बालाकोट के बाद पाकिस्तान में घुसकर युद्ध के लिए तैयार थी भारतीय सेना

भाषा
Updated: August 20, 2019, 7:48 AM IST
बालाकोट के बाद पाकिस्तान में घुसकर युद्ध के लिए तैयार थी भारतीय सेना
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सरकार के प्रमुख लोगों को साफ बता दिया था कि सेना शत्रु की सीमा के भीतर युद्ध लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है.

बालाकोट हमले (Balakot Airstrike) के बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Army Chief Bipin Rawat) ने सरकार को बता दिया था कि सेना पाकिस्तान (Pakistan) के किसी भी जमीनी हमले से निपटने और शत्रु की सीमा के अंदर युद्ध लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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बालाकोट हमले (Balakot Airstrike) के बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Army Chief Bipin Rawat) ने सरकार के प्रमुख लोगों को स्पष्ट रूप से बता दिया था कि सेना पाकिस्तान (Pakistan) द्वारा किए जाने वाले किसी भी जमीनी हमले से निपटने और शत्रु की सीमा के भीतर युद्ध लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. सेना के शीर्ष सूत्रों ने यह जानकारी दी है.

सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना (Indian Army) पाकिस्तान के साथ परंपरागत युद्ध के लिए तैयार थी और इसमें पाकिस्तानी सीमा के अंदर जाना भी शामिल था. पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) के बाद सरकार जब हवाई हमले करने समेत विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही थी तब सेना प्रमुख ने सरकार को अपने बल की तैयारियों के बारे में बताया था.

'पाकिस्तानी सीमा में घुसकर भी युद्ध के लिए तैयार थी भारतीय सेना'
सूत्रों ने बताया है कि जनरल रावत (Army Chief Bipin Rawat) ने सेवानिवृत्त हो रहे सैन्य अधिकारियों के एक समूह से बंद कमरे में बातचीत के दौरान सोमवार को कहा कि बालाकोट हमले के बाद भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना द्वारा की जाने वाली किसी आक्रामकता से निपटने के लिए हर तरह से तैयार है.

जनरल रावत की टिप्पणी की व्याख्या करते हुए सेना के एक अधिकारी ने कहा कि सेना प्रमुख यह कहना चाह रहे थे कि सेना युद्ध को पाकिस्तानी सीमा में ले जाने के लिए तैयार थी. सूत्रों ने कहा कि सितंबर 2016 में उरी आतंकी हमले (Uri Terror Attack) के बाद भारतीय सेना ने 11 हजार करोड़ रुपये के आयुध खरीद अनुबंधों को अंतिम रूप दिया था और उसे इसमें से 95 फीसद मिल भी चुके हैं.

बालाकोट के समय भारत-पाकिस्तान के बीच हो गई थी गहमा-गहमी
पुलवामा हमले (Pulwama Terror Attack) के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान की सीमा में बालाकोट के निकट जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के सबसे बड़े आतंकी प्रशिक्षण केंद्र पर बमबारी की थी. पाकिस्तान ने इसके पलटवार में भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन वायुसेना ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया था.
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First published: August 19, 2019, 10:12 PM IST
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