लाइव टीवी

सरकार के एजेंडे में अगला बिल सीएबी, बुधवार को मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी

News18Hindi
Updated: December 3, 2019, 7:53 PM IST
सरकार के एजेंडे में अगला बिल सीएबी, बुधवार को मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी
असम सहित उत्तर-पूर्व के कई राज्यों में इस बिल का विरोध हो रहा है (फाइल फोटो)

इस नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) के मुताबिक नागरिकता कानून, 1955 (Citizenship Act, 1955) में संशोधन किया जाना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2019, 7:53 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट (Central Cabinet) की मीटिंग बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे संसद के एनेक्सी (Parliament Annexe) में होनी है. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय कैबिनेट की इस बैठक में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill, सीएबी) पारित हो सकता है.

इस नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) के मुताबिक नागरिकता कानून, 1955 (Citizenship Act, 1955) में संशोधन किया जाना है.

गैर मुस्लिम प्रवासियों को देश में 6 साल गुजारने पर ही मिल जाएगी नागरिकता
इस नागरिकता संशोधन विधेयक से पाकिस्तान (Pakistan), अफगानिस्तान (Afghanistan) और बांग्लादेश (Bangladesh) से आए गैर मुस्लिम धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दिए जाने की बात कही गई है. इस बिल के कानून बन जाने के बाद अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को 12 साल के बजाए 6 साल गुजारने पर ही भारतीय नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा.

हालांकि नागरिकता (Citizenship) मिलने से पहले उन्हें अपनी पहचान को लेकर उचित दस्तावेज पेश करने होंगे. ऐसे में पूर्वोत्तर के कई राज्य इस बिल के विरोध में भी देखे गए थे, जिनका मानना था कि इससे उनकी सांस्कृतिक, भाषाई और पारंपरिक विरासत के साथ खिलवाड़ होगा.

31 हजार प्रवासियों को हो सकता है सीधा फायदा
असम (Assam) समेत पूर्वोत्तर के तमाम राज्यों में इस बिल का विरोध हो रहा है. सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल (नागरिकता संशोधन) के विरोध की वजह इससे बांग्लादेशियों और पाकिस्तानियों को होने वाले फायदे को बताया जा रहा है.एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बिल से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए 31 हजार से ज्यादा प्रवासियों को सीधा फायदा मिलता नज़र आ रहा है. इस बिल से उन लोगों को फायदा होगा, जिन्हें सरकार ने ही लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) दिया हुआ है.

पिछली सरकार में भी आया था बिल
पिछली सरकार में यह बिल 15 जुलाई 2016 को पेश हुआ था. जबकि 1955 नागरिकता अधिनियम के अनुसार, बिना किसी प्रमाणित पासपोर्ट, वैध दस्तावेज के बिना या फिर वीजा परमिट (Visa Permit) से ज्यादा दिन तक भारत में रहने वाले लोगों को अवैध प्रवासी माना जाएगा.

यह भी पढ़ें: SPG बिल राज्यसभा में पास: अमित शाह बोले- परिवार के लिए बिल नहीं लाए

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 3, 2019, 6:32 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर