प्रज्ञा ठाकुर समेत मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी हफ्ते में एक बार पेश हों: NIA कोर्ट

मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट मामले के सभी आरोपियों को हफ्ते में एक बार अदालत में पेश होने के निर्देश दिए है.

News18Hindi
Updated: May 17, 2019, 1:37 PM IST
प्रज्ञा ठाकुर समेत मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी हफ्ते में एक बार पेश हों: NIA कोर्ट
मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट मामले के सभी आरोपियों को हफ्ते में एक बार अदालत में पेश होने के निर्देश दिए है.
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Updated: May 17, 2019, 1:37 PM IST
मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट मामले के सभी आरोपियों को हफ्ते में एक बार अदालत में पेश होने का आदेश दिया है. अदालत ने शुक्रवार को प्रज्ञा ठाकुर, ले. कर्नल प्रसाद पुरोहित और दूसरे आरोपियों को ये आदेश दिया. कोर्ट ने आरोपियों के कोर्ट में पेश न होने पर नाराज़गी भी ज़ाहिर की है. इस मामले में अगली सुनवाई 20 मई को होगी.

साल 2008 में हुए मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी ने 23 अप्रैल को स्पष्ट किया था कि आरोपी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं, जिनके आधार पर उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जा सके. बता दें प्रज्ञा ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा है.



मालेगांव, महाराष्ट्र के ज़िले नासिक का गांव है. इसके भीकू चौक पर नूरजी मस्जिद के पास 29 सितंबर, 2008 को ये ब्लास्ट तब हुआ, जब लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे. ये बम एक मोटरसाइकिल में रखा था. धमाके के पीछे कट्टरपंथी हिंदू संगठनों का हाथ होने की बात सामने आई थी. जिसकी शुरुआती जांच महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते एटीसी (जांच एजेंसी) ने की थी. धमाकों में सात लोग मारे गए थे और करीब 80 लोग घायल हुए थे.

मालेगांव ब्लास्ट 2008 के मुख्य आरोपी के तौर पर 4 और कुल 7 लोगों का नाम सामने आया था. चार मुख्य आरोपी थे- साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय और स्वामी दयानंद पांडे.

धमाकों की शुरुआती जांच महाराष्ट्र ATS की तरफ से करने के बाद उसपर यूपीपीए की धारा लगाई गई थी. फिर यह केस NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी) को सौंप दिया गया था. जिसके बाद इस मामले में कर्नल पुरोहित और साध्वी समेत कुल 7 आरोपियों पर आतंकी साजिश रचने के आरोप तय हुआ था. ATS ने जांच में पाया कि इसके आरोपियों के तार 2006 मालेगांव ब्लास्ट से भी जुड़े थे.

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