प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इन तीन नेताओं की सुरक्षा करती है SPG

भाषा
Updated: August 26, 2019, 10:28 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इन तीन नेताओं की सुरक्षा करती है SPG
प्रधानमंत्री (Prime Minister), पूर्व प्रधानमंत्रियों (Ex- Prime Minister) और उनके परिवारों के सदस्यों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group) पर अब सिर्फ चार लोगों की सुरक्षा का जिम्मा है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. इस बल में करीब 3000 कर्मी हैं.

प्रधानमंत्री (Prime Minister), पूर्व प्रधानमंत्रियों (Ex- Prime Minister) और उनके परिवारों के सदस्यों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group) पर अब सिर्फ चार लोगों की सुरक्षा का जिम्मा है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. इस बल में करीब 3000 कर्मी हैं.

  • Share this:
प्रधानमंत्री (Prime Minister), पूर्व प्रधानमंत्रियों (Ex- Prime Minister) और उनके परिवारों के सदस्यों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group) पर अब सिर्फ चार लोगों की सुरक्षा का जिम्मा है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. इस बल में करीब 3000 कर्मी हैं. बल में कर्मियों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से प्रतिनियुक्ति पर होती है. एसपीजी काफी प्रशिक्षित इकाई है और यह सभी आधुनिक उपकरणों, वाहनों से लैस है.

एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि एसपीजी (SPG) अपने 3,000 कमांडो के साथ अब सिर्फ चार लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है. इन लोगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके दो बच्चों- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं. सरकार ने सोमवार को पुष्टि की कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दी गई एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली गई है. लेकिन उन्हें 'जेड-प्लस' सुरक्षा मिलती रहेगी.

एसपीजी की वेबसाइट के अनुसार उच्च नेतृत्व व्यावसायिकता तथा निकटवर्ती सुरक्षा प्रदान करना बल के अधिकारियों के अंतर्निहित गुण हैं. इन अधिकारियों को चुनौतियों का आगे बढ़कर मुकाबला करने के नैसर्गिक गुण को आत्मसात करना सिखाया जाता है.

बल ऐसा कर पाने में इसलिए भी सफल रहा है क्योंकि उसने ना केवल अपनी कार्यप्रणाली में अभिनव प्रयोग किए हैं बल्कि आईबी, राज्य और केंद्रशासित बलों के साथ समग्र सुरक्षा व्यवस्था को अपनाया है.

इस टीम का अनूठा है प्रोटोकॉल
अपने अधिकारियों के उच्च नेतृत्व गुण तथा बुद्धिमत्ता के कारण ही संभव हुआ है कि बल सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को अचूक तथा त्रुटिहीन सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. इस बल में अनूठा सुरक्षा प्रोटोकॉल है और हर बार जब सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के यात्रा करने की उम्मीद होती है तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई छोटी टीमें बनाई जाती हैं.

एजेंसी के अधिकारी पहले ही उस स्थल पर जाते हैं और वीवीआईपी के आगमन से लगभग 24 घंटे पहले जगह को सुरक्षित बनाते हैं.
Loading...

इंदिरा की हत्या के बाद हुआ था गठन 
एसपीजी यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप का गठन 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद किया गया था. इसके लिए संसद ने 1988 में इसे लेकर एसपीजी एक्ट पास किया था. उस वक्त ये व्यवस्था की गई कि सिर्फ प्रधानमंत्री और उनके परिवार को ही एसपीजी की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी, न कि किसी और को. उस वक्त ये बहस चली थी कि एसपीजी के दायरे में पूर्व प्रधानमंत्रियों को लाया जाए.

ये भी पढ़ें-

जानें पूर्व प्रधानमंत्रियों को कब तक मिलती हैं कौन सी सुविधा
एसपीजी सुरक्षा हटने के बाद हो गई थी राजीव गांधी की हत्या

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 26, 2019, 9:18 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...