कांग्रेस से आखिर कहां हो रही चूक? सलाहकारों के साथ आज मंथन करेंगी सोनिया गांधी

सोनिया गांधी  (Reuters)
सोनिया गांधी (Reuters)

बिहार चुनाव में साफ दिखा कि कांग्रेस के पारंपरिक वोटबैंक भी क्षेत्रीय दलों के पास खिसक रहे हैं. इस चुनाव असद्दुीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने कांग्रेस के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2020, 10:13 PM IST
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नई दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) में महागठबंधन (Mahagathbandhan) का हिस्सा रही कांग्रेस (Congress) का प्रदर्शन खराब रहने पर अन्य सहयोगी दलों के साथ ही कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी पर निशाना साधा है. सिब्बल ने अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए साक्षात्कार में कहा है कि ऐसा लगता है कि पार्टी नेतृत्व ने शायद हर चुनाव में पराजय को ही अपनी नियति मान लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार ही नहीं, उपचुनावों के नतीजों से भी ऐसा लग रहा है कि देश के लोग कांग्रेस पार्टी को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं.

बिहार के हालिया विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की घटक कांग्रेस सिर्फ 19 सीटों पर सिमट गई, जबकि उसने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के सत्ता से दूर रह जाने का एक प्रमुख कारण कांग्रेस के इस निराशाजनक प्रदर्शन को भी माना जा रहा है.

गहलोत ने की सिब्बल की आलोचना
वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी के आंतरिक मुद्दे का जिक्र मीडिया में करने के लिए सिब्बल की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि सिब्बल को इस तरह से पार्टी के आंतरिक मुद्दे का जिक्र मीडिया में करने की कोई जरूरत नहीं थी और इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत होती हैं.
गहलोत ने मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर कई ट्वीट किए. उन्होंने लिखा है, ‘कपिल सिब्बल द्वारा पार्टी के आंतरिक मुद्दे का जिक्र मीडिया में करने की कोई जरूरत नहीं थी, इससे देश भर में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत होती हैं.'



अब कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एडवाइजरी पैनल की बैठक आहूत की है. इस साल अगस्त में 23 नेताओं के चिट्ठी लिखने के बाद केसी वेणुगोपाल, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, रणदीप सुरजेवाला और एके एंटनी के पैनल को अगस्त में गठित किया गया था. माना जा रहा है कि यह पैनल चुनाव दर चुनाव कांग्रेस की हार और चूक की समीक्षा करेगा.

बिहार चुनाव में देखा गया कि कांग्रेस के पारंपरिक वोटबैंक भी क्षेत्रीय दलों के पास खिसक रहे हैं. इस चुनाव में असद्दुीन ओवैसी की  पार्टी AIMIM ने अच्छा प्रदर्शन किया. अगले साल बंगाल में भी विधानसभा चुनाव हैं. वहां भी पार्टी अभी ही पीछे चल रही है. एक ओर जहां AIMIM का दावा है कि वह बीजेपी और TMC दोनों पर बढ़त बना लेगी वहीं कांग्रेस फिलहाल नदारद दिखाई दे रही है.

माना जा रहा है कि आज होने वाली बैठक में स्पेशल पैनल पार्टी की गुटबाजी और अंदरूनी कलह पर चर्चा कर सकती है. साथ ही इस बात के भी संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव के दिन भी करीब आ रहे हैं ऐसे में सिब्बल का बयान पार्टी में एक नए विवाद को जन्म दे सकता है. (CNN NEWS18 संवाददाता पल्लवी घोष के इनपुट के साथ)
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