तांत्रिक चंद्रास्‍वामी का 66 साल की उम्र में निधन

तांत्रिक चंद्रास्‍वामी का 66 साल की उम्र में निधन
File photo PTI

90 के दशक में प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्‍हाराव के कार्यकाल के दौरान अचानक सुर्खियों में आए तांत्रिक चंद्रास्‍वामी का मंगलवार को 66 साल की उम्र में निधन हो गया.

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90 के दशक में प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्‍हाराव के कार्यकाल के दौरान अचानक सुर्खियों में आए तांत्रिक चंद्रास्‍वामी का मंगलवार को 66 साल की उम्र में निधन हो गया. वो पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे.

1948 में जन्‍मे चंद्रास्‍वामी का असली नाम नेमिचंद था. जैन समुदाय से ताल्‍लुक रखने वाले नेमिचंद बचपन में ही पिता के साथ हैदराबाद चले गए.

चंद्रास्‍वामी पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्‍हाराव के आध्‍यात्मिक गुरु थे. 1991 में जब पीवी नरसिम्‍हाराव देश के प्रधानमंत्री बने तो उसके तत्‍काल बाद चंद्रास्‍वामी ने दिल्‍ली में एक आश्रम बनाया. माना जाता था कि इस आश्रम की ज़मीन इंदिरा गांधी ने दी थी.



वैसे तो बड़े-बड़े नेताओं से लेकर अभिनेताओं तक तांत्रिक चंद्रास्‍वामी के भक्‍तों की लंबी फेहरिस्‍त थी, लेकिन इनमें एक प्रमुख नाम ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का भी था.
इस संबंध में पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अपनी किताब 'वॉकिंग विद लायन्‍स-टेल्‍स फ्रॉम अ डिप्‍लोमेटिक पास्‍ट' में लिखा है कि उनके माध्‍यम से 1975 में चंद्रास्‍वामी ब्रिटेन में मार्गरेट थैचर से मिले थे और उस मुलाकात में ही ये घोषणा कर दी थी कि वो अगले तीन-चार साल में प्रधानमंत्री बनेंगी और ये बात सही साबित हुई.

चंद्रास्‍वामी का विवादों से भी नाता रहा.  उनका नाम पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड की जांच में सामने आया.

हत्याकांड पर अपनी रिपोर्ट में जैन आयोग ने मामले में उनकी संलिप्तता पर एक खंड दिया था.

वहीं लंदन के बिजनेसमैन से एक लाख डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में 1996 में उनको जेल भी जाना पड़ा. उनके ऊपर विदेशी मुद्रा उल्‍लंघन यानी फेमा के कई मामले भी चले.

फॉरेन एक्सचेंज से जुड़े कई वित्तीय मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने उनपर पेनाल्टी भी लगाई थी.
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