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जेएनयू में कुछ ताकतें भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ रही हैं: निर्मला सीतारमण

जेएनयू में कुछ ताकतें भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ रही हैं: निर्मला सीतारमण

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

निर्मला ने कहा, "कुछ ऐसी ताकतें हैं जो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ रही हैं और वो छात्र संघ के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ भी देखे जाते हैं. इससे मैं असहज महसूस करती हूं."

    रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कुछ ताकतें हैं जो भारत के खिलाफ 'युद्ध छेड़ रही हैं' और उन्हें संस्थान के छात्र संघ के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ भी देखा गया है.

    उनकी इस टिप्पणी के कुछ दिन पहले ही वामपंथी समूहों ने जेएनयू छात्र संघ चुनावों में सभी चार प्रमुख पद जीते हैं. इसी दौरान आरएसएस समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और वामपंथी आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्यों के बीच झड़पें भी हुईं.

    निर्मला ने कहा, "कुछ ऐसी ताकतें हैं जो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ रही हैं और वो छात्र संघ के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ भी देखे जाते हैं. इससे मैं असहज महसूस करती हूं." भारतीय महिला प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान जेएनयू के एक पूर्व छात्र ने निर्मला सीतारमण से विश्वविद्यालय के घटनाक्रम के बारे में सवाल किया था.

    उन्होंने कहा, "पिछले कुछ सालों में जो चीज़ें हुई हैं वो वास्तव में उत्साहजनक नहीं हैं." रक्षा मंत्री ने कहा, "किताबें कहती हैं कि वो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ रहे हैं. उनके ब्रोशर ऐसा कहते हैं. जेएनयूएसयू का नेतृत्व करने वाले या जेएनयूएसयू सदस्य खुले तौर पर ऐसी ताकतों के साथ शामिल होते हैं, इसलिए भारत विरोधी कहने में आपको संकोच करने की आवश्यकता नहीं है."

    अफजल गुरू की फांसी के खिलाफ जेएनयू परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम में कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए थे. इसके बाद राष्ट्रवाद पर देशव्यापी बहस के केंद्र में जेएनयू आ गया था.

    Tags: Afzal guru, JNU Election, Nirmala sitharaman

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