लाइव टीवी

NIT में भारी तनाव, चढ़ा सियासी रंग, परिजनों ने भी किया प्रदर्शन


Updated: April 7, 2016, 12:10 PM IST
NIT में भारी तनाव, चढ़ा सियासी रंग, परिजनों ने भी किया प्रदर्शन
श्रीनगर में एनआईटी छात्रों की पिटाई को लेकर अब भी तनाव बना हुआ है। छात्रों ने एनआईटी के डायरेक्टर और रजिस्ट्रार समेत तीन अधिकारियों को हटाने की मांग की है।

श्रीनगर में एनआईटी छात्रों की पिटाई को लेकर अब भी तनाव बना हुआ है। छात्रों ने एनआईटी के डायरेक्टर और रजिस्ट्रार समेत तीन अधिकारियों को हटाने की मांग की है।

  • Last Updated: April 7, 2016, 12:10 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली। श्रीनगर में एनआईटी छात्रों की पिटाई को लेकर अब भी तनाव बना हुआ है। छात्रों ने एनआईटी के डायरेक्टर और रजिस्ट्रार समेत तीन अधिकारियों को हटाने की मांग की है। छात्रों ने लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई और कैंपस के अंदर केंद्रीय रिजर्व पुलिस तैनात करने की भी मांग की है। बता दें कि बुधवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दो अफसरों भी एनआईटी  छात्रों से मुलाकात करने पहुंचे थे। वहीं कश्मीरी और बाहरी छात्रों के बीच तनाव को देखते हुए एनआईटी कैंपस के भीतर और बाहर सीआरपीएफ की टुकड़ी तैनात की गई है।

इस घटना के चलते श्रीनगर में आज हलचल का दिन है। जम्मू के  डोगरा  चौक में एनआईटी छात्रो के परिजन प्रदर्शन करेंगे।  वहीं शिवसेना, पैंथर पार्टी, श्रीराम सेना ने दी बंद का ऐलान किया है। जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी काम काज ठप्प किया है। इसके अलावा ABVP जम्मू यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करेगी।  वहीं पीडीपी का एक और बीजेपी के 2 मंत्री NIT जा सकते हैं।

एनआईटी छात्रों के परिजनों और पैंथर पार्टी के नेताओं ने जम्मू के डोगरा चौक में प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि हम चिंता में हैं क्योंकि बच्चों की कोई खबर नहीं है। अंदर मीडिया को नहीं जाने दे रहे हैं, बच्चे वापिस लाओ और एनआईटी को शिफ्ट करो।

परिजनों ने कहा कि एक तो बच्चों को मारा गया, फिर धमकी दे रहे हैं। ऊपर से कह रहे हैं कि दो दिन के लिए जाओ और 12 को पेपर है। बहुत गुस्सा है लोगों में। कहीं जम्मू में कोई और घटना न हो जाए, सरकार को जागना चाहिए।

पैंथर पार्टी नेता ने कहा कि हमारा प्रदर्शन एनआईटी के छात्रों के लिए है। उनको बंदी बनाया गया है, चार दिन हो गए हैं, सरकार क्या कर रही है कोई पता नहीं है। परिजन चिंतित है।

गौरतलब है कि एनआईटी में कश्मीरी बनाम बाहरी छात्रों का विवाद टी-20 सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद शुरू हुआ था। तब कश्मीरी छात्रों ने भारत की हार पर जश्न मनाया था और बाहरी छात्रों ने तिरंगा फहराया था। मंगलवार को भी बाहरी छात्र तिरंगे के साथ कैंपस के बाहर जाकर प्रदर्शन करना चाहते थे। दूसरे राज्यों के छात्रों का कहना था कि वो यहां सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और कैंपस छोड़ना चाहते हैं। ये छात्र अपनी इसी मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाह रहे थे, लेकिन  उन्हें रोकने के लिए स्थानीय पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं।

इस बीच जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने कहा है कि जिन पुलिसकर्मियों ने सीमा लांघी उन पर कार्रवाई होगी। वहीं शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि छात्रों को पूरी मदद दी जाएगी। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी 13 अप्रैल को श्रीनगर जाएंगी। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा के मसले पर सूबे की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से भी बात की है।  एनआईटी श्रीनगर में लगभग 70 फीसदी छात्र दूसरे राज्यों के हैं उनका कहना है कि यहां उनकी जान को खतरा है और वो कैंपस छोड़कर जाना चाहते हैं।

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 7, 2016, 8:03 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर