अपना शहर चुनें

States

वायनाड से उम्मीदवारी के पीछे कांग्रेस का ये सिपहसालार... कैसे बना राहुल का करीबी?

राहुल गांधी के साथ केसी वेणुगोपाल.
राहुल गांधी के साथ केसी वेणुगोपाल.

दो बार सांसद रहने के बावजूद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी के कहने पर इस बार चुनाव न लड़ने का फैसला किया और राहुल की दी हुई हर ज़िम्मेदारी को निभाया.

  • Share this:
'आपको पता है कि वायनाड से राहुल गांधी जीतेंगे और लोग उन्हें सियासी कारणों के परे जाकर भी वोट देंगे.' कांग्रेस कमेटी के 56 वर्षीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ही वही व्यक्ति हैं जो पार्टी के भीतर हर किस्म का अपॉइंटमेंट फिक्स करने की ज़िम्मेदारी रखते हैं. उनके बॉस यानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने के निर्णय के पीछे जो चेहरा है, वो वेणुगोपाल का ही है.

पढें: क्या प्रियंका की तीन सूत्रीय रणनीति लौटाएगी यूपी में कांग्रेस की खोई ताकत?

केरल में सीपीआई के राज्य सचिव रह चुके पन्नयन रवींद्रन के बेटे रुपेश के फेसबुक पोस्ट से एक लाइन वेणुगोपाल ने पढ़ी 'राहुल, आप एक आलोकित करने वाली किताब जैसे हैं, जिसके पन्ने पलटे जाएं तो और आभा फूटती है. निराशा के इस दौर में आपके अलावा और कोