तो क्या भारत के आर्थिक विकास में रोड़े अटकाने के लिए सीमा पर भिड़ रहा है चीन

तो क्या भारत के आर्थिक विकास में रोड़े अटकाने के लिए सीमा पर भिड़ रहा है चीन
भारत और चीन दोनों ने ही पूर्वी लद्दाख में झड़प के बाद अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी है (फोटो- PTI)

तिब्बत (Tibet) के साथ भारत के सीमा पर कई स्थानों पर- जो 1950 में चीन ने हथिया लिये थे- चीन (China) ने समस्याएं पैदा की हैं. इसके सैनिक केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) में भारतीय सीमा को पार कर घुस आये और सिक्किम राज्य में सीमा पर हिंसक झड़पें शुरू कर दीं.

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(कार्तिक सुब्रह्मयम)
जबकि भारत और बाकी दुनिया, चीन में पैदा हुई एक महामारी (Pandemic) से लड़ रहे हैं, चीनियों ने एक नया युद्ध का मोर्चा खोल दिया है- जिसमें तिब्बत (Tibet) के साथ भारत की विवादित सीमा पर सैनिकों और हथियारों से काम लिया जाना है. नतीजतन, लगभग तीन साल पहले डोकलाम (Doklam) में गतिरोध के बाद से चीन ने भारत के साथ अपने रिश्तों को इतना नीचे गिराया है. आने वाले सप्ताह और महीने भारत-चीन संबंधों के भविष्य को निर्धारित कर सकते हैं. और बल्कि एशिया और बाकी दुनिया के साथ चीन के संबंध को.

तिब्बत के साथ भारत के सीमा पर कई स्थानों पर- जो 1950 में चीन ने हथिया लिये थे- चीन (China) ने समस्याएं पैदा की हैं. इसके सैनिक केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) में भारतीय सीमा को पार कर घुस आये और सिक्किम राज्य में सीमा पर हिंसक झड़पें शुरू कर दीं. अहम सवाल यह है कि- अभी क्यों? क्या संदेश है जिसे कम्युनिस्ट शासन सैन्य टकराव शुरू करके देना चाह रहा है. जबकि हमारा सारा ध्यान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नामित किये 'वुहान वायरस’(चीनी शहर का एक संदर्भ जहां वायरस उत्पन्न हुआ) से लड़ने पर केंद्रित होना चाहिए.

चीन ने लद्दाख और सिक्किम में भारतीय सेना के लिए पैदा किया गतिरोध



चल रहे गतिरोध की पहली प्रचारित घटना 5 मई को हुई, जब चीनी सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील क्षेत्र में एक भारतीय गश्त को रोकने की कोशिश की. इसी तरह के टकराव चीन द्वारा लद्दाख की गैलवान घाटी में और कुछ दिनों बाद सिक्किम में नकु ला पर्वत दर्रे में हुए.



विश्वास निर्माण के प्रयासों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान (उसी शहर जिसने दुनिया को कोविड दिया) और मामल्लापुरम (पल्लव वंश का एक प्राचीन बंदरगाह) में हुई समिट मीटिंग के बावजूद चीनियों ने आक्रामकता क्यों दिखाई?

ये दो घटनाएं बताती हैं चीन की चिंता की वजह
दो घटनाक्रम देखें- और दोनों का व्यावसायिक एंगल है- ऐसा प्रतीत होता है कि यही वजह है कि चीन ने भारत को परेशान करने के प्रयास में सैन्य रणनीति उपयोग करने का निर्णय लिया है. 19 अप्रैल को, भारत ने, भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाली कंपनियों के लिए निवेश नियमों को कड़ा करने के लिए अपनी विदेशी निवेश नीति को संशोधित किया. इसके बाद चीनी केंद्रीय बैंक ने हाउसिंग फाइनेंस देने वाली कंपनी HDFC में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, जबकि शेयर की कीमतें महामारी के परिणामस्वरूप दुनिया भर में गिर रही हैं.

कुछ दिनों बाद, मई की शुरुआत में, मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि भारत कोविड से निपटने के बीजिंग के तरीके पर व्यापक गुस्से के कारण चीन छोड़ने वाली कंपनियों के लिए लक्ज़मबर्ग के आकार का दोगुना लैंड पूल विकसित कर रहा है.

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First published: May 25, 2020, 8:27 PM IST
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