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एंजेला मर्केल भारत पहुंचीं, PM मोदी के साथ बैठक में होंगे अहम समझौते

भाषा
Updated: October 5, 2015, 10:22 AM IST

मर्केल की यात्रा के दौरान दोनों देशों द्वारा जर्मन भाषा के मुद्दे का हल किए जाने की संभावना है क्योंकि समझा जाता है कि उन्होंने इस सिलसिले में अहम प्रगति की है।

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नई दिल्लीजर्मन चांसलर एंजेला मर्केल तीन दिनों की यात्रा पर रविवार देर रात यहां पहुंच गईं। द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रमुख क्षेत्रों के कई मुद्दों पर आज वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता करेंगी, जिसमें व्यापार बढ़ावा, सुरक्षा और रक्षा संबंधों पर मुख्य जोर होगा। हवाईअड्डे पर मर्केल की अगवानी वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने की। जर्मन चांसलर के साथ कई कैबिनेट मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों का बड़ा शिष्टमंडल भी आया है। उनके पहुंचने के शीघ्र बाद मोदी ने ट्वीट किया कि नमस्ते चांसलर मर्केल, आपका और आपके शिष्टमंडल का गर्मजोशी से स्वागत है। मैं सार्थक चर्चा और भारत..जर्मनी संबंधों के मजबूत होने की आशा करता हूं।

मोदी और मर्केल के बीच होने वाली वार्ता द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, नवीकरणीय उर्जा, उच्च प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रेलवे, जल और कूड़ा प्रबंधन, शहरी विकास तथा कृषि क्षेत्र पर केंद्रित होने की संभावना है। भारत और जर्मनी 2001 से रणनीतिक साझेदार हैं। जर्मन चांसलर के साथ शीर्ष जर्मन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) का एक प्रतिनिधिमंडल भी है।

योजनागत निवेश करने में जर्मन उद्योगों के सामने पेश आने वाली समस्याओं से मर्केल के अवगत कराए जाने की उम्मीद है। दोनों नेताओं द्वारा जलवायु परिवर्तन जैसे साझा चिंता के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किए जाने की भी संभावना है। यूरोपीय संघ में जर्मनी भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत में सातवां बड़ा विदेशी निवेशक है।

दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल आदान प्रदान पिछले साल करीब 15. 96 अरब यूरो का था जो 2013 में दर्ज किए गए 16. 10 अरब यूरो के स्तर से 1. 14 अरब यूरो कम है। भारत से जर्मनी को निर्यात आंशिक रूप से बढ़ा है। यह 2014 में 7. 03 अरब यूरो था जबकि इसका जर्मन आयात पिछले साल के 9.19 अरब यूरो से घटकर 8. 92 अरब यूरो हो गया है। 1,600 से अधिक भारत-जर्मन ‘कलैबरेशन’ और करीब 600 भारत-जर्मन संयुक्त उद्यम फिलहाल संचालित हो रहे हैं।

मर्केल की यात्रा से पहले जर्मन राजदूत मार्टिन नेय ने कहा कि तीसरे अंतर सरकारी विचार विमर्श से अहम नतीजे मिलने की उम्मीद है और दोनों देशों के बीच काफी संख्या में समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। जर्मन चांसलर का आज राष्ट्रपति भवन में परंपरागत स्वागत किया जाएगा। वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने राजघाट भी जाएंगी। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता से पहले मोदी और मर्केल की बैठकें होंगी। मर्केल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात करेंगी।

मर्केल और मोदी छह अक्तूबर को बेंगलूरु जाएंगे, जहां दोनों लोग एक कारोबारी कार्यक्रम में शरीक होंगे जिसकी मेजबानी नासकॉम और फ्रॉनहोपर इंस्टीट्यूट कर रहा है। मोदी और मर्केल के कार्यक्रम को संबोधित करने का कार्यक्रम है। वे भारत और जर्मनी के कारोबारी नेताओं के साथ दोपहर के भोज में भी शरीक होंगे।

दोनों नेता जर्मन कंपनी मेसर्स बोश स्थित नवोन्मेष एवं कौशल केंद्रों पर भी जाएंगे। चांसलर के साथ विदेश मंत्री फ्रैंक वाल्टर स्टेनमीयर, खाद्य एवं कृषि मंत्री क्रिश्चन स्मिड, शिक्षा मंत्री जोहन्ना वंका और आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्री जर्ड मुलर भी हैं। कई अन्य संघीय मंत्री अंतर सरकारी विचार विमर्श में राज्य मंत्रियों और राज्य सचिवों का प्रतिनिधित्व करेंगे।राजदूत नेय ने पिछले हफ्ते एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनका मानना है कि भारत-जर्मन अंतरसरकारी परामर्श शानदार रूप से सफल होगा।मर्केल की यात्रा के दौरान दोनों देशों द्वारा जर्मन भाषा के मुद्दे का हल किए जाने की संभावना है क्योंकि समझा जाता है कि उन्होंने इस सिलसिले में अहम प्रगति की है।

सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच व्यापक समझ के तहत भारत तीन भाषा की अपनी नीति को कायम रखते हुए जर्मन को अतिरिक्त भाषा के रूप में पढ़ाना जारी रखेगा जर्मनी अपने शैक्षणिक संस्थानों में संस्कृत सहित भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देगा।

केंद्रीय विद्यालय संगठन और गोथ इंस्टीट्यूट के बीच 2011 में हस्ताक्षरित एक सहमति पत्र के आधार पर केंद्रीय विद्यालयों में तीसरी भाषा के रूप में जर्मन भाषा की पढ़ाई शुरू की गई थी। हालांकि, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पिछले साल नवंबर में संस्कृत के विकल्प के रूप में जर्मन की पढ़ाई बंद करने का फैसला किया था और इस फैसले को राष्ट्रीय हित में बताया था।

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First published: October 5, 2015, 6:10 AM IST
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