पीएम मोदी की घोषणा के बाद वैक्सीन नीति में होंगे ये बड़े बदलाव, गरीबों और छोटे अस्पतालों का रखा जाएगा खास ध्यान- रिपोर्ट

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

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New Vaccination Policy: उम्मीद की जा रही है कि कोरोना वैक्सीन के लिए नए दिशानिर्देश (New Guidelines) अगले दो दिनों में जारी किए जा सकते हैं. नई गाइडलाइंस में सरकार गरीबों के लिए ई-वाउचर्स जारी कर सकती है, ताकि वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन में कोई दिक्कत न हो.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जारी वैक्सीनेशन की पॉलिसी में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि नए दिशानिर्देश (New Guidelines) अगले दो दिनों में जारी किए जा सकते हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि नई गाइडलाइंस में सरकार गरीबों और वैक्सीन प्राप्त करने में परेशानी का सामना कर रहे छोटे निजी अस्पतालों का खास ध्यान रखा है. कहा जा रहा है कि नए नियमों के बाद वैक्सीन की कमी के मुद्दे से भी निपटा जा सकेगा.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि नई बदलावों में वैक्सीन आवंटन में निजी क्षेत्र के साथ हो रहे पक्षपात को भी ध्यान में रखा गया है. इसके अलावा मरीजों, प्रदर्शन और बर्बादी के हिसाब से हो रही मौजूदा सप्लाई की व्यवस्था जारी रहेगी.

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केंद्र निभाएगा बड़ी भूमिका
रिपोर्ट के अनुसार, छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों में स्थित छोटे अस्पतालों तक वैक्सीन सप्लाई करने के लिए केंद्र सक्रिय भूमिका निभाएगा. सूत्र बताते हैं कि शुरुआती दो चरणों में छोटे निजी अस्पतालों के हालात बेहतर थे, लेकिन विकेंद्रीकृत खरीद के कारण मई में हालात बदल गए. सूत्रों के अनुसार, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में 20 से कम निजी अस्पताल टीका से जुड़े समझौतों पर बातचीत कर सके थे.

जिलों और राज्यों को सप्लाई के बारे में पहले मिलेगी जानकारी

सूत्रों बताते हैं कि केंद्र सरकार पहले राज्यों को उस महीने सप्लाई किए जाने वाले डोज की संख्या की जानकारी दे देगी. इससे प्राथमिक समूहों के लिए टीकाकरण की व्यवस्था हो सकेगी. सूत्र के मुताबिक, केंद्र अलग-अलग तारीखों पर भी डोज सप्लाई के संबंध में जानकारी देगा.



रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यों से उम्मीद की जा रही है कि वे वैक्सीन सप्लाई के मामले में पहले ही जिलों को सूचना दे देंगे. राज्यों को अलग-अलग उम्र के समूहों के संबंध में भी जिलों को जानकारी देनी होगी. इसके अलावा प्लानिंग और प्राथमिक समूहों को वैक्सीन देने जैसे काम जारी रखेंगे. रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य 18-44 आयुवर्ग में प्राथमिक समूह बना सकेंगे. उन्हें इस बात की आजादी होगी.

यह भी पढ़ें: सरकार को पूरा भरोसा, दिसंबर तक मिल जाएंगे 187 करोड़ कोरोना वैक्सीन डोज: रिपोर्ट

मिलेंगे ई वाउचर

आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लाभार्थियों के लिए गैर-हस्तांतरित ई-वाउचर्स उपलब्ध होंगे. ये वाउचर्स रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से मंजूरी प्राप्त होंगे. सूत्रों के अनुसार, एक व्यक्ति गैर-हस्तांतरित ई-वाउचर जारी करा सकता है. इसका इस्तेमाल केवल वही व्यक्ति कर सकता है, जिसके नाम यह जारी हुआ है. इलेक्ट्रॉनिक होने के चलते इसे फोन में डाउनलोड, वैक्सीन सेंटर पर स्कैन किया जा सकेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इसे कोविन ऐप पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

जिन राज्यों ने कीमतें चुका दी हैं उनका क्या?

रिपोर्ट में सूत्रों ने बताया है कि जिन राज्यों में जून में वैक्सीन खरीद के लिए भुगतान कर दिया है, उन्हें समझौते के हिसाब से डोज मिलेंगे. कीमतों को लेकर सूत्रों ने बताया कि केंद्र 150 रुपये प्रति डोज के हिसाब से सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से खरीदी करना जारी रखेगा.



5 पॉइंट्स में समझें किसके लिए क्या बदलेगा

केंद्र: फिलहाल, केंद्र कुल डोज का 50 फीसदी हिस्सा हासिल करता है और 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए राज्यों को आवंटित करता है. अब प्राथमिक समूहों के लिए मुफ्त और 18-44 साल आयुवर्ग के लोगों को टीका लगाने के लिए केंद्र 75 प्रतिशत डोज खरीदेगा और वितरित करेगा.

राज्य: 1 मई से राज्यों को 18-44 आयुवर्ग के लोगों के लिए बाजार से 25 फीसदी डोज खरीदने पड़ रहे थे. अब राज्य खरीदी में शामिल नहीं होंगे और वे केंद्र से टीके हासिल करेंगे.

45+: इस आयुवर्ग को मुफ्त वैक्सीन प्राप्त होना जारी रहेगा. हालांकि, निजी केंद्रों में टीका लगवाने के लिए राशि चुकानी होगी.

18-44: 21 जून से इस आयुवर्ग को सरकारी केंद्रों पर मुफ्त टीके लगेंगे. वहीं, निजी अस्पतालों में फीस चुकानी होगी.

निजी अस्पताल: केंद्र के साथ-साथ ये भी वैक्सीन निर्माताओं से संपर्क साध सकेंगे.

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