Home /News /nation /

क्या दादा-परदादा की स्मोकिंग की आदत का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ सकता है? स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे

क्या दादा-परदादा की स्मोकिंग की आदत का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ सकता है? स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे

स्मोकिंग का बुरा असर पोते-पोतियों में आ सकता है. (Shutterstock)

स्मोकिंग का बुरा असर पोते-पोतियों में आ सकता है. (Shutterstock)

Smoking effects on your child: अगर आप स्मोकिंग करते हैं तो इसका बुरा असर सिर्फ आपकी हेल्थ पर नहीं पड़ता बल्कि यह आपके पोते-परपोते को भी प्रभावित कर सकता है. एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है जिनके दादा-परदादा को स्मोकिंग की लत थी, उन्हें इसका खामियाजा आज भुगतना पड़ रहा है. रिसर्च के मुताबिक अगर कोई स्मोकिंग का आदी है तो इसका दुष्परिणाम उसके कुछ पीढ़ियों तक बरकरार रह सकता है. ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के (University of Bristol) शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया है.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. सालों से सैकड़ों अध्ययनों में पाया गया है कि हेल्थ पर स्मोकिंग (smoking) का बहुत बुरा असर पड़ता है. इससे लंग्स खराब होते हैं और कैंसर का भी कारण बनता है. लेकिन एक नई रिसर्च (research) में दावा किया गया है कि आप बेशक स्मोकिंग नहीं करते हैं लेकिन अगर आपके पूर्वजों ने स्मोकिंग की है तो इसका खामियाजा आपको भी भुगतना पड़ सकता है. रिसर्च के मुताबिक अगर कोई स्मोकिंग का आदी है तो इसका दुष्परिणाम उसके कुछ पीढ़ियों तक बरकरार रह सकता है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि यदि आप स्मोकिंग करते हैं तो इसका दुष्परिणाम न सिर्फ आपकी हेल्थ पर पड़ेगा बल्कि पोते-पोती, परपोते-परपोती पर भी पड़ेगा. ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के (University of Bristol) शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया है.

30 साल की स्टडी में मिला प्रमाण 
इस अध्ययन को चिल्ड्रेन ऑफ 90 (Children of the 90s’) कहा जा रहा है क्योंकि इसे चिल्ड्रेन ऑफ 90 प्रोजेक्ट के तहत इस रिसर्च को अंजाम दिया गया है. यह अध्ययन साइंटिफिक रिपोर्ट जर्नल (Scientific Reports) में हाल ही में प्रकाशित किया गया है. अध्ययन में पिछले 30 साल के दौरान खून, पेशाब, प्लेसेंटा, दांत, बाल और नाखूनों के 15 लाख सैंपल इकट्ठे किए गए थे. इस अध्ययन का उद्देश्य अनुवांशिक और पर्यावरण का लोगों की सेहत पर असर की जानकारी एकत्र करना था. अध्ययन से पता चला कि धूम्रपान का बुरा असर सिर्फ धूम्रपान करने वाले तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि इसका असर अगली पीढ़ियों तक देखा गया है. इस अध्ययन में दादा और परदादा ही शामिल हुए थे क्योंकि दादी और परदादी के युवावस्था में धूम्रपान करने की संख्या काफी कम थी.

पोती-परपोतियों पर ज्यादा असर 
अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं के दादा या परदादा ने युवावस्था से पहले स्मोकिंग करना शुरू कर दिया था,उसकी वजह से उनके शरीर में फैट बढ़ा हुआ पाया गया था. अध्ययन से यह भी पता चला कि जिन महिलाओं के दादा या परदादा 13 साल की उम्र से पहले से स्मोकिंग कर रहे थे उनके शरीर में ज्यादा चर्बी पाई गई थी. इसकी तुलना में बाद में स्मोकिंग शुरू करने वाले दादा-परदादा के बच्चों में कम चर्बी थी. हालांकि इस अध्यय से एक चौंकाने वाली बात भी सामने आई. अध्ययन के मुताबिक दादा या परदादा के धूम्रपान का असर पोती या परपोतियों में ही देखा गया, वहीं इसका पोतों या परपोतों पर कोई प्रभाव नहीं दिखा.

Tags: Health, Smoking

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर