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सिर्फ इंसान ही नहीं ये जीव भी देखते हैं सपने, रिसर्च में खुलासा, जानिए सबकुछ

सिर्फ इंसान ही नहीं ये जीव भी देखते हैं सपने, रिसर्च में खुलासा, जानिए सबकुछ

वैज्ञानिकों को इस बात के प्रमाण मिले हैं कि स्पाइडर पहले की कल्पना से कहीं अधिक इंसानों की तरह हो सकते हैं. (फोटो flickr/ Lukas Jonaitis)

वैज्ञानिकों को इस बात के प्रमाण मिले हैं कि स्पाइडर पहले की कल्पना से कहीं अधिक इंसानों की तरह हो सकते हैं. (फोटो flickr/ Lukas Jonaitis)

Science News: वैज्ञानिकों को इस बात के प्रमाण मिले हैं कि स्पाइडर पहले की कल्पना से कहीं अधिक इंसानों की तरह हो सकते हैं. जब वे झपकी ले रहे होते हैं या सो रहे होते हैं तो वे न केवल आराम कर रहे होते हैं, बल्कि शायद सपने भी देख रहे होते हैं.

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हाइलाइट्स

जब स्पाइडर झपकी ले रहे होतो हैं या सो रहे होतो हैं तो वे न केवल आराम कर रहे होते हैं, बल्कि शायद सपने भी देख रहे होते हैं.
वैज्ञानिकों ने इन्फ्रारेड कैमरों के साथ बेबी जंपिंग स्पाइडर (एवरचा आर्कुआटा) को रिकॉर्ड किया.
कूदने वाले स्पाइडर की आठ आंखें उनके सिर पर टिकी होती हैं.

नई दिल्ली. इंसान जब सोते हैं तो कई तरह के सपने देखते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि इंसानों की तरह ही कोई और भी सपना देख सकता है? वैज्ञानिकों को इस बात के प्रमाण मिले हैं कि स्पाइडर पहले की कल्पना से कहीं अधिक इंसानों की तरह हो सकते हैं. जब वे झपकी ले रहे होते हैं या सो रहे होते हैं तो वे न केवल आराम कर रहे होते हैं, बल्कि शायद सपने भी देख रहे होते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक डेनिएला सी. रोस्लर, जर्मनी में यूनिवर्सिटी ऑफ कोस्तान्ज़ो के एक व्यावहारिक पारिस्थितिकीविद (Ecologist) हैं. उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ रात भर इन्फ्रारेड कैमरों के साथ बेबी जंपिंग स्पाइडर (एवरचा आर्कुआटा) को रिकॉर्ड किया. रिकॉर्ड करने के बाद उन्होंने पाया कि स्पाइडर ने ऐसी लक्षणों का प्रदर्शन किया, जो मानव नींद चक्रों के समान थी. इन लक्षणों में लेगकर्लिंग, शरीर को झटके से खींचना और आंखों की गति शामिल है.

शोधकर्ताओं ने 8 अगस्त को संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की पत्रिका में प्रकाशित अपने रिसर्च में यह दावा किया है कि कूदने वाले स्पाइडर को ‘REM नींद जैसी स्थिति’ का अनुभव होता है, जिससे मनुष्य और अन्य कशेरुकाएं (Vertebrae) गुजरती हैं. आरईएम या रैपिड आई मूवमेंट स्लीप को आंखों के हिलने और मस्तिष्क की गतिविधि में वृद्धि की विशेषता के रूप में देखा जाता है.

इसमें शरीर की मांसपेशियां शक्तिहीन होने लगती हैं, यह शरीर की अधिकांश गतिविधियों को दबा देती है, लेकिन अंगों को थोड़ा फड़फड़ाने देती है. ये वो दौर है, जिसमें ज्यादातर लोग सपने देखते हैं. माना जाता है कि यह लर्निंग और मेमोरी रिटेंशन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. आरईएम नींद का सबसे अधिक ध्यान देने योग्य संकेत आंखों की गति है. लेकिन शोधकर्ताओं के लिए यह निर्धारित करना मुश्किल है कि यह जानवरों के साम्राज्य में कितना व्यापक है, क्योंकि कीड़े और अधिकांश स्थलीय आर्थ्रोपोड में आंखों की गति कम होती है.

वहीं जंपिंग स्पाइडर की आठ आंखें उनके सिर पर टिकी होती हैं. उनके पास लंबी ट्यूब होती है जो उनके रेटिना को उनकी मुख्य आंखों के पीछे घूमने की अनुमति देती है. और यही स्थिति वैज्ञानिकों को अंदर देखने और रेटिना ट्यूबों का निरीक्षण करने की अनुमति देता है. वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि आरईएम नींद के दौरान होने वाली आंखों की गतिविधियां स्वप्न अनुक्रमों को दर्शाती है.

Tags: Animals, Research, Science

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