त्योहार की भीड़भाड़, खराब एयर क्वालिटी के कारण दिल्ली में बढ़े कोविड-19 के केस: सरकार

तेजी बढ़ रहे मामलों को देखते हुए केंद्र ने दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल को सलाह दी कि त्योहारों के मौसम में वे कोरोना वायरस की जांच, निगरानी और उपचार रणनीति पर जोर दें (सांकेतिक फोटो, AP)
तेजी बढ़ रहे मामलों को देखते हुए केंद्र ने दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल को सलाह दी कि त्योहारों के मौसम में वे कोरोना वायरस की जांच, निगरानी और उपचार रणनीति पर जोर दें (सांकेतिक फोटो, AP)

Coronavirus Cases in Delhi: मंत्रालय ने बताया कि दिल्ली में पिछले चार हफ्ते में 29,378 नये मामले सामने आए जो करीब 46 फीसदी नये मामले हैं और पिछले चार हफ्ते में सक्रिय मामलों की संख्या में करीब नौ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में कोविड-19 के मामले (Covid-19 Cases) बढ़ने का कारण त्योहार के दौरान भीड़ का इकट्ठा होना, वायु गुणवत्ता खराब होना, श्वसन संबंधी बीमारियों का बढ़ना है. यह जानकारी गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी. स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health & Family Welfare) के एक बयान के मुताबिक, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दिल्ली (Delhi), पश्चिम बंगाल (West Bengal) और केरल (Kerala) में स्थिति की समीक्ष बैठक की जिसमें नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल (Niti Aayog Member Dr. VK Paul) और आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव (DG ICMR Balram Bhargav) भी शामिल हुए.

मंत्रालय ने बताया कि दिल्ली में पिछले चार हफ्ते में 29,378 नये मामले सामने आए जो करीब 46 फीसदी नये मामले हैं और पिछले चार हफ्ते में सक्रिय मामलों की संख्या में करीब नौ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसने कहा, ‘‘त्योहार के दौरान भीड़भाड़, वायु गुणवत्ता खराब होने, श्वसन संबंधी बीमारियों में बढ़ोतरी और कार्यस्थल पर पॉजिटिव मामलों के कारण दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़े हैं.’’

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राज्यों में टेस्टिंग बढ़ाने की दी गई सलाह
तेजी बढ़ रहे मामलों को देखते हुए केंद्र ने दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल को सलाह दी कि त्योहारों के मौसम में वे कोरोना वायरस की जांच, निगरानी और उपचार रणनीति पर जोर दें तथा कोविड-19 संबंधी उपयुक्त आचरण के साथ ही लोगों में जागरूकता पैदा करने पर अतिरिक्त बल दें.

पश्चिम बंगाल में एक दिन में 3,924 नए मामले सामने आए हैं और राज्य में अभी 37,111 मरीज इलाजरत हैं. वहां मृत्यु दर 1.84 प्रतिशत और संक्रमण की दर 8.3 प्रतिशत है.

मंत्रालय ने कहा कि राज्य के अधिकारियों को सलाह दी गई है कि ‘‘जांच, निगरानी और इलाज’’ की रणनीति का सख्ती से पालन करें तथा जांच को लेकर कोई समझौता नहीं करें और आरटी-पीसीआर परीक्षणों पर अधिक जोर दें. उसने कहा कि देखभाल और प्रारंभिक पहचान के साथ ही मरीजों को जल्दी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एक उचित मानक सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है.

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केरल में भी बढ़ें हैं केस
केरल में भी कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. राज्य में पिछले 14 दिनों में 98,778 मामले सामने आए जबकि 24 घंटों में 8,790 मामले दर्ज किए गए.

बयान के अनुसार त्योहारों के कारण नए मामलों में वृद्धि गंभीर चिंता का विषय है और केरल को सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) प्रथाओं को बढ़ाने तथा मास्क पहनने पर अधिक जोर देने का सुझाव दिया गया है.

दिल्ली में, पिछले चार हफ्तों के दौरान नए मामलों में करीब 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है और इसी अवधि के दौरान संक्रमण दर में करीब नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
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