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SSC Recruitment Scam: ED का बड़ा खुलासा- पार्थ चटर्जी की 'डमी फर्म' में नौकरी करने वाले बने हुए थे डायरेक्‍टर

पूर्व मंत्री पार्थ ने चटर्जी कथित तौर पर 'अपराध की आय' का इस्तेमाल करने को 'फर्जी कंपनियों' और 'फर्जी निदेशकों' का नेटवर्क तैयार क‍िया.  (फाइल फोटो)

पूर्व मंत्री पार्थ ने चटर्जी कथित तौर पर 'अपराध की आय' का इस्तेमाल करने को 'फर्जी कंपनियों' और 'फर्जी निदेशकों' का नेटवर्क तैयार क‍िया. (फाइल फोटो)

SSC Recruitment Scam: ईडी ने चटर्जी की भूमिका पर कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के जर‍िए अर्ज‍ित करोड़ों की रकम को व्‍हाइट ...अधिक पढ़ें

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    कोलकाता. पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस पार्टी में शिक्षा मंत्री रहे पार्थ चटर्जी (Former Trinamool minister Partha Chatterjee) और उनकी करीबी कही जाने वाली अर्पिता मुखोपाध्याय (Arpita Mukherjee) की मुश्‍क‍िलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं. शिक्षकों की भर्ती घोटाले (Teachers Recruitment Scam) में सीबीआई ने गत सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर सुबिरेश भट्टाचार्य को गिरफ्तार क‍िया था जोक‍ि पहले स्कूल भर्ती आयोग के पूर्व चेयरमैन रहे. उन पर चेयरमैन रहते हुए शिक्षकों की भर्ती में घोटाला करने के आरोप लगे थे. वहीं अब प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने कोलकाता की एक स्‍पेशल कोर्ट को अवगत कराया है क‍ि

    इंड‍ियन एक्‍सप्रेस में प्रकाश‍ित एक र‍िपोर्ट के मुताबि‍क ईडी ने कोलकाता की विशेष अदालत को बताया है क‍ि तृणमूल कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री पार्थ ने चटर्जी कथित तौर पर ‘अपराध की आय’ का इस्तेमाल करने को ‘फर्जी कंपनियों’ और ‘फर्जी निदेशकों‘ का नेटवर्क तैयार क‍िया. इसमें एक शख्‍स सह-आरोपी अर्पिता मुखर्जी भी शामि‍ल थी, जोक‍ि सहयोगी के रूप में काम करती थी.

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    बताते चलें क‍ि वाइस चांसलर सुबिरेश भट्टाचार्य 2014 से 2018 तक एसएससी के चेयरमैन थे. इस मामले में कई पूर्व अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है. हालांकि पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को ईडी ने गिरफ्तार किया था, लेकिन फिलहाल वह सीबीआई की हिरासत में हैं.

    ईडी इस मामले में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल के पदाधिकारी पार्थ चटर्जी और उनकी ‘करीबी’ कहे जाने वाले अर्पिता मुखोपाध्याय के खिलाफ चार्जशीट पेश कर चुकी है. चार्जशीट और दस्तावेजों को एक ट्रंक में बैंकशाल कोर्ट ले जाया गया था. एसएससी (SSC) भर्ती घोटाले में कुल 172 पेज की चार्जशीट पेश की जा चुकी है.

    ईडी की ओर से 20 सितंबर को दायर आरोपपत्र में कहा गया है क‍ि अर्पिता का आरोप है क‍ि कथ‍ित तौर पर चटर्जी ने उनको फंसाया. ममता बनर्जी सरकार में पूर्व उद्योग और शिक्षा मंत्री के खिलाफ उनके खुलासे के मद्देनजर नरमी बरतने के लिए आवेदन किया था.

    चटर्जी और अर्पिता के अलावा, ईडी ने छह कंपनियों को ‘उनके निदेशकों के माध्यम से’ आरोपी के रूप में नामित किया और अचल और चल संपत्तियों का कुल मूल्य 48.22 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया है. एजेंसी ने कहा क‍ि यह 48.22 करोड़ रुपये कोलकाता में अर्पिता के स्वामित्व वाले दो फ्लैटों से जब्त किए गए 49.80 करोड़ रुपये नकद और 5 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषणों के अलावा है. यानी ईडी अब तक दोनों के पास से 103.10 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है.

    मनी लॉन्‍ड्र‍िंग के ल‍िए बनाई हुई थी 6 डमी कंपनियां

    ईडी ने चटर्जी की भूमिका पर कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के जर‍िए अर्ज‍ित करोड़ों की रकम को व्‍हाइट मनी में कनवर्ट करने के ल‍िए छह डमी कमंपनी खड़ी की थी. इनका उद्देश्‍य मनी लॉन्‍ड्र‍िंग का काम करना था. आरोप लगाया गया है क‍ि उन्‍होंने अपने रसूख और प्रभाव के चलते इन डमी कंपन‍ियों में अल्‍प जीवन यापन करने वाले वंच‍ित लोगों को डायरेक्‍टर बनाकर उनको शोषण कर मनी लॉन्‍ड्र‍िंग का पूरा खेल क‍िया. उनकी सहमत‍ि, जानकारी के ब‍िना और कोई दस्‍तावेज द‍िखाए ब‍िना कंपनी के कागजातों पर हस्‍ताक्षर करवाए.

