कोरोना विस्फोटः सोनिया की मांग, जरूरतमंदों के खाते में 6 हजार जमा करवाए सरकार, टीकाकरण पर कही ये बात

सोनिया गांधी ने कहा कि ये बहुत ही चिंता कि बात है कि जीवनरक्षक दवाएं जैसे रेमडेसिविर और मेडिकल ऑक्सीजन जैसी आधारभूत जरूरतों पर 12 प्रतिशत का जीएसटी लगाया गया है. (File Photo)

सोनिया गांधी ने कहा कि ये बहुत ही चिंता कि बात है कि जीवनरक्षक दवाएं जैसे रेमडेसिविर और मेडिकल ऑक्सीजन जैसी आधारभूत जरूरतों पर 12 प्रतिशत का जीएसटी लगाया गया है. (File Photo)

Sonia Gandhi on Covid-19: कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि रेमडेसिविर और मेडिकल ऑक्सीजन जैसी आधारभूत चीजों पर 12 प्रतिशत का जीएसटी है, यहां तक कि ऑक्सीमीटर और वेंटिलेटर्स पर जीएसटी की दर 20 प्रतिशत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 17, 2021, 8:28 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कोरोना महामारी (Coronavirus) की मौजूदा स्थिति को लेकर शनिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि टीकाकरण के लिए आयुसीमा को घटाकर 25 साल किया जाए तथा अस्थमा, मधुमेह और कुछ अन्य बीमारियों से पीड़ित युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जाए. उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में यह भी कहा कि सरकार को कोरोना से निपटने के लिए जरूरी चिकित्सा उपकरणों और दवाओं को जीएसटी से मुक्त करना चाहिए तथा कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाने पर गरीबों को प्रति माह छह हजार रुपये की मदद देनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि ये बहुत ही चिंता कि बात है कि जीवनरक्षक दवाएं जैसे रेमडेसिविर और मेडिकल ऑक्सीजन जैसी आधारभूत जरूरतों पर 12 प्रतिशत का जीएसटी लगाया गया है, यहां तक कि ऑक्सीमीटर और वेंटिलेटर्स पर जीएसटी की दर 20 प्रतिशत है. सोनिया गांधी ने कहा, "मुझसे बातचीत के दौरान हमारे मुख्यमंत्रियों का मानना था कि वायरस संक्रमण के इलाज और बचाव में उपयोग होने वाली चीजों को जीएसटी के दायरे से मुक्त कर दिया जाना चाहिए." सोनिया ने बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना वायरस संक्रमण के चपेट में आने और रोजाना सैकड़ों लोगों की मौत होने पर दुख जताते हुए कहा कि इस संकट की घड़ी में अपना कर्तव्य निभा रहे स्वास्थ्यकर्मियों एवं दूसरे कर्मचारियों को कांग्रेस सलाम करती है.

'आयुसीमा को घटाकर 25 साल किया जाए'

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कई जगहों पर टीकों, ऑक्सीजन और वेंटिलेंटर की कमी हो रही है, लेकिन सरकार चुप्पी साधे है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सरकार को टीकाकरण के लिए अपनी प्राथमिकता पर पुनर्विचार करना चाहिए और आयुसीमा को घटाकर 25 साल करना चाहिए. अस्थमा, मधुमेह, किडनी और लीवर संबंधी बीमारियों से पीड़ित सभी युवाओं को टीका लगाया जाना चाहिए.’’ उल्लेखनीय है कि टीकाकरण के लिए अभी न्यूतम आयुसीमा 45 साल निर्धारित है.


6.5 करोड़ वैक्सीन की खुराक का निर्यात

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत पहले ही 6.5 करोड़ कोरोना वैक्सीन की खुराक अन्य देशों को निर्यात कर चुका है. लेकिन, देश में कोरोना की संक्रमण दर को देखते हुए क्या वैक्सीन के निर्यात पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए और अपने नागरिकों को प्राथमिकता के आधार टीका लगाया जाना चाहिए. शिकायती लहजे में सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में लाने के बजाय कुछ केंद्रीय मंत्रियों को विपक्षी नेताओं पर हमला करने के लिए लगाया गया है. परिणाम ये हुआ है कि पूरी प्रक्रिया 'मैं बनाम तुम' जैसी बचकानी हरकतों में बदल गई है.
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