आईफोन दिल्ली का इस्तेमाल हो रहा पाकिस्तान में, 311 मोबाइल किए जब्त!

दिल्ली से चोरी के आईफोन खरीदकर उन्हें नेपाल के रास्ते दूसरी जगहों पर भेजे जाते थे. इससे पहले फरवरी 2019 में इंदौर में भी ऐसा ही गिरोह पकड़ा गया था. ये गिरोह भी आईफोन को बांग्लादेश भेजता था.

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Updated: June 3, 2019, 8:50 AM IST
आईफोन दिल्ली का इस्तेमाल हो रहा पाकिस्तान में, 311 मोबाइल किए जब्त!
प्रतीकात्मक फोटो.
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Updated: June 3, 2019, 8:50 AM IST
आईफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए खतरे की घंटी है. ऐसा भी हो सकता है कि कल आईबी या पुलिस आपके घर पहुंचे और पूछे की आपका आईफोन कहां है. तब आप कहें कि मेरे पास तो नहीं है. वो तो चोरी हो चुका है. और तब पुलिस आपको बताए कि आपका आईफोन पाकिस्तान या बांग्लादेश में इस्तेमाल हो रहा है. गलत लोग उसे इस्तेमाल कर रहे हैं. इसलिए ये जरूरी है कि मोबाइल चोरी या गुम होते ही उसकी एफआईआर जरूर दर्ज कराएं.

नेपाल-बांग्लादेश के रास्ते हो रही चोरी के आईफोन की तस्करी

रविवार को दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे ही गैंग का पर्दाफाश किया है जो दिल्ली से चोरी के आईफोन खरीदकर उन्हें पहले नेपाल भेजता था और फिर नेपाल के रास्ते दूसरी जगहों पर भेजे जाते थे. इससे पहले फरवरी 2019 में इंदौर में भी ऐसा ही गिरोह पकड़ा गया था. ये गिरोह भी आईफोन को बांग्लादेश भेजता था.

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमे एक नेपाल मूल का निवासी भी है. गैंग के पास से करीब 64 लाख रुपये के 311 मोबाइल बरामद किए हैं. इसमे बड़ी संख्या में आईफोन हैं. गैंग के सरगना नरेश ने पुलिस को बताया कि वह हर हफ्ते 150 से 200 मोबाइल नेपाल भेजता था. वहां से दूसरे पड़ोसी देशों को फोन चले जाते हैं.

इसलिए दूसरे देश भेजे जाते हैं आईफोन

इससे पहले भी एक मोबाइल चोर गिरोह पकड़ा गया था. ये गिरोह कंपनी की तरह से काम करता था. मोबाइल चोरी करने वाले हफ्ते में सिर्फ 5 दिन काम करते थे और दो दिन छुट्टी रखते थे. गिरोह के सदस्य ने बताया था कि दिल्ली के झपटमारों के हाथ अक्सर आईफोन भी लग जाता है. लेकिन आईफोन का आईएमईआई नम्बर क्रेक नहीं हो पाता है. साथ ही जल्दी ही उसे कोई खरीदने को तैयार भी नहीं होता है. लेकिन नरेश जैसे लोग इस तरह के झपटमार से सस्ते में आईफोन खरीद लेते हैं.

मोबाइल खरीदने के लिए कनॉट प्लेस में खोला ऑफिस
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नरेश ने पुलिस को बताया कि पहले वो लोग गफ्फार मार्केट में मोबाइल की रिपेयरिंग का काम करते थे. लेकिन बाद में ये काम कम हो गया और पुराने मोबाइल की डिमांड बढ़ गई. इसलिए उन्होंने ये धंधा शुरू कर दिया. इसके लिए उन्होंने कनॉट प्लेस में ऑफिस खोल रखा था. दिल्ली के ज्यादातर मोबाइल चोर-झपटमार को इस ऑफिस के बारे में पता था.

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First published: June 3, 2019, 8:35 AM IST
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