Covid-19: कोरोना से एक कदम आगे राज्य सरकारें, बच्चों को तीसरी लहर से बचाने की तैयारियां शुरू

सरकारों ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए खास व्यवस्थाएं करना शुरू कर दिया है. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

सरकारों ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए खास व्यवस्थाएं करना शुरू कर दिया है. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

Coronavirus Third Wave: हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों के पैरेंट्स को वैक्सीन मामले में प्राथमिकता दी जाएगी. कई राज्यों में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक्सपर्ट पैनल और टास्क फोर्स (Task Force) का गठन किया जा रहा है.

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नई दिल्ली. भारत अब कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर (Second Wave) से उबरता हुआ नजर आ रहा है. काई राज्यों में संक्रमण के मामलों में गिरावट देखी जा रही है. इस बार तैयार हुए हालात से सबक लेकर अब राज्य सरकारें तीसरी लहर की तैयारियों में जुट गई हैं. कहा जा रहा था कि तीसरी लहर सबसे ज्यादा बच्चों को प्रभावित करेगी. ऐसे में सरकारों ने अपने प्रयासों में बच्चों को केंद्र में रखा है.

सरकारों ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए खास व्यवस्थाएं करना शुरू कर दिया है. इनमें बच्चों के लिए खास नियम, माता-पिता को टीकाकरण में प्राथमिकता देना शामिल है. इसके अलावा बिस्तरों और पर्याप्त ऑक्सीजन सप्लाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है. हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों के पैरेंट्स को वैक्सीन मामले में प्राथमिकता दी जाएगी. वहीं, गोवा में 2 साल से कम उम्र के बच्चों को स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले टीका देने पर विचार कर रही है.

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर राज्यों में PICU, NICU, SNCU समेत पीडियाट्रिक कोविड केयर की संख्या को बढ़ाया जा रहा है. महाराष्ट्र में बच्चों के लिए कोविड के बिस्तरों को 600 से बढ़ाकर 2300 करने पर विचार किया जा रहा है. बीएमसी आयुक्त सुरेश ककानी ने बताया है कि केवल मुंबई में ही 500 बिस्तर बढ़ाए जाएंगे. उत्तराखंड में दो अस्पताल तैयार कर रही DRDO ने कोविड से प्रभावित बच्चों की मांओं को रहने की सुविधा तैयार करने पर विचार कर रही है. ओडिशा में भी सरकार ने बच्चे के साथ अस्पताल में एक पैरेंट को अनुमति देने का फैसला किया है. महाराष्ट्र और पंजाब में डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिए जाने की तैयारी चल रही है.


कई राज्यों में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक्सपर्ट पैनल और टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है. दिल्ली सरकार एक विशेष टास्क फोर्स तैयार कर रही है, जिसमें बच्चों को डॉक्टर, एक्सपर्ट्स, वरिष्ठ IAS अधिकारी शामिल होंगे. महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गोवा ने भी खास बच्चों के लिए टास्क फोर्स बनाई है. झारखंड सरकार ने हाल ही में दिल्ली और बेंगलुरु के एक्सपर्ट्स का रुख किया है. सरकार ने विशेष बच्चों की सुरक्षा के संबंध में सुझाव मांगे हैं. राज्य में 18 साल से कम उम्र वाली आबादी का हिस्सा 43 फीसदी है.

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