पंजाब में ब्लैक फंगस के 188 मामले, 40 को नहीं था कोविड, 23 लोगों की मौत

राज्य सरकार के कोविड विशेषज्ञ समूह के प्रमुख डा. के. के. तलवार ने कहा है कि समस्या से निपटने के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.

राज्य सरकार के कोविड विशेषज्ञ समूह के प्रमुख डा. के. के. तलवार ने कहा है कि समस्या से निपटने के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने आदेश दिए हैं कि इस बीमारी के इलाज के लिए अम्फोटेरिसिन (Amphotericin medicine) दवा की कमी को देखते हुए राज्य में वैकल्पिक दवाओं के स्टाक की मात्रा बढ़ाई जाए.

  • Share this:

चंडीगढ़. पंजाब में अब म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस (black fungus) के मामलों की संख्या 188 हो गई है. जबकि 23 लोगों की मौत हो चुकी है. जिसके चलते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने आदेश दिए हैं कि इस बीमारी के इलाज के लिए अम्फोटेरिसिन (Amphotericin medicine) दवा की कमी को देखते हुए राज्य में वैकल्पिक दवाओं के स्टाक की मात्रा बढ़ाई जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अम्फोटेरिसिन को भरपूर मात्रा में हासिल करने के प्रयासों के अलावा राज्य सरकार ने विशेषज्ञ समूह की सलाह अनुसार पहले ही वैकल्पिक दवाओं जैसे कि इंट्राकोनाज़ोल (4000 गोलियां) और पोसाकोनाजोल (500 गोलियां) उपलब्ध करवा दी हैं.

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी संतोष जाहिर किया कि छह सदस्यीय विशेषज्ञ समूह ने अस्पतालों को इलाज संबंधी प्रोटोकॉल के बारे सलाह देने और अस्पतालों को मुहैया करवाई जा रही विभिन्न दवाओं के इस्तेमाल के बारे भी अवगत करवाने का काम शुरू दिया है.

ये हैं आंकड़े
स्वास्थ्य सचिव हुसन लाल ने इस मौके पर जानकारी दी कि 188 में से 40 मामले कोविड से जुड़े हुए नहीं हैं जबकि 148 व्यक्ति कोविड पीड़ित हैं और 133 व्यक्तियों को स्टेरॉयड थेरेपी दी जा रही है. इसके अलावा 122 व्यक्ति म्यूकोमाईकोसिस की शुरुआत से पहले ऑक्सीजन पर थे. कुल 154 लोगों को डायबिटीज थी जबकि 56 की रोगों के साथ लड़ने का सामर्थ्य कम था और 47 व्यक्ति सह-बीमारियां वाले थे. मौजूदा समय के दौरान 156 व्यक्ति उपचार अधीन हैं जबकि 9 व्यक्ति ठीक हो चुके हैं.

विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है

राज्य सरकार के कोविड विशेषज्ञ समूह के प्रमुख डा. के. के. तलवारने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है. प्रोटोकॉल निर्धारित करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ दो सेशन हो चुके हैं और मरीजों पर निगरानी रखी जा रही है.



इसके अलावा उनको मदद भी मुहैया करवाई जा रही है. राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब तक के पुष्ट किये गये ब्लैक फंगस के मामलों के बारे जानकारी देते हुए मेडिकल शिक्षा सचिव डी. के. तिवारी ने आज खुलासा किया कि सबसे अधिक 16 मामले जी.एम.सी, पटियाला में सामने आए हैं जबकि जी.एम.सी, अमृतसर में 10, फरीदकोट में 8 और मोहाली में 2 मामले सामने आए हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज