भारत के कुछ क्षेत्रों में कोरोना की दूसरी लहर, AIIMS डायरेक्टर ने बताया कब तक रहेगा वायरस का कहर

भारत के कुछ क्षेत्रों में कोरोना की दूसरी लहर, AIIMS डायरेक्टर ने बताया कब तक रहेगा वायरस का कहर
भारत में कोरोना के मामले 40 लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं.

Some Parts of India Seeing Second Wave of Covid-19 Cases: एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (AIIMS Director Randeep Guleria) ने कहा देश के कुछ हिस्सों में कोरोना की दूसरी लहर भी आ चुकी है. गुलेरिया ने कहा, कुछ महीनों तक देश के रोजाना बढ़ते हुए मामले भी दिख सकते हैं. भारत में 2021 तक कोरोना रह सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 6, 2020, 8:33 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के आंकड़े 40 लाख के पार हो गए हैं. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत कोरोना संक्रमित मरीजों (Corona infected patients) की संख्या में वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर आ गया है. भारत अब सिर्फ अमेरिका से पीछे है. इस बीच एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (AIIMS Director Randeep Guleria) ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में कोरोना की दूसरी लहर भी आ चुकी है. गुलेरिया ने कहा, कुछ महीनों तक देश में रोजाना बढ़ते हुए मामले भी दिख सकते हैं. भारत में 2021 तक कोरोना रह सकता है.

इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान डॉ. गुलेरिया ने कहा, भारत में कुछ महीनों तक इसी तरह से बढ़ते हुए केस देखने को मिलेंगे. हम यह नहीं कर सकते हैं कि 2021 तक कोरोना खत्म हो जाएगा, लेकिन हम ये कह सकते हैं कि केस बढ़ने की बजाय स्थिर हो जाएंगे.

एम्स निदेशक गुलेरिया




भारत में क्यों बढ़ रहे हैं कोरोना के केस?
डॉ. गुलेरिया ने कहा, 'कोरोना संक्रमण पूरे भारत में फैल चुका है. ये सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी दस्तक दे चुका है. भारत की जनसंख्या की वजह से अभी कुछ महीने और इसी तरह के केस मिल सकते हैं. हमारी जनसंख्या के कारण ज्यादा केस हैं, लेकिन 10 लाख केस की बात करें तो ये कम है.'

दिल्ली के अलावा भारत के किन राज्यों में कोरोना की लहर दोबारा दिख रही है, इस पर जवाब देते हुए गुलेरिया ने कहा कि हम कह सकते हैं कि देश के कुछ राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर आ गई है. इसके लिए कई वजहें हैं. एक वजह है कि हमारी टेस्टिंग क्षमता में काफी तेजी से इजाफा हो रहा है. भारत में 10 लाख से ज्यादा टेस्टिंग रोजाना हो रही है. उन्होंने कहा, जिन क्षेत्रों में टेस्टिंग ज्यादा हो रही है वहां पर ज्यादा मामले देखने को मिल रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज