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गरीब, पिछड़े बच्चों को भविष्य की राह दिखाता 'HOPE'

News18Hindi
Updated: October 5, 2019, 10:06 PM IST
गरीब, पिछड़े बच्चों को भविष्य की राह दिखाता 'HOPE'
सेंट थॉमस में हर साल HOPE का आयोजन किया जाता है.

सेंट थॉमस स्कूल गरीब बच्चों के चेहरों पर शिक्षा के जरिए मुस्कान बिखेरने का काम कर रहा है. सेंट थॉमस स्कूल ने चार साल पहले गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए 'होप' (HOPE- Helping Other to Progress through education) की शुरुआत की थी.

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  • Last Updated: October 5, 2019, 10:06 PM IST
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नई दिल्ली: गाजियाबाद के इंदिरापुरम में सेंट थॉमस स्कूल गरीब बच्चों के चेहरों पर शिक्षा के जरिए मुस्कान बिखेरने का काम कर रहा है. सेंट थॉमस स्कूल ने चार साल पहले गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए 'होप' (HOPE- Helping Other to Progress through education) की शुरुआत की थी. जो लोग अपने बच्चों को संसाधनों की कमी और आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाने में असमर्थ हैं, उनके लिए स्कूल की शुरुआत बहुत बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है. शनिवार को इस कार्यक्रम की चौथी वर्षगांठ थी.

शनिवार (5 Oct. 2019) को 'होप' की चौथी र्षगांठ पर सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया. इस बार समारोह की थीम 'कर्म बड़ा या भाग्य' थी. 'होप' के बच्चों ने विक्रम बेताल की कहानी के जरिए दो ऐसे राजाओं की कहानी बताई जिनमें से एक भाग्य के भरोसे बैठा था तो दूसरे ने अपने कर्म के सहारे विजय पाई. इसी कार्यक्रम में बच्चों ने नदी और पानी पर आए संकट पर प्रकाश डाला और बताया कि किस तरह ये एक बड़ी चुनौती है. कार्यक्रम में बच्चों ने शानदार प्रस्तुति से सब का मन मोह लिया.



वंचित और गरीब बच्चों की उम्मीदों और उनके सपनों को पंख लगाने का काम कर रहा है HOPE (Helping Other to Progress through education) स्कूल. यह एक ऐसा स्कूल है जो गरीब बच्चों को पढ़ाता है और उनके भविष्य को उज्जवल बनाने की भरपूर कोशिश कर रहा है. आमतौर पर ऐसे स्कूलों को कोई सरकारी या गैरसरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित किया जाता है, लेकिन HOPE को संचालित करने का बीड़ा गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित सेंट थॉमस स्कूल ने उठाया है.



बता दें, इस होप स्कूल में अभी लगभग 100 के आसपास बच्चे पढ़ते हैं और हर साल दो बच्चों को होप से सेंट थॉमस स्कूल में लाया जाता है. होप से हर साल कुछ बच्चों को सलेक्शन सेंट थॉमस स्कूल में किया जाता है और यहां भी उन्हें सारी चीजें मुफ्त में दी जाती हैं. उनकी काबलियत के हासिब से उन्हें सेंट थॉमस के क्लास में फ्री में एडमिशन दी जाती है. ड्रेस से लेकर बुक्स तक की खर्च यहां स्कूल खुद उठाता है.

बता दें,  यहां बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों और शिष्टाचार का पाठ भी पढ़ाया जाता है. इस HOPE में 20 से 22 शिक्षक भी शामिल हैं, जो अपना समय इन बच्चों को मुफ्त में देते हैं. सेंट थॉमस स्कूल के चेयरमैन फादर सजी मैथ्यूज ने अपने पूर्व चेयरमैन फादर सजी योहानन के कार्यों को जारी रखते हुए इसे एक नई दिशा प्रदान की है. इस अवसर पर चेयरमैन फादर सजी मैथ्यूज, प्रिंसिपल, शिक्षकगण और अन्य अतिथि मौजूद थे.

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First published: October 5, 2019, 7:18 PM IST
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