ग्रामीण हेल्‍थ वर्कर्स की झिझक मिटाने राज्‍य और केंद्र मिलकर कर रहे काम

टीकाकरण को लेकर झिझक न रहे, इसलिए केंद्र, राज्‍य और केंद्र शासित प्रदेश मिलकर काम कर रहे हैं.  (फाइल फोटो)

टीकाकरण को लेकर झिझक न रहे, इसलिए केंद्र, राज्‍य और केंद्र शासित प्रदेश मिलकर काम कर रहे हैं. (फाइल फोटो)

ग्रामीण हेल्‍थ वर्कर्स की झिझक मिटाने के लिए राज्‍य, केंद्र शासित प्रदेश और केंद्र मिलकर काम कर रहे हैं. ऐसी खबरें मीडिया में आईं थी कि ग्रामीण इलाके में काम करने वाले स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी टीकाकरण को लेकर झिझक रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार 16 जनवरी से ही टीकाकरण के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयास का समर्थन ‘ संपूर्ण सरकार’ की पहल के तहत कर रही है.

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नयी दिल्ली. ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों में टीकाकरण को लेकर झिझक संबंधी मीडिया में आई खबरों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि वह इस मुद्दे से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर काम कर रहा है.

मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार 16 जनवरी से ही टीकाकरण के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयास का समर्थन ‘ संपूर्ण सरकार’ की पहल के तहत कर रही है.

मंत्रालय ने बयान में कहा कि मीडिया में खबरें हैं कि ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य कर्मियों में टीकाकरण को लेकर कथित ‘झिझक’ है. बयान के मुताबिक, ‘‘टीकाकरण को लेकर झिझक वैश्विक स्तर पर व्याप्त परिपाटी है और इसका निदान वैज्ञानिक अध्ययनों और सामुदायिक स्तर पर होना चाहिए.’’

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मंत्रालय ने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए ‘कोविड-19 टीकाकरण संवाद रणनीति’ में टीका लगवाने को लेकर झिझक के पक्ष को भी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत में ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से साझा किया गया.  बयान के मुताबिक यह रणनीति सभी राज्यों के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशकों के साथ 25 जनवरी को साझा किया गया.मंत्रालय ने बताया कि वह इस संबंध में केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय के साथ भी मिलकर काम कर रहा है.


वैक्‍सीन की कमी नहीं, जुलाई-अगस्‍त में एक करोड़ लोगों को लगेगी हर रोज 



मेडिकल रिसर्च की अग्रणी संस्था ICMR के चीफ डॉ. बलराम भार्गव ने कहा था कि जुलाई-अगस्त तक देश में इतनी वैक्सीन हो जाएगी कि हर दिन एक करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन किया जा सकेगा. उन्होंने वैक्सीन की कमी की खबरों को खारिज कर दिया था. भार्गव ने कहा था- 'जुलाई के मध्य और अगस्त तक हमारे पास पर्याप्त वैक्सीन डोज मौजूद होंगे.

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हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि दिसंबर महीने तक पूरे देश का वैक्सीनेशन कर दिया जाएगा.' उन्होंने यह भी कहा है कि अगर सिलसिलेवार तरीके से कोरोना प्रतिबंध हटाए गए तो फिर मामलों में बहुत ज्यादा वृद्धि नहीं होगी. हाल में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी कहा था कि दिसंबर महीने तक देश में कोरोना वैक्सीनेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा.

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