अर्थव्यवस्था सुधारने 'इमर्जिंग झारखंड' की शुरुआत, दिल्ली के बाद रांची में इन्वेस्टर्स बैठक की तैयारी

झारखंड की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने सोरेन सरकार का 'इमर्जिंग झारखंड' प्लान.

झारखंड की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने सोरेन सरकार का 'इमर्जिंग झारखंड' प्लान.

झारखंड की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने को लेकर सोरेन सरकार ने 'इमर्जिंग झारखंड' का आगाज कर दिया है. अर्थव्यवस्था को फिर समृद्ध बनाने केे लिए सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है. इसके लिए रांची में बड़ी बैठक होगी.

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रांची. झारखंड की अर्थव्यवस्था (Jharkhand Economy) को पटरी पर लाने को लेकर सोरेन सरकार ने 'इमर्जिंग झारखंड' (Emerging Jharkhand) का आगाज कर दिया है. कोरोना काल में संकट में आई राज्य की अर्थव्यवस्था को फिर समृद्ध बनाने केे लिए सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है.  हेमन्त सोरेन सरकार ने इसे धरातल पर उतारने के लिए इंडस्ट्रीज को पिछले दिनों दिल्ली में इन्वेस्टर के साथ बैठक की थी. स्टेक होल्डर्स मीटिंग की अगली कड़ी के रूप में रांची में भी ऐसी ही एक बैठक के आयोजन की तैयारी की जा रही है.

कार्यक्रम में राज्य की उद्योग नीति पर व्यवसायिक घरानों और उनसे जुड़े संगठनों से भी चर्चा होगी. सभी के सहयोग से नई नीति का प्रारूप तय किया जाएगा. बैठक में उद्योगपतियों से निवेश के लिए आग्रह किया जाएगा और उनकी मांगों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश भी होगी.

हालांकि, पिछली उद्योग नीति लैप्स हो चुकी है. इसे फिर से तैयार करने की कवायद के तहत ये सभी आयोजन हो रहे हैं.

उद्योग विभाग के सूत्रों ने बताया कि 12 मार्च को कार्यक्रम आयोजित करने के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी इसके लिए स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. इसके अलावा उद्योग विभाग की ओर से प्रदेश के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों से विभिन्न संगठनों को भी आमंत्रित  किया जाएगा.
बरहलाल तमाम चैंबर ऑफ कॉमर्स, रांची, आदित्यपुर स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज और ऐसे अन्य संगठनों का प्रतिनिधित्व इस बैठक में होगा. इसके अलावा बड़े औद्योगिक घरानों के भी कार्यक्रम में शरीक होने के लिए आमंत्रण भेजा जाएगा. ऐसा करने के पीछे विभाग और सरकार की मंशा स्पष्ट है कि राज्य में निवेश का वातावरण तैयार हो. ताकि इस माहौल में लोगों के लिए रोजगार के अवसर तलाशे जा सकें. अब देखना होगा कि मोमेंटम झारखंड से इमर्जिंग झारखंड कितनी कारगर होगी.
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