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कांग्रेस सांसद ने लगाया आरोप, 'कुत्ते सूंघकर चेक कर रहे करतारपुर साहिब का प्रसाद'

कांग्रेस सांसद ने लगाया आरोप, 'कुत्ते सूंघकर चेक कर रहे करतारपुर साहिब का प्रसाद'

गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर में गुरुनानक देव की 550वीं जयंती मनाने के लिए जाते हुए सिख श्रद्धालु अटारी-वाघा पर हाथ हिलाते हुए (फाइल फोटो, PTI)

गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर में गुरुनानक देव की 550वीं जयंती मनाने के लिए जाते हुए सिख श्रद्धालु अटारी-वाघा पर हाथ हिलाते हुए (फाइल फोटो, PTI)

कांग्रेस सांसद (Congress MP) रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) ने कहा है कि सुरक्षा (Security) महत्वपूर्ण है लेकिन प्रसाद पवित्र है और इसे कुत्तों (Sniffer Dogs) से नहीं सुंघाया जाना चाहिए.

    नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद (Congress MP) रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) ने बुधवार को आरोप लगाया है कि श्रद्धालु जिस प्रसाद को पाकिस्तान (Pakistan) के करतारपुर साहिब गुरुद्वारे (Gurdwara Kartarpur Sahib) से लेकर लौटते हैं, उसे श्रद्धालुओं के भारत की ओर प्रवेश के बाद कुत्तों (Sniffer Dogs) से सुंघाकर चेक कराया जाता है.

    कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) ने कहा कि प्रसाद की ऐसी 'बेअदबी' (अनादर- Disrespect) नहीं किया जाना चाहिए.

    प्रसाद पवित्र है, इसे कुत्तों से नहीं सुंघाया जाना चाहिए: कांग्रेस एमपी रवनीत सिंह बिट्टू
    लोकसभा में शून्यकाल (Zero Hour) के दौरान बोलते हुए लुधियाना से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा सुरक्षा महत्वपूर्ण है लेकिन प्रसाद पवित्र (Sacred) है और इसे कुत्तों से नहीं सुंघाया जाना चाहिए.

    सिख श्रद्धालु पाकिस्तान के पंजाब राज्य में करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Corridor) के जरिए गुरुद्वारे में दर्शन करने जाते हैं. यह कॉरिडोर करतारपुर में दरबार साहिब (Darbar Sahib) को भारतीय पंजाब प्रांत के धार्मिक स्थल डेरा बाबा नानक (Dera Baba Nanak) से जोड़ता है.

    पूरे साल खुलेगा करतारपुर कॉरिडोर, कभी भी पाक स्थित दरबार साहिब जा सकेंगे सिख
    पाकिस्तान (Pakistan) में मौजूद गुरुद्वारा दरबार साहिब की स्थापना साल 1552 में हुई थी. निधन तक गुरु नानक देव (Guru Nanak Dev) ने अपनी जिंदगी के 18 साल यहां गुजारे थे. इस कॉरिडोर का प्रस्ताव पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) ने रखा था. 2018 में इस कॉरिडोर की आधारशिला भारत और पाकिस्तान दोनों ने मिलकर रखी. इस कॉरिडोर पर होने वाले निर्माण का खर्च भारत और पाकिस्तान दोनों ने मिलकर किया. एक तरफ के कॉरिडोर का निर्माण जहां पाकिस्तान ने करवाया, वहीं दूसरी तरफ का निर्माण कार्य भारत ने पूरा कराया.

    ये कॉरिडोर पूरे साल सातों दिन खुला रहेगा. साल में कभी भी सिख श्रद्धालु (Sikh Pilgrims) इसके जरिए पाकिस्तान में मौजूद गुरुद्वारे के दर्शन कर सकते हैं. 9 नवंबर से करतारपुर कॉरिडोर के जरिए श्रद्धालुओं की दरबार साहिब (Darbar Sahib) जाने के लिए आवाजाही शुरू हो गई है.

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    Tags: Congress, Dog squad, Kartarpur corridor, Lok sabha, Pakistan

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