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solar eclipse the first solar eclipse of the year will not be visible in india on 30 april 2022

भारत में नहीं दिखेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, सूरज पर पड़ने वाले ‘काले चंद्रमा’ को यहां से देख सकते हैं

सोशल साइट्स के जरिए सूर्य ग्रहण को लाइव देखा जा सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सोशल साइट्स के जरिए सूर्य ग्रहण को लाइव देखा जा सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नासा के मुताबिक साल 2022 में दो सूर्य ग्रहण होगा. इनमें पहला 30 अप्रैल को और दूसरा 25 अक्टूबर को घटित होगा. अप्रैल महीने के अंतिम दिन होने वाला ग्रहण आंशिक होगा. खगोलविदों ने इसे ‘ब्लैक मून’ की भी संज्ञा दी है. वैसे यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, मगर जो देखना चाहते हैं वे एक यूट्यूब चैनल के माध्यम से देख सकते हैं.

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नई दिल्ली. इस साल का पहला सूर्य ग्रहण अप्रैल के अंतिम दिन 30 अप्रैल को लगेगा. लेकिन भारत के लोग इस सूर्य ग्रहण को नहीं देख पाएंगे. जी हां, यह कहना है अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) का. नासा के मुताबिक यह आंशिक सूर्य ग्रहण है, जो 4 घंटे से अधिक समय तक रहेगा. एनडीटीवी ने नासा के रिपोर्ट के हवाले से खबर दी है कि सूर्य ग्रहण चिली, अर्जेंटीना, उरुग्वे के अधिकांश हिस्सों, पश्चिमी पराग्वे, दक्षिण-पश्चिमी बोलीविया, दक्षिण-पूर्वी पेरू और दक्षिण-पश्चिमी ब्राजील के एक छोटे-से क्षेत्र सहित दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा.

नासा द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, उपरोक्त देशों के अलावा अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में, अटलांटिक महासागर में फ़ॉकलैंड द्वीप समूह सहित दक्षिण अमेरिका के दक्षिणपूर्वी तट के साथ-साथ दक्षिण प्रशांत और दक्षिणी महासागर में भी ग्रहण दिखाई देगा. इन जगहों पर शनिवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:15 बजे से 2:11 बजे के बीच सूर्य ग्रहण दिखाई दे सकता है. चूंकि यह भारत में नहीं देखा जाएगा, लिहाजा जो लोग इस खगोलीय घटना को देखना चाहते हैं वे यूट्यूब पर देख सकते हैं.

एक वेबसाइट (timeanddate.com) सूर्य ग्रहण का सीधा प्रसारण करने जा रही है.

ब्लैक मून की घटना
खास बात है कि इस आंशिक सूर्य ग्रहण को खगोलविदों ने ‘ब्लैक मून’ भी कहा है. यह एक दुर्लभ घटना है और 2021 में इस घटना का अनुभव दुनिया ने नहीं किया था. यह आधिकारिक खगोलीय शब्द नहीं है. ProfoundSpace.org के मुताबिक, ‘ब्लैक मून’ की कोई एक परिभाषा नहीं है. लेकिन ज्यादातर, इस शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर अमावस्या से जुड़ी किसी भी घटना को संदर्भित करने के लिए किया जाता है, क्योंकि अमावस्या के दौरान, चंद्रमा हमेशा काला होता है.

सूर्य ग्रहण का महत्व
हिन्दू धर्म व वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रहण को बेहद अहम माना गया है. वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है और सूर्य के प्रकाश के बिना इस धरती पर जीवन संभव नहीं है. इस साल दो सूर्य ग्रहण लगेंगे. इनमें पहला 30 अप्रैल को और दूसरा 25 अक्टूबर को घटित होगा. 30 अप्रैल को घटित होने वाला यह आंशिक सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए यहां पर इसका धार्मिक महत्व और सूतक नहीं माना जाएगा.

Tags: Nasa, Solar eclipse

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