राहत: कोरोना वैक्सीन 'स्पूतनिक वी' अगले माह ही आ सकती है भारत, देश में भी जल्द शुरू होगा बनना

स्पुतनिक V

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Sputnik v Coronavirus Vaccine in India: स्पूतनिक V दो खुराक का टीका है. पहली खुराक लेने के बाद 21वें दिन दूसरी खुराक लेनी होगी. टीका लेने के 28वें और 42वें दिन के बीच शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 5:16 PM IST
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हैदराबाद. भारत में कोरोना वायरस रोधी वैक्सीन स्पूतनिक वी (Sputnik V) के आपात इस्तेमाल को बीते 12 अप्रैल को मंजूरी मिल चुकी है. डॉ. रेड्डीज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक सापरा (एपीआई और सर्विसेज) ने बुधवार को कहा कि भारत में यह टीका चालू तिमाही (अप्रैल-जून) में रूस के माध्यम से उपलब्ध होगा, जबकि देश में इसका निर्माण दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में शुरू होगा.



कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना वायरस से लड़ रहे भारत में स्पूतनिक वी वैक्सीन (Sputnik V Vaccine) के अगले माह से ही उपलब्ध होने की संभावना है. वहीं, रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) ने 13 अप्रैल को कहा कि उसे गर्मियों के इस मौसम में भारत में स्पूतनिक वी (Sputnik V) टीके की पांच करोड़ खुराकें उत्पादित किए जाने की उम्मीद है.



आरडीआईएफ के सीईओ किरील दमित्रेव ने हैदराबाद में आयोजित एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रूस की कंपनी की पांच दवा कंपनियों के साथ समझौते के अलावा उत्पादन के लिए वे कुछ और कंपनियों के साथ समझौता करना चाहते हैं. दमित्रेव ने कहा, "हम मानते हैं कि स्पूतनिक वी (Sputnik V) भारत-रूसी टीका है क्योंकि स्पूतनिक वी (Sputnik V) का बड़े पैमाने पर उत्पादन भारत में किया जाएगा." उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि गर्मियों में (कुछ महीने के अंदर) पांच करोड़ से अधिक टीके प्रति महीने भारत में बनाए जाएंगे. यह हमारी योजना है."



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दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज और आरडीआईएफ ने स्पूतनिक वी (Sputnik V) के क्लीनिकल परीक्षण के लिए सितंबर 2020 में समझौता किया था. आरडीआईएफ द्वारा रूस में किए गए परीक्षणों के अलावा, डॉ. रेड्डीज ने भारत में वैक्सीन के चरण दो और तीन के नैदानिक ​​परीक्षण किए हैं. इसके साथ ही भारत में दस करोड़ टीका वितरण का भी कंपनी के साथ समझौता हुआ था. बाद में इस संख्या को बढ़ाकर 12.5 करोड़ कर दिया गया.



स्पूतनिक वी (Sputnik V) दो खुराक का टीका है. पहली खुराक लेने के बाद 21वें दिन दूसरी खुराक लेनी होगी. टीका लेने के 28वें और 42वें दिन के बीच शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाएगी. स्पूतनिक वी (Sputnik V) का विकास गामेलेया नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इपिडेमोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने किया है.



स्पूतनिक वी टीके को 2-8 डिग्री सेंटीग्रेड में रखने के असर पर हो रहा है अध्ययन



डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज ने बुधवार को कहा कि वह रूस की कोविड-19 रोधी टीके स्पूतनिक वी (Sputnik V) को 2 से 8 डिग्री सेंटीग्रेड की स्थिति में रखने पर उसकी स्थिरता से जुड़े और आंकड़े जुटा रही है. इस टीके का भंडारण शून्य से नीचे 18 डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान पर किया जाता है. डॉ. रेड्डीज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक सापरा ने हैदराबाद में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि टीके का आयात जमी हुई स्थिति (फ्रोजेन) में रसियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) से किया जाएगा और इसे शून्य से नीचे 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड में रखने की आवश्यकता होगी. टीके को देने से पहले उसे 15 से 20 मिनट बाहर रखा जाएगा. सापरा ने कहा कि उत्पादन को शून्य से नीचे 18 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर रखने के अलावा हम 2 से 8 डिग्री सेंटीग्रेड पर स्थिरता के अतिरिक्त आंकड़े सृजित करने की प्रक्रिया में हैं.



(इनपुट भाषा से भी)


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