चिदंबरम को नहीं मिली राहत, अदालत ने 2 सितंबर तक बढ़ाई सीबीआई रिमांड

CBI की विशेष अदालत ने 2 सितंबर तक पी चिदंबरम (P Chidambaram) की रिमांड अवधि बढ़ा दी है.


Updated: August 30, 2019, 5:20 PM IST
चिदंबरम को नहीं मिली राहत, अदालत ने 2 सितंबर तक बढ़ाई सीबीआई रिमांड
CBI की विशेष अदालत ने 2 सितंबर तक पी चिदंबरम (P Chidambaram) की रिमांड अवधि बढ़ा दी है.

Updated: August 30, 2019, 5:20 PM IST
INX Media Case में दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) की हिरासत अवधि (Custody) तीन दिन के लिए बढ़ा दी. वह दो सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में रहेंगे. सीबीआई ने इस मामले में अदालत से हिरासत अवधि पांच दिन के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया था.

चिदंबरम को उनकी चार दिनों की सीबीआई हिरासत समाप्त होने के बाद विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ के समक्ष पेश किया गया. चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन उन्हें अदालत में पेश किया गया था. उसके बाद से वह सीबीआई हिरासत में हैं. विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने हिरासत अवधि बढ़ाने का आदेश पारित किया.

21 अगस्त की रात चिदंबरम को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनसे आठ दिन हिरासत में पूछताछ की जा चुकी है. चिदंबरम के पुत्र कार्ति भी अदालत में मौजूद थे.

सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सालिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने कहा कि चिदंबरम से आंशिक रूप से पूछताछ की गई है और उन्हें दस्तावेज दिखाने हैं. जज ने सीबीआई से सवाल किया कि उसे क्यों चिदंरबम से पांच दिन और पूछताछ करने की जरूरत है. उन्होंने केस डायरी भी दिखाने को कहा.

पांच-पांच दिन की रिमांड क्यों?
जब एएसजी ने उनसे कहा कि काफी दस्तावेज हैं तो जज ने कहा, 'आप दस्तावेजों की संख्या से अवगत थे, आपने पहली बार सिर्फ पांच दिनों की हिरासत अवधि की ही क्यों मांग की, दूसरी बार भी आपने सिर्फ पांच दिन ही मांगा. यह रुख क्यों.'

नटराज ने जवाब दिया कि यह इस बात पर निर्भर था कि चिदंबरम सवालों का जवाब किस प्रकार देते हैं. जज ने केस डायरी पर गौर करने के बाद कहा कि आपने हिरासत में पूछताछ के लिए जो आधार दिया है, वह अस्पष्ट है. अदालत ने कहा कि सीबीआई को हिरासत में पूछताछ के लिए पहली बार में ही 15 दिनों की मांग करनी चाहिए थी.
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CBI ने दर्ज किया था मामला
केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने 15 मई, 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की जिसमें आरोप लगाया गया था कि आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेश से 305 करोड़ का निवेश प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड की मंजूरी देने में अनियमितताएं की गईं. यह मंजूरी उस वक्त दी गई थी जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे. इसके बाद, 2017 में ही प्रवर्तन निदेशालय ने चिदंबरम के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया.

इससे पहले खबर आई थी कि आज सीबीआई चिदंबरम की हिरासत को और बढ़ाने पर जोर नहीं डालेगी. ऐसे में अगर उनका रिमांड नहीं बढ़ाया जाता है, तो फिर उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल जाना पड़ सकता है. लिहाजा चिदंबरम ने खुद रिमांड बढ़ाने की पेशकश की थी.

(भाषा इनपुट के साथ)

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First published: August 30, 2019, 3:57 PM IST
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