बेहूदा टिप्पणी कर रहे पाक के मंत्री को लोगों ने कहा- चंद्रयान की चिंता छोड़ो, तुम बस चंदा मांगो

पाकिस्तान के विज्ञान और तकनीकी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन भी शामिल थे. ट्रोल करते हुए लोगों ने कई बेहुदा टिप्पणियां भी की.

News18Hindi
Updated: September 7, 2019, 11:19 AM IST
बेहूदा टिप्पणी कर रहे पाक के मंत्री को लोगों ने कहा- चंद्रयान की चिंता छोड़ो, तुम बस चंदा मांगो
बेहूदा टिप्पणी कर रहे थे इमरान सरकार की मंत्री, भारतीय यूजर ने कहा- चंद्रयान कि बात मत करो, तुमलोग बस चंदा मांगो.
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Updated: September 7, 2019, 11:19 AM IST
चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) मिशन की लैंडिंग से ठीक पहले उससे संपर्क टूटने के बाद से जब थोड़ी देर तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई तो पड़ोसी पाकिस्तान (Pakistan) के कई नफरती लोगों ने भारत और इसरो को ट्रोल करना शुरू कर दिया. जिसमें पाकिस्तान के विज्ञान और तकनीकी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन भी शामिल थे. ट्रोल करते हुए उन लोगों ने कई बेहुदा टिप्पणियां भी की., जिसका करारा और तार्किक जवाब उनको समझदार भारतीय और पाकिस्तानी यूजर्स की तरफ से दिया गया.
फवाद ने ट्वीट किया - जो काम आता नहीं पंगा नहीं लेते ना.... डियर 'एंडिया'. फवाद ने ट्वीट में व्यंग्य करते हुए इंडिया की जगह एंडिया लिखा.





पाकिस्तान पत्रकार नायला इनायत ने उन्हें जवाब देते हुए लिखा - इंडिया के पास ये सब करने के लिए 900 करोड़ हैं और आप के पास मुफ्त का ट्विटर अकाउंट.





वहीं पाकिस्तानी पत्रकार आतिफ तौकिर ने भी फवाद को उसकी औकात बता दी.



एक पाकिस्तानी यूजर ने बड़े कायदे की बात कही कि इंडिया लगातार स्पेस में सफलता हासिल कर रहा है लेकिन पाकिस्तान कहां खड़ा है!

 



फवाद के बेहूदा बयान का जवाब देते हुए एक भारतीय यूजर ने लिखा चंद्रयान की चिंता मत करो, तुमलोग बस चंदा मांगो.

बता दें कि भारत द्वारा चंद्रयान 2 को चांद पर भेजने के बाद पाकिस्तान ने फैसला किया था कि वो अपने दोस्त देश चीक की मदद से अपना पहला स्पेश यात्री को 2022 में भेजेगा. इस मिशन को वो अपने दोस्त चीन की मदद से पूरा करेगा.

जानिए पाकिस्तानी स्पेस एजेंसी किस हालत में है

सुपारको अपनी असफताओं के चरम पर है. ये चीन की वैसाखियों पर ज्यादा चलाने की कोशिश करता है. पाकिस्तान के पहले सेटेलाइट बद्र-1 को 1990 में चीन से अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था. बद्र-1 के लॉन्च होते ही पाकिस्तान ने अपने दूसरे सेटेलाइट के लॉन्चिंग पर काम करने लगा. तीन साल तक काम करने के बाद भी सुपारको अपना दूसरे सेटेलाइट को तय समय पर तैयार नहीं कर सका. इसके बाद सुपारको को इसकी लॉन्चिंग रिशिड्यूल करनी पड़ी. फिर यूएस की मदद से 2001 में इसकी लॉन्चिंग हो पाई. इसका नाम पाकसैट-1ई था. पर सेटेलाइट पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ी नाकामयाबी साबित हुई. सुपारको दो सालों में ही इसपर नियंत्रण खो बैठा.

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First published: September 7, 2019, 10:28 AM IST
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