रजनीकांत की टिप्‍पणी के बाद तमिलनाडु में गरमाई राजनीति, पेरियार की मूर्ति को पहुंचाया नुकसान

रजनीकांत की टिप्‍पणी के बाद तमिलनाडु में गरमाई राजनीति, पेरियार की मूर्ति को पहुंचाया नुकसान
तमिलनाडु के चेंगलपट्टू के नजदीक पेरियार ईवी रामासामी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया.

तमिल सुपरस्‍टार रजनीकांत (Rajinikanth) ने एक मैगजीन के कार्यक्रम के दौरान आरोप लगाया था कि पेरियार ईवी रामासामी (Periyar EV Ramasamy) ने 1971 में हुई एक रैली में भगवान राम और सीता की आपत्तिजनक तस्‍वीर दिखाई थी. उनकी इस टिप्‍पणी पर तमिलनाडु (Tamil Nadu) में विवाद गहराता जा रहा है.

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  • Last Updated: January 24, 2020, 12:58 PM IST
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पूर्णिमा मुरली

चंन्‍नई. तमिल सुपरस्‍टार रजनीकांत (Rajinikanth) की पेरियार को लेकर की गई टिप्‍पणी के बाद तमिलनाडु की सियासत गरमा गई है. इसी बीच राज्‍य के चेंगलपट्टू के नजदीक पेरियार ईवी रामासामी (Periyar EV Ramasamy) की मूर्ति को शुक्रवार को नुकसान पहुंचाने (Vandalized) की जानकारी सामने आई है. दरअसल, अभिनेता-राजनेता रजनीकांत ने 14 जनवरी को तमिल मैगजीन 'तुगलक' की 50वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में कहा था कि 1971 में पेरियार ने सलेम में हुई एक रैली में भगवान राम (Lord Rama) और सीता (Sita) की आपत्तिजनक तस्‍वीर पर माल्‍यार्पण किया था. बावजूद इसके किसी भी अखबार या मैगजीन ने पेरियार की आलोचना नहीं की. सिर्फ तुगलक ने इस घटना को कवर किया था.

रजनीकांत की पेरियार पर टिप्‍पणी को लेकर खड़ा हुआ विवाद
रजनीकांत की इस टिप्‍पणी पर तमिलनाडु (Tamil Nadu) में विवाद खड़ा हो गया. द्रविड़ संगठन (Dravidian Outfit) ने रजनीकांत से पेरियार पर की गई टिप्‍पणी को लेकर माफी की मांग की. इस पर रजनीकांत ने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि उन्‍होंने जो भी परियार के बारे में कहा है, सब सच है. साथ ही बताया कि उन्‍होंने जो कुछ भी कहा है, वो सब मीडिया में छप चुका है. ऐसे में मैं माफी क्‍यों मांगूं. इसके बाद द्रविड़ संगठन ने रजनीकांत के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया. साथ ही कोयंबटूर के पुलिस आयुक्‍त (Commissioner of Police) को भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आवेदन दिया.
स्‍टालिन ने रजनीकांत को बोलने से पहले सोचने की सलाह दी


द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) अध्‍यक्ष एमके स्‍टालिन (MK Stalin) ने कहा कि मैं रजनीकांत को एक सलाह देना चाहता हूं. अब जब भी वह 95 साल तमिलों के लिए संघर्ष करने वाले पेरियार के बारे में बोलें तो पहले अपने शब्‍दों पर चार बार सोच लें. बता दें कि पेरियार को द्रविड़ आंदोलन का जनक कहा जाता है. उन्‍होंने ही डीएमके की मूल पार्टी द्रविड़ कझगम की स्‍थापना भी की थी. यह पहली बार नहीं है, जब पेरियार की मूर्ति को निशाना बनाया गया है. अरंतांगी में अप्रैल, 2019 को पेरियार की एक मूर्ति क्षतिग्रस्‍त पाई गई थी. इसके अलावा वेल्‍लूर में भी मार्च, 2018 में उनकी एक मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया था.

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