पारदर्शिता के साथ कोरोना के सही आंकड़े सामने रखे रूपाणी सरकार: गुजरात HC

गुजरात हाईकोर्ट. (फाइल फोटो)

गुजरात हाईकोर्ट. (फाइल फोटो)

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने टिप्पणी की है कि कोविड-19 जांच और संक्रमितों की संख्या को लेकर सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले आंकड़े सही नहीं होने को लेकर आम लोगों की धारणा को दूर करने के लिए पारदर्शिता की जरूरत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 10:12 PM IST
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अहमदाबाद. गुजरात (Gujarat) में कोविड-19 (Covid-19) के मामलों में अचानक हुई बढ़ोतरी की पृष्ठभूमि में ईमानदारी और पारदर्शिता पर जोर देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार आरटी-पीसीआर जांच और संक्रमित लोगों के वास्तविक आंकड़ों को जारी करे. शुक्रवार को उपलब्ध हुए फैसले की प्रति के मुताबिक गुजरात हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि कोविड-19 जांच और संक्रमितों की संख्या को लेकर सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले आंकड़े सही नहीं होने को लेकर आम लोगों की धारणा को दूर करने के लिए पारदर्शिता की जरूरत है.

यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति भार्गव करिया की युगलपीठ ने अपने आदेश में की है. पीठ, राज्य में हाल के हफ्तों में संक्रमण के बढ़े मामलों पर स्वत: संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है. मामले की पिछली सुनवाई बृहस्पतिवार को हुई थी लेकिन पीठ के आदेश की विस्तृत प्रति अगले दिन उपलब्ध हुई. अब इस मामले की सुनवाई 20 अप्रैल को होगी.

आरटी-पीसीआर जांच की सही जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए

युगलपीठ ने कहा, ‘आरटी-पीसीआर जांच और उसमें संक्रमित मिले लोगों की सही जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए. राज्य को आरटी-पीसीआर जांच के सही नतीजों को जारी करने से झिझकना नहीं चाहिए, अगर आंकड़े सही नहीं दिए जा रहे हैं.’ न्यायालय ने कहा कि सरकार अचानक बढ़े मामलों के लिए जिम्मेदार नहीं है लेकिन राज्य को सही आंकड़े जारी करने चाहिए ताकि संक्रमितों की वास्तविक संख्या का पता चल सके और लोगों की इस धारणा को दूर किया जा सके कि सरकार द्वारा दिए गए आंकड़े सही नहीं हैं.
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