वाराणसी: पूरे घर को ही बना दिया गौरैया का घोंसला, PM मोदी ने 'मन की बात' में की तारीफ

गौरैया चिडिय़ों के संरक्षण के लिए घर को घोंसला बना दिया.

गौरैया चिडिय़ों के संरक्षण के लिए घर को घोंसला बना दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के श्रीनगर कॉलोनी में स्थित उस मकान का जिक्र किया जिसे चिडिय़ों का घरौंदा बना दिया गया है. इसके मालिक इंद्रपाल सिंह बत्रा ने इसे गौरैया के हवाले कर दिया. वे अब चिडिय़ों के यहां रहने से लेकर उनके दाना पानी का पूरा इंतजाम करते हैं.

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वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) मन की बात ( Mann Ki Baat ) में काशी के ऐसे व्यक्ति का नाम लिया है जिसने अपने घर को ही घोंसला बना दिया है. यह मकान काफी चर्चा में रहता है. यह पीएम मोदी के 'मन की बात' में शामिल होते ही एक बार फिर नाम चर्चा में आ गया है.  वाराणसी के श्रीनगर कॉलोनी में स्थित यह मकान और इसकी दीवारें चिडिय़ों का घरौंदा है. इसके मालिक इंद्रपाल सिंह बत्रा ( Indrapal Singh Batra ) ने इसे गौरैया ( sparrow) के हवाले कर दिया. वे अब चिडिय़ों के यहां रहने से लेकर उनके दाना पानी का पूरा इंतजाम करते हैं.

शहरों की भीड़भाड़ और शोर ने चिडिय़ों की स्वतंत्रता में दखल दिया है. वहीं, वाराणसी का यह मकान काफी चर्चा में रहता है. पूरे मकान को चिडिय़ों का घोंसला बना दिया गया है. यहां एक-एक फीट की दूरी पर बनाए गए घोंसले चिडिय़ों का आवास बने हुए हैं. खास बात यह है कि इस मकान में चिडिय़ों का पूरा समूह रहता है. अलग-अलग घरों में यह अपना आसरा बनाकर चहकती रहती हैं.  इनके लिए यहां सारी व्यवस्थाएं की गई हैं. पीने के लिए पानी तो खाने के लिए दानों का प्रबंध हर रोज बत्रा परिवार खुद करता है. घर के बाहरी दीवार से लेकर अंदरूनी दीवारों तक घोंसले बने हुए हैं.

इंद्रपाल सिंह बत्रा ने गौरैयों का ये पालन पोषण लगभग 15 साल पहले शुरू किया. उनका कहना है कि चिडिय़ों के विलुप्त होने की बात इधर 8 से 9 सालों से हो रही है, लेकिन उन्हें 15 साल पहले ही इसका आभास हो गया था. तभी से उन्होंने चिडिय़ों को अपने घर में आसरा देना शुरू कर दिया. उन्होंने घर में 150 घोंसले बनाए हैं.

मन की बात में जिक्र होते ही परिवार को मिली खुशी
जब पीएम मोदी ने मन की बात में इंद्रपाल सिंह के इस प्रयास की सराहना की तो बत्रा जी के साथ इनका पूरा परिवार खुश है. बत्रा की पत्नी सोनिया सिंह का कहना है कि शुरुआत में मैं इनके इस काम से इन्हें डांटती थी, लेकिन फिर इनके साथ पूरा परिवार हो गया. सभी लोग मिलकर चिडिय़ों का संरक्षण करने लगा. जब पीएम मोदी ने हमलोगों का नाम लिया तो परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है. हमारी मेहनत सफल हुई है.

बत्रा परिवार पेशे से कैटरिंग का कारोबार करता है. कई मौके ऐसे होते हैं जब बत्रा घर पर नहीं होते हैं, लेकिन इनके परिवार की मेहनत के कारण इनके घर में सैकड़ों की संख्या में चिडिय़ों ने अपना ठिकाना बना लिया है. बत्रा परिवार की ये मेहनत चिडिय़ों के संरक्षण का संदेश देती है.
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