    इनको नकली कंपन‍ियों में बनाया नकली न‍िदेशक

    जांच एजेंसी के मुताब‍िक अर्पिता के ल‍िए काम करने वाला लड़का मेसर्स सेंट्री इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के कथित डमी निदेशकों में से एक था. इस डमी कंपनी पर अर्पिता मुखर्जी के जर‍िए पार्थ चटर्जी का न‍ियंत्रण था. इसके अलावा एक अन्‍य न‍िदेशक अर्पिता के ल‍िए काम करने वाला 18 हजार रुपए माहवार का श्री कल्याण धर नाम का शख्‍स है. श्री कल्याण धर ने अपने बयान में भी कहा कि उन्हें किसी भी कंपनी के बारे में कोई जानकारी नहीं है जिसमें उन्हें निदेशक बनाया गया था. वह केवल अर्पिता मुखर्जी के निर्देशों के अनुसार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर क‍िया करता था.

    ईडी ने यह भी साफ क‍िया है क‍ि अर्पिता और अन्‍य सह-आरोप‍ियों के बयानों से स्‍पष्‍ट है क‍ि इन कंपन‍ियों पर सीधा न‍ियंत्रण पार्थ चटर्जी का ही है. ईडी ने खुलासा किया क‍ि इन नकली कंपन‍ियों में जमा राशि से अचल संपत्‍त‍ियां खरीदी गईं.

    जब्‍त राश‍ि को पार्थ चटर्जी को बताया

    ईडी ने घोटाले की सह-आरोपी अर्पिता को मनी लॉन्‍ड्र‍िंग मामले में पार्थ चटर्जी का करीबी सहयोगी बताया है और कहा है क‍ि जांच से पता चला है कि अर्पिता मुखर्जी के परिसर से जब्त की गई नकदी पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी की है. अर्पिता मुखर्जी ने गत 4 अगस्‍त 2022 को द‍िए अपने बयान में यह स्पष्ट रूप से स्वीकार भी किया है. उसने इस संबंध में सही खुलासा करने के लिए जांच अधिकारी के समक्ष एक आवेदन भी दिया था.

    इन दो पर‍िसरों को कुर्क कर जब्‍त क‍िए 49.8 करोड़ रुपये

    ईडी ने यह भी खुलासा क‍िया है क‍ि दोनों ने म‍िलकर 2011 में एक साझीदार फर्म सर्स एपीए यूटिलिटीज सर्विसेज की स्‍थापना की और संयुक्‍त रूप से प्रॉपर्टीज खरीदी गईं. अर्पिता मुखर्जी के नाम पर क्लब टाउन हाइट्स, कोलकाता और डायमंड सिटी साउथ, कोलकाता में स्थित दो परिसरों से भी 49.8 करोड़ रुपये जब्त किए गए ज‍िसको छुपाया गया था. ईडी ने कहा क‍ि चटर्जी और अन्य सह-आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के चलते पीएमएलए की धारा 4 के तहत दंडित किए जाने के लिए उत्तरदायी हैं. यह प्रॉपर्टी इन दोनों के और फर्म के नाम पर खरीदी गईं थीं.

    31 LIC बीमा पॉलिसियों में अर्पि‍ता के नोमि‍नी बने हैं पार्थ चटर्जी

    इसके अलावा ईडी ने चटर्जी और अर्पिता के खास जुड़ाव का भी खुलासा करते हुए अर्पिता के नाम पर 31 एलआईसी बीमा पॉलिसियों की ओर भी इशारा किया ज‍िनको मार्च 2012 में खोला गया था. इन सभी में पार्थ चटर्जी को नोम‍िनी बनाया हुआ है.

    एजेंसी ने इस बात का खुलासा भी क‍िया है क‍ि अर्पिता ने 4 अगस्त को ईडी को अपने बयान में स्‍वीकार किया था कि उनके घर में छिपा हुआ भारी धन पार्थ चटर्जी का ही है. ईडी ने यह भी कहा कि अर्पिता ने कथित घोटाले में चटर्जी की भूमिका पर कानून के प्रावधानों के तहत एक उदार दृष्टिकोण रखने के लिए एक आवेदन किया है. इससे आने वाले समय में और कई बड़े राज खुलने की संभावना जताई जा रही है.

    Tags: CM Mamata Banerjee, Directorate of Enforcement, ED investigation, Teachers Recruitment Scam

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