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सोनू सूद ने अवैध निर्माण नोटिस मामले में सुप्रीम कोर्ट की शरण ली

एक्टर सोनू सूद.
एक्टर सोनू सूद.

बालीवुड स्‍टार सोनू सूद ने अब सुप्रीम कोर्ट की शरण ले ली है. यह कदम उन्‍होंने बम्‍बई उच्‍च न्‍यायालय द्वारा उनकी याचिका को खारिज किए जाने के बाद उठाया है. वहीं, बीएमसी का कहना है कि सोनू ने अनुमति लिए बिना ही अपने आवासीय परिसर को होटल में बदल दिया. बीएमसी ने इमारत का निरीक्षण किया था और पाया था कि सूद ने नियमों का कथित तौर पर पालन नहीं किया और पिछले साल अक्टूबर में उन्हें नोटिस दिए जाने के बाद भी अवैध निर्माण जारी था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 23, 2021, 12:38 AM IST
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नई दिल्ली. बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने मुंबई में स्थित अपने आवास में कथित अवैध निर्माण को लेकर उनकी याचिका खारिज किए जाने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. अभिनेता ने मुंबई के जुहू क्षेत्र में स्थित अपनी आवासीय इमारत में कथित अवैध निर्माण को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के एक नोटिस के खिलाफ बम्बई उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी. उच्च न्यायालय ने उनकी अपील को खारिज कर दिया था.

उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने वाले वकील विनीत ढांडा ने बताया कि सूद ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है. सूद के वकील ने गत अक्टूबर में बीएमसी द्वारा जारी नोटिस का अनुपालन करने के लिए 10 सप्ताह का समय मांगा था और उच्च न्यायालय से नगर निकाय को विध्वंस कार्रवाई शुरू नहीं करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था. उच्च न्यायालय ने हालांकि ऐसा करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि अभिनेता के पास पहले पर्याप्त अवसर था और यदि आवश्यक हो, तो वह नगर निकाय से संपर्क कर सकते है. सूद के वकील ने उच्च न्यायालय में कहा था, ‘‘याचिकाकर्ता (सूद) ने इमारत में कोई ऐसा बदलाव नहीं किया है जिसमें बीएमसी से अनुमति की जरूरत हो. केवल वे बदलाव किये गये जिनकी महाराष्ट्र क्षेत्रीय और नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम के तहत अनुमति दी गई है.’’

घर को बिना अनुमति होटल बनाने पर थाने पहुंची थी बीएमसी
बीएमसी के अनुसार बॉलीवुड अभिनेता ने छह मंजिला आवासीय इमारत ‘‘शक्ति सागर’’ में संरचनात्मक बदलाव किये है और आवश्यक अनुमति के बिना उसे एक होटल में बदल दिया है. बीएमसी ने इस महीने के शुरू में जुहू पुलिस थाने में एक शिकायत भी दर्ज की थी जिसमें बिना अनुमति के आवासीय इमारत को एक होटल में कथित तौर पर बदलने के लिए सूद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया था.
बीएमसी ने इमारत का निरीक्षण किया था और पाया था कि सूद ने नियमों का कथित तौर पर पालन नहीं किया और पिछले साल अक्टूबर में उन्हें नोटिस दिए जाने के बाद भी अवैध निर्माण जारी था. इसके बाद पुलिस को शिकायत पत्र भेजा गया था. पुलिस ने अभी मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की है.
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