सुप्रीम कोर्ट में हो रही थी वैक्सीन पर सुनवाई, तभी अचानक सुनाई देने लगा सोनिया गांधी का कोरोना पर भाषण

सानिया गांधी . (File pic)

सानिया गांधी . (File pic)

कोरोना काल में तमाम मीटिंग सहित सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई तक ऑनलाइन हो रही है. ऐसे में कई बार तकनीकी समस्या के चलते कुछ दिक्कतें आ जाती हैं. ताजा मामला सुप्रीम कोर्ट और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से जुड़ा हुआ है.

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नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण (Coronavirus In India) के बढ़ते मामलों के बीच राजनीतिक संवाद, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की सुनवाई समेत कई मीटिंग्स ऑनलाइन हो रही हैं. इस बीच कई बार तकनीकी समस्या के चलते कुछ दिक्कतें हो जाती हैं. ताजा मामला सुप्रीम कोर्ट और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से जुड़ा हुआ है.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का भाषण सुनाई देने लगा. मिली जानकारी के अनुसार सुनवाई के दौरान तकनीकी दिक्कत आ रही थी. जज और वकीलों के कनेक्शन डिस्कनेक्ट हो रहे थे. इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष का कोरोना पर भाषण सुनाई देने लगा, जिसे सुनते ही सब हंस पड़े.

हुआ कुछ यूं कि अदालत में वैक्सीन की नीति पर सुनवाई शुरू ही होने वाली थी, तभी कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को फोन कर उन्हें कंट्रोल रूम को अनम्यूट करने के लिए कहा. इसके बाद पूर्व वित्त मंत्री और वकील पी चिदंबरम ने भी खुद को अनम्यूट करने के लिए कहा और उसी दौरान सोनिया की आवाज सुनाई देने लगी, जो कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए देश में कोरोना वायरस संक्रमण के हालात पर चर्चा कर रही थीं. इसके बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि इसे बंद करिये.

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अब सुनवाई गुरुवार को होगी

बता दें सुप्रीम कोर्ट में कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित स्वत: संज्ञान लिये गये मामले में तकनीकी गड़बड़ी के कारण सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी. न्यायालय ने कहा कि इस मामले में अब 13 मई को सुनवाई की जाएगी. जस्टिस धनन्जय वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस एस रविन्द्र भट्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा , ‘आज हमारा ‘सर्वर’ काम नहीं कर रहा. हम न्यायाधीशों ने इस पर चर्चा की और मामले की सुनवाई गुरुवार को करने का फैसला किया है.’




इसी सुनवाई के मद्देनजर केंद्र की मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि देश में वैक्सीनेशन के लिए उसकी रणनीति सभी को समान रूप से टीका वितरित करने की है. सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने कहा कि महामारी के इस समय में इन मामलों में 'न्यायिक हस्तक्षेप की सीमा' सीमित है. केंद्र ने वैक्सीन की समान कीमत को लेकर याचिका पर रविवार रात सौंपे गए हलफनामे में कहा कि राज्यों द्वारा अनुरोध किए जाने के बाद 18 वर्ष से 44 वर्ष के बीच टीकाकरण अभियान को मंजूरी दी गई थी. केंद्र ने टीका निर्माताओं को समान कीमतों पर राज्यों को टीके की आपूर्ति के लिए राजी किया.

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