अगले सप्ताह बाजार में स्पूतनिक, जानें कोविशील्ड, कोवैक्सीन और रूसी टीके में कौन-कितनी प्रभावी

रूसी वैक्सीन Sputnik V(फाइल फोटो)

रूसी वैक्सीन Sputnik V(फाइल फोटो)

नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके. पॉल (Dr. VK Paul) ने बताया-हम आशा करते हैं कि अगले हफ्ते तक स्पूतनिक (Sputnik-V) भारतीय बाजार में आ जाएगी. भारत में इस वैक्सीन का उत्पादन फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डी करेगी.

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नई दिल्ली. रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-V (Sputnik-V) अगले हफ्ते से भारतीय बाजार में मौजूद होगी. 14 मई यानी कल देश में स्पूतनिक की दूसरी खेप आ जाएगी. इससे पहले एक मई को डेढ़ लाख वैक्सीन डोज की पहली खेप भारत में आई थी. नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके. पॉल ने बताया-हम आशा करते हैं कि अगले हफ्ते तक स्पूतनिक भारतीय बाजार में आ जाएगी. भारत में इस वैक्सीन का उत्पादन फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डी करेगी.

स्पूतनिक भारत में तीसरी वैक्सीन होगी. इससे पहले 16 जनवरी से देश में शुरू हुए वैक्सीनेशन कार्यक्रम के दौरान अब तक सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का इस्तेमाल किया जाता रहा है. इनमें भी कोविशील्ड का प्रतिशत ज्यादा रहा है. अब स्पूतनिक-V भी आ गई है.

किस वैक्सीन एफिकेसी रेट है सबसे ज्यादा

स्पूतनिक -V ने तीसरे फेज के ट्रायल में मजबूत प्रतिरोधक क्षमता दिखाई है. नतीजों में 91.6% एफिकेसी रेट सामने आया है. वहीं कोविशील्ड की एफिकेसी रेट करीब 70 फीसदी है और दूसरे डोज के बाद यह 90 फीसदी तक जा सकता है. भारत की स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन का तीसरे फेज के ट्रायल में एफिकेसी रेट 81 फीसदी रहा था.
तीनों वैक्सीन हैं प्रभावी, किसी का भी डोज लिया जा सकता है

हालांकि वैक्सीन के एफिकेसी रेट को ही प्रभावशीलता का एकमात्र पैमाना नहीं माना जाता. भारत में अब तक एक्सपर्ट्स और सरकारें जोर देकर कहती रही हैं कोविशील्ड या कोवैक्सीन में से किसी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. दोनों ही वैक्सीन कोरोना वायरस के खतरे को कमजोर करने में समान रूप से प्रभावशाली हैं.

वैक्सीन की कमी संबंधी समस्या का किया जाएगा अंत



डॉ. वीके पॉल ने आज यह भी जानकारी दी है कि देश में अगले कुछ महीने के भीतर वैक्सीन उत्पादन में बहुत तेजी लाई जाएगी. अगस्त से दिसंबर महीने के बीच में 216 करोड़ वैक्सीन डोज भारत के पास मौजूद होंगे. ये डोज विभिन्न कंपनियों की वैक्सीन के होंगे.

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