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... इसलिए बाल ठाकरे मुझे नितिन ‘रोडकरी’ कहते थे: नितिन गडकरी

News18Hindi
Updated: May 30, 2019, 8:08 PM IST

केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार बताया था कि शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे उन्हें नितिन ‘रोडकरी’ कहा करते थे. एक टीवी कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने ये बातें कहीं थीं.

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केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार बताया था कि शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे उन्हें नितिन ‘रोडकरी’ कहा करते थे. एक टीवी कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने ये बातें कहीं थीं. इस कार्यक्रम में जब नितिन गडकरी से पूछा गया था कि सड़कें बनाने के लिए वे इतना जुनून कहां से लाते हैं, तो इसके जवाब में गडकरी ने कहा था कि मैं कोई इंजीनियर नहीं हूं, ना ही मैंने सिविल इंजीनियरिंग में कोई विशेषज्ञता ली है.

महाराष्ट्र में मंत्री के कार्यकाल के दौरान उन्हें सड़कों में रुचि पैदा हुई. नितिन ने बताया कि, "सड़कें मेरा जुनून हैं. यहां तक कि सड़कों के प्रति मेरे जुनून के चलते बाल ठाकरे तो मुझे गडकरी के बजाए ‘रोडकरी’ कहा करते थे." मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी साल 1995 से लेकर 1999 तक महाराष्ट्र सरकार में पीडब्लूडी मंत्री थे. इसी दौरान मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया गया था. नितिन गडकरी ने बताया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे का निर्माण रिकॉर्ड 2 साल में पूरा किया गया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझसे पूछा था कि मुझे कौन-सा मंत्रालय चाहिए?
इस कार्यक्रम में जब नितिन गडकरी से यह पूछा गया कि मोदी सरकार में उन्हें सड़क और परिवहन मंत्री क्यों बनाया गया तो इसके जवाब में गडकरी ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझसे पूछा था कि मुझे कौन-सा मंत्रालय चाहिए? जिस पर मैंने उन्हें बताया कि मैं सड़क और परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालना चाहता हूं, क्योंकि मैंने पहले भी यह जिम्मेदारी उठाई है और इस काम में मुझे आनंद मिलता है. इस पर पीएम मोदी ने कहा भी कि यह मंत्रालय शीर्ष 4-5 मंत्रालयों में नहीं आता है, लेकिन इसके बावजूद मैंने कहा कि मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है.”

आरएसएस के चहेते मंत्री हैं
नितिन गडकरी संघ के चहेते मंत्री हैं. महाराष्ट्र के नागपुर ज़िले में 27 मई, 1957 को एक ब्राह्मण परिवार में उनका जन्म हुआ था. नितिन गडकरी का बचपन नागपुर की तुलसीबाग शाखा में लाठी भांजते हुए बीता है. यह संघ की सबसे पुरानी शाखा है. यहां संघ के बड़े-बड़े पदाधिकारी लगातार आते रहते हैं. संघ के करीबी होने के कारण ही नितिन गडकरी को 2009 में बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था.

यही वजह है कि नरेंद्र मोदी का उन पर वैसा नियंत्रण नहीं है, जैसा कि दूसरे मंत्रियों पर है. नितिन गडकरी को सियासी हलको में नरेंद्र मोदी के विकल्प के तौर पर देखा जाता है. ऐसे में गडकरी के हर बयान को नरेंद्र मोदी के विरोध के संदर्भ में देखा जाता है.छात्र जीवन से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए थे
नितिन गडकरी अपने छात्र जीवन में ही 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' से जुड़ गए थे. परिषद से ही उन्होंने अपने राजनीतिक सफ़र की शुरुआत कर दी थी. बाद में वे 23 साल की उम्र में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनाए गए. उन्‍होंने अपने मजबूत राजनीतिक जीवन की शुरुआत भाजपा के लिए ज़मीनी स्‍तर के कार्यकर्ता के रूप में की. नितिन गडकरी की हैसियत राष्ट्रीय स्तर पर बहुत जानी पहचानी नहीं रही है, लेकिव वे आरएसएस के चहेते केंद्रीय मंत्री माने जाते हैं, क्योंकि वे संघ के एक प्रतिबद्ध और निष्ठावान स्वयंसेवक हैं.

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First published: May 30, 2019, 6:00 PM IST
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