लाइव टीवी

SSC पेपर लीक मामला : नियुक्ति पत्र जारी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

भाषा
Updated: November 1, 2019, 5:27 AM IST
SSC पेपर लीक मामला : नियुक्ति पत्र जारी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट. (फाइल फोटो)

नई याचिका (Petition) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) से एसएससी (SSC) पर्चा लीक मामले में सीबीआई (CBI) द्वारा सौंपी गई 'केस डायरी', आरोप पत्रों और एक निचली अदालत के जमानत आदेशों पर गौर करने का अनुरोध किया गया है.

  • Share this:
नई दिल्ली. कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की विवादों में रही 2017 की संयुक्त स्नातक स्तर (CGL) परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) जारी करने पर रोक लगाने के लिये सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में नई याचिका दायर की गई है.

याचिका में शीर्ष न्यायालय द्वारा गठित सात सदस्यीय समिति के अपनी रिपोर्ट सौंपने तक सफल उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है. न्यायालय ने नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिये भरोसेमंद परीक्षा कराने के उपाय सुझाने के लिये यह समिति गठित की थी.

सरकारी नौकरी पाने के लिये हर साल एसएससी की परीक्षाओं में लाखों छात्र शामिल होते हैं. यह आयोग केंद्र सरकार के नियंत्रण क्षेत्र में आता है और विभिन्न मंत्रालयों एवं सरकारी विभागों में ग्रुप सी तथा ग्रुप डी श्रेणी में भर्तियों के लिये परीक्षाएं आयोजित करता है.

निचली अदालत के फैसलों पर गौर करने के लिये कहा

नई याचिका शांतनु कुमार ने दायर की है. उन्होंने शीर्ष न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी की अध्यक्षता वाली समिति से एसएससी पर्चा लीक मामले में सीबीआई द्वारा सौंपी गई 'केस डायरी', आरोप पत्रों और एक निचली अदालत के जमानत आदेशों पर गौर करने का अनुरोध किया है.

याचिका के जरिये आयोग को रिपोर्ट सौंपने तक और समिति द्वारा कोई रिपोर्ट सौंपे जाने की स्थिति में उसे लागू किये जाने तक सीजीएल की कोई और परीक्षा लेने से रोकने का भी अनुरोध किया गया है. अधिवक्ता गौरव गुप्ता की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि एसएससी द्वारा ली गई सीजीएल-2017 परीक्षा में कदाचार के कई दृष्टांत प्रकाश में आए हैं. परीक्षा से पहले उत्तर कुंजी सोशल मीडिया पर साझा किये जाने से जुड़ी अनियमितताएं भी दर्ज की गई हैं.

याचिका में यह कहा गया है
Loading...

याचिका में कहा गया है कि प्राथमिक जांच के आधार पर सीबीआई ने 22 मई 2018 को कई लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था. याचिका में कहा गया है कि सीबीआई की विस्तृत जांच के आधार पर मुख्य आरोपी अक्षय कुमार मलिक के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाना अब भी बाकी है और इसलिए निचली अदालत ने उसे जमानत दी है.

60 की जगह दो के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
इसमें कहा गया है कि सीबीआई को गिरफ्तारी की तारीख से 60 दिनों के अंदर सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करना था, लेकिन प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर सिर्फ दो आरोपियों के खिलाफ आंशिक आरोप पत्र दाखिल किया गया है.

याचिका के जरिये मामले के सभी शेष आरोपियों के खिलाफ अरोप पत्र दाखिल करने का सीबीआई को निर्देश देने की मांग की गई है. गौरतलब है कि इससे पहले कुमार ने याचिका दायर कर कथित पेपर लीक की जांच कराने और 2017 की परीक्षा रद्द करने की मांग की थी.

यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र: शरद पवार से मिले संजय राउत, बीजेपी-शिवसेना में खींचतान जारी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 1, 2019, 5:26 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...