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बंगाल में नागरिकता कानून का विरोध: प्रदर्शनकारियों ने मुर्शिदाबाद रेलवे स्‍टेशन फूंका, कई ट्रेनें प्रभावित

भाषा
Updated: December 13, 2019, 6:33 PM IST
बंगाल में नागरिकता कानून का विरोध: प्रदर्शनकारियों ने मुर्शिदाबाद रेलवे स्‍टेशन फूंका, कई ट्रेनें प्रभावित
बंगाल के मुर्शिदाबाद में भी नागरिकता संशोधन कानून का जमकर विरोध हो रहा है.

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में भी नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) का जमकर विरोध हो रहा है. प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा स्टेशन में आग लगा दी.

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बेलडांगा. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुर्शिदाबाद जिले में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) का विरोध कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को बेलडांगा स्टेशन में आग लगा दी और वहां तैनात आरपीएफ कर्मियों के साथ मारपीट की. जिला पुलिस के सूत्रों के अनुसार जिले में कई अल्पसंख्यक संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है.

एक वरिष्ठ आरपीएफ अधिकारी ने कहा, 'प्रदर्शनकारी अचानक रेलवे स्टेशन के परिसर में आ घुसे और उन्होंने प्लेटफार्म, दो तीन मंजिले भवनों और रेलवे कार्यालयों में आग लगा दी. जब आरपीएफ कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तब उन्हें बुरी तरह पीटा गया.' उन्होंने कहा, 'ट्रेन सेवाएं थम गयी हैं.' मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद बांग्लादेश से सटा जिला है.

हिंसक प्रदर्शनों के कारण फंसे लोगों को निकालने का प्रयास
गुवाहाटी स्थित एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों पर फंसे यात्रियों की मदद के प्रयास किए जा रहे हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शनों के बाद शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है जिसकी वजह से सैकड़ों यात्री यहां फंसे हुए हैं.

कामरूप (मेट्रो) जिले के एक प्रवक्ता ने बताया, 'एलजीबीआई हवाईअड्डा, रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों (आईएसबीटी) में फंसे यात्रियों को शहर के विभिन्न हिस्सों में ले जाने के लिए बसों का इंतजाम किया जा रहा है.' उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन भी यात्रियों को खाद्य सामग्री एवं पानी वितरित करने के अलावा उन्हें चिकित्सा सहायता भी मुहैया करा रहा है.

ट्रेन में भी फंसे हैं कुछ लोग
उत्तर बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी और असम के बोंगईगांव में फंसे ट्रेन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की जा रही है. इस बीच, गुवाहाटी में पाबंदियों में शुक्रवार को ढील दी गई ताकि आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही सुनिश्चित हो सके. प्रवक्ता ने बताया कि खाद्य सामग्री, सब्जियां, मांस, मछली और कुक्कुट उत्पादों को थोक विक्रेताओं के पास से खुदरा स्टोर्स तक ले जाने की अनुमति दी गई है.गुवाहाटी में बुधवार को लगाया गया कर्फ्यू हिंसक प्रदर्शनों के बाद अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ा दिया गया. जिला प्रशासन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने प्रदर्शनकारियों से आवश्यक वस्तुओं को लेकर जा रहे वाहनों की आवाजाही बाधित न करने की अपील की है. प्रशासन ने आपात सेवाओं के लिए उपायुक्त कार्यालय में एक जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है जिसके फोन नंबर 0361-2733052 और 8255095829 हैं. इसके अलावा एक टोल फ्री नंबर 1077 भी है.

ममता बनर्जी ने साधा सरकार पर निशाना
नागरिकता संशोधन कानून पर ममता बनर्जी ने कहा कि जब घर में ही आग लगी हो तो किसी को धर्म नहीं देखना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि यह कानून गरीब और मानवता पर की जाने वाली प्रताड़ना है. कुछ लोग गरीब लोगों को मूर्ख समझते हैं. लेकिन हम गरीबों, किसानों और मजदूरों के साथ खड़े रहेंगे. इस सरकार ने किसानों के लिए कोई बेहतर काम नहीं किया है.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में हजारों लोग नागरिकता संशोधित कानून के खिलाफ सड़कों पर उतर आए. यहां के हावड़ा जिले में शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-6 को ब्‍लाक कर दिया गया. ये राजमार्ग ही कोलकाता को देश के बाकी हिस्‍सों से जोड़ता है. लोग सड़कों पर बैठ गए और सड़क को जाम करने के लिए टायर को जलाया गया.

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First published: December 13, 2019, 6:04 PM IST
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