश जारी किए गए थे. स्लोवाकिया के हेल्थ मिनिस्टर के मुताबिक पहले दिन तकरीबन 26 लाख लोगों की जांच की गई. इनमें से एक प्रतिशत यानी करीब 26 हजार लोगों में ही संक्रमण की पुष्टि हुई.

टेस्टिंग को माना जा रहा सबसे कारगर हथियार
कोरोना की अब तक कोई वैक्सीन न मौजूद होने की वजह से टेस्टिंग को सबसे कारगर हथियार माना जा रहा है. संक्रमण का टेस्ट जितना जल्दी हो जाएगा, संक्रमित का इलाज उतना ही आसान होगा. इसी को ध्येय वाक्य बनाते हुए स्लोवाकिया में 10 वर्ष की आयु से ऊपर सभी की टेस्टिंग की जा रही है.



अन्य देश भी कर सकते हैं फॉलो
गार्जियन की रिपोर्ट कहती है कि स्लोवाकिया जितनी आबादी वाले अन्य देश भी ऐसी ही वृहद टेस्टिंग प्रक्रिया लागू कर सकते हैं. ऐसी वृहद टेस्टिंग अपनाकर देश लंबे लॉकडाउन जैसी चीजों से बच सकते हैं.

स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सेना, पुलिस, प्रशासन सबकी ली गई मदद
इतने वृहद स्तर पर टेस्टिंग के लिए स्लोवाकिया ने करीब 40 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की टीम लगाई थी. इनकी मदद के लिए बड़ी संख्या में सैनिकों, पुलिस, प्रशासन और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं को लगाया गया था. पूरे देश में स्वैब टेस्टिंग के लिए 5 हजार कैंप लगाए गए थे. टेस्टिंग बिल्कुल फ्री रखी गई है. हालांकि सरकार ने लोगों को टेस्टिंग न कराने का विकल्प भी दिया. लेकिन सरकार ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि जो लोग टेस्टिंग नहीं कराएंगे, उन्हें लॉकडाउन में रहना होगा.

फ्रांस और ब्रिटेन कर चुके हैं लॉकडाउन की घोषणा
बता दें यूरोप में कोरोना की सेकंड वेव के मद्देनजर फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश एक बार फिर लॉकडाउन घोषित कर चुके हैं. एक्सपर्ट्स महामारी की सेकंड वेव को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं. इस बीच कोरोना की वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में आने की उम्मीद जताई जा रही है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज