चंद्रयान-2 मिशन: चांद की सतह पर इस दिन होगी 'विक्रम' की सॉफ्ट-लैंडिंग

News18Hindi
Updated: September 5, 2019, 5:36 PM IST
चंद्रयान-2 मिशन: चांद की सतह पर इस दिन होगी 'विक्रम' की सॉफ्ट-लैंडिंग
इसरो ने जानकारी साझा की है कि चंद्रयान 2 शनिवार को चंद्रमा की धरातल पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा.

बेंगलुरु स्थित इसरो के मुख्यालय में अधिकारी ‘विक्रम’ मॉड्यूल के शुक्रवार को आधी रात के बाद या शनिवार तड़के चंद्रमा की सतह पर उतरने को लेकर पूरी तरह आशान्वित हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 5, 2019, 5:36 PM IST
  • Share this:
बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) सफलता से मात्र कुछ ही कदम दूर है. चंद्रयान-2 का लैडर विक्रम (Vikram lander) शनिवार को चांद की सतह पर उतरने वाला है. इस अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाक्रम से पहले इसरो में लोगों के मन में तमाम तरह के भाव उमड़ रहे हैं. सभी भारतीय चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.

हालांकि लोगों के मन में मिशन की सफलता को लेकर थोड़ी फिक्र और थोड़ी उत्सुकता है, लेकिन बेंगलुरु स्थित इसरो के मुख्यालय में अधिकारी ‘विक्रम’ मॉड्यूल के शुक्रवार को आधी रात के बाद या शनिवार तड़के चंद्रमा की सतह पर उतरने को लेकर पूरी तरह आशान्वित हैं. मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘सब मौन साधे हैं. मैं भी चुप हूं. अब मिशन पूरा हो जाए, बस.’

Bengaluru, ISRO, Chandrayaan 2 Mission, Vikram Lander, Soft Landing
इसरो चंद्रयान 2 को चंद्रमा के दक्षिणी धरातल पर लैंड कराएगा.


चंद्रयान की सफल सॉफ्ट-लैंडिंग

अधिकारी का कहना था, ‘हर एक के मन में बस यही बात आ रही है कि अंतरिक्षयान और लैंडर विक्रम में क्या चल रहा होगा. आइये, सभी चंद्रयान की सफल सॉफ्ट-लैंडिंग की प्रार्थना करें.’ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के सिवन ने हाल ही में कहा था कि अंतरिक्ष एजेंसी ने मिशन की सफलता के लिए मानवीय तरीके से जो भी संभव है, वह सब कुछ किया है.

यादगार घटनाक्रम
शीर्ष अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कामयाबी को लेकर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है. करीब एक दशक से पहले चंद्रयान-1 मिशन की कमान संभालने वाले इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर ने मीडिया से कहा, ‘यह यादगार घटनाक्रम बनने जा रहा है और हम सभी इसे लेकर आशान्वित हैं. मुझे विश्वास है कि यह शत प्रतिशत सफल होगा.’
Loading...

सॉफ्ट-लैंडिंग महत्वपूर्ण अभियान
इसरो के एक और पूर्व चेयरमैन ए एस किरण कुमार ने प्रस्तावित सॉफ्ट-लैंडिंग को बहुत महत्वपूर्ण अभियान बताया. उन्होंने मीडिया से कहा, ‘अभी तक सबकुछ योजना के मुताबिक संपन्न हुआ है और विश्वास है कि आगे भी सबकुछ योजना के अनुसार होगा.’ चंद्रयान-1 के परियोजना निदेशक तथा मंगलयान मिशन के कार्यक्रम निदेशक ए अन्नादुरई ने कहा कि इसरो के पास 40 से अधिक जियोसिंक्रोनस इक्वेटोरियल ऑर्बिट (जीईओ) मिशनों को संभालने का अनुभव है. उन्होंने कहा, ‘ मुझे विश्वास है कि सॉफ्ट-लैंडिंग सफल होगी.’

2008 चंद्रयान-1 का सफल प्रक्षेपण
अन्नादुरई ने इस मौके पर चंद्रयान-1 के 2008 में हुए प्रक्षेपण को याद किया और कहा कि उस दिन इसरो को बहुत कठिन हालात का सामना करना पड़ा था क्योंकि प्रक्षेपण के लिए समयावधि बहुत कम थी वहीं मौसम बहुत ही खराब था. उन्होंने कहा ‘समय गुजरता जा रहा था. वह चंद्रयान को भेजने का अंतिम दिन था. हमें कुछ तकनीकी चीजों को भी दुरुस्त करना था. श्रीहरिकोटा में मौसम बहुत खराब था.’

अन्नादुरई ने बताया, ‘हर कोई व्याकुल था. किस्मत से आधे घंटे के लिए मौसम साफ हुआ लेकिन उसके बाद गरज के साथ छींटे पड़ने लगे. प्रक्षेपण का वह क्षण वाकई रोमांचित करने वाला था.’ ‘चंद्रयान-2’ ने धरती की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की तरफ अपनी यात्रा 14 अगस्त को शुरू की थी. इसके बाद 20 अगस्त को यह चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था.

ये भी पढ़ें: 

पीएम मोदी बोले- भारत और रूस की भागीदारी से एक और एक 11 बनने का अवसर

हरियाणा के बाद अब दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का फैसला कर सकती हैं सोनिया गांधी, बुलाई बैठक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 5, 2019, 5:06 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...