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धीमी है कोविड टीकाकरण की रफ्तार! जानिए क्या है अभियान की सबसे बड़ी चुनौती

1 अप्रैल से नई गाइडलाइन और नए आयु वर्ग के साथ कोरोना वायरस वैक्सिनेशन अभियान देश भर में चलेगा. (सांकेतिक तस्वीर)

1 अप्रैल से नई गाइडलाइन और नए आयु वर्ग के साथ कोरोना वायरस वैक्सिनेशन अभियान देश भर में चलेगा. (सांकेतिक तस्वीर)

Vaccine Update: सरकारी सूत्रों के मुताबिक अगर तय लक्ष्य के मुताबिक ही टीकाकरण अभियान (Vaccine Campaign) चलता रहता तो 67 दिनों में 5 करोड़ से ज्यादा टीके भारत के लोगों को लग गए होते.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 9:43 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना टीकाकरण (Covid Vaccination) अभियान शुरू हो चुका है और 23 मार्च तक देशभर मे 5 करोड़ से ज्यादा टीके लग चुके हैं. अलग-अलग एजेंसियां अपने स्तर पर भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान का आंकलन कर रही हैं. टीकाकरण की धीमी रफ्तार सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आ रही है. इसका नतीजा यह है कि तय समय सीमा में काम नहीं हो पा रहा है. भारत सरकार (Government of India) के 2 बड़े मंत्रालय ने टीकाकरण लेकर अपनी चिंता जाहिर की है.

सबसे पहले बात करते हैं गृह मंत्रालय की जिसने 30 अप्रैल तक के लिए एक बार फिर अपनी गाइडलाइंस जारी की कि कैसे कोरोना को लेकर देशभर में नियम का पालन किया जाना चाहिए. हालांकि, इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया लेकिन टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की बात का प्रमुखता से जिक्र किया गया था.

गृह मंत्रालय ने अपने दिशानिर्देशों में सारे राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को साफ तौर पर यह निर्देश दिया है कि कुछ राज्यों से शिकायत आ रही है कि टीकाकरण अभियान की रफ्तार बहुत ज्यादा धीमी है और इसमें तेजी लाने की जरूरत है. कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए टीकाकरण अभियान का लक्ष्य निर्धारित समय में ही पूरा होना चाहिए.



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दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्रालय ने की थोड़ी देर बाद ही सारे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखते हुए टीकाकरण अभियान में तेजी लाने को कहा. गौरतलब है कि कैबिनेट ने अपनी बैठक में अब 45 साल से ऊपर किसी भी शख्स को कोरोना वैक्सीन लेने की इजाजत दी थी, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात का भी जिक्र किया और वैक्सीन अभियाान में तेजी लाने को भी कहा. सरकारी सूत्रों के मुताबिक अगर तय लक्ष्य के मुताबिक ही टीकाकरण अभियान चलता रहता तो 67 दिनों में 5 करोड़ से ज्यादा टीके भारत के लोगों को लग गए होते.

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का मानना है टीकाकरण अभियान अलग-अलग देशों में वहां की परिस्थितियों के मुताबिक चलता है, जहां तक भारत का सवाल है तो आबादी बहुत ज्यादा है ऐसे में वैक्सीनेशन सेंटर जिस भी जगह को बनाया गया है वहां पर पूरी क्षमता के साथ लोगों को वैक्सीन दी जानी चाहिए.
बहरहाल 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन और नए आयु वर्ग के साथ कोरोना वायरस वैक्सिनेशन अभियान देश भर में चलेगा. भारत सरकार के नुमाइंदों को उम्मीद है की वैक्सीनेशन की रफ्तार जहां-जहां कम पड़ी है वह इस नए माहौल में तेजी पकड़ेगी और निर्धारित किए गए लक्ष्य जल्द हासिल होंगे.
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