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स्पूतनिक V: भारत में कब मिलेगी ये वैक्सीन, क्या होगी कीमत? जानें हर सवाल का जवाब

स्पूतनिक-V वैक्सीन. (कॉन्सेप्ट इमेज)

Sputnik V: रूस की स्पूतनिक वैक्सीन का इस्तेमाल दुनिया के 60 देशों में किया जा रहा है. आईए एक नज़र डालते हैं वैक्सीन से जुड़े तमाम सवालों के जवाब पर...

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) को मात देने के लिए भारत के पास अब तीन वैक्सीन हो गई है. कोविशील्ड और कोवैक्सिन के बाद अब रूस की वैक्सीन स्पूतनिक V (Sputnik V ) को भी भारत में मंजूरी दे दी गई है. हैदराबाद में शुक्रवार से इसकी शुरुआत हो गई है. अगले हफ्ते से बड़े पैमाने पर लोगों को इसकी डोज़ लगाई जा सकेगी. स्पूतनिक-वी की पहली खेप एक मई को भारत पहुंची थी.

    रूस ने पिछले साल स्पूतनिक-वी को लॉन्च किया था. इसके बाद सितंबर में डॉ रेड्डीज़ लैबोरेटरीज और RDIF ने स्पूतनिक-वी के क्लीनिकल ट्रायल के लिए एक समझौता किया था. इस वैक्सीन का इस्तेमाल दुनिया के 60 देशों में किया जा रहा है. आईए एक नज़र डालते हैं वैक्सीन से जुड़े तमाम सवालों और उनके जवाब पर...

    [q]क्या होगी स्पूतनिक-वी की कीमत?[/q]
    [ans]स्पूतनिक-वी की एक डोज़ की कीमत 995.40 रुपये तय की गई है. इसमें टैक्स भी शामिल है. इस आयातित दवा की एक खुराक का खुदरा मूल्य 948 रुपये है. इस पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी के साथ टीके का मूल्य 995.40 रुपये प्रति खुराक बैठता है.[/ans]

    [q]क्या भारत में बनने वाली वैक्सीन की कीमत कम होगी?[/q]
    [ans]फिलहाल स्पूतनिक-वी वैक्सीन को रूस से आयात किया जाएगा. भविष्य में इसे डॉ. रेड्डीज लैब के सहयोग से भारत में बनाया जाएगा. लेकिन भारत में तैयार होने वाली इस वैक्सीन की कीमत को लेकर फिलहाल कंपनी की तरफ से कुछ भी नहीं कहा गया है. जानकारों के मुताबिक भारत में बनने पर ये वैक्सीन थोड़ी सस्ती हो सकती है.[/ans]

    [q]भारत के किन शहरों में मिलेगी ये वैक्सीन?[/q]
    [ans]स्पूतनिक-वी वैक्सीन को माइनस 18 डिग्री सेल्सियस पर स्टोर किया जाता है. ऐसे में फिलहाल ये वैक्सीन देश के 35 शहरों में उपलब्ध रहेगी. बाद में इसकी संख्या बढ़ाई जा सकती है.[/ans]

    [q]क्या देश के और ज्यादा शहरों में भी ये वैक्सीन मिलेगी?[/q]
    [ans]रेड्डीज लैबोरेटरीज ने कहा कि वो रूस की स्पूतनिक-वी को 2 से 8 डिग्री सेंटीग्रेड की स्थिति में रखने पर उसकी स्थिरता से जुड़े और आंकड़े जुटा रही है. इसके बाद ही शहरों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जाएगा. इस टीके का भंडारण शून्य से नीचे 18 डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान पर किया जाता है. टीके का आयात जमी हुई स्थिति (फ्रोजेन) में रसियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) से किया जाएगा. इसे शून्य से नीचे 18 से 22 डिग्री सेंटीग्रेड में रखने की आवश्यकता होगी. टीके को देने से पहले उसे 15 से 20 मिनट बाहर रखा जाएगा.[/ans]

    [q]लोगों को कब से लगाई जाएगी ये वैक्सीन?[/q]
    [ans]अगले हफ्ते से इसकी शुरुआत हो जाएगी. फिलहाल इसका सॉफ्ट लॉन्च कर दिया गया है.[/ans]

    [q]कितनी असरदार है ये वैक्सीन?[/q]
    [ans]स्पूतनिक-V कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया में शुरू हुए वैक्सीन अभियान में मंजूरी पाने वाली शुरुआती वैक्सीन में से एक है. मीडिया रिपोर्ट्स में जारी जानकारी के अनुसार, इस वैक्सीन का प्रभावकारी दर 91.6 प्रतिशत है. एक स्टडी के अनुसार, स्पूतनिक-V को लेने के बाद लोगों को दर्द या फ्लू जैसे साइड इफेक्ट का सामना करना पड़ सकता है. फिलहाल इस वैक्सीन से जुड़ा कोई गंभीर मामला सामने नहीं आया है.[/ans]

    [q]भारत में कब किस वैक्सीन को मिली मंजूरी?[/q]
    [ans]स्पूतनिक-वी भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली तीसरी वैक्सीन है. इससे पहले डीसीजीआई ने जनवरी में पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी थी.[/ans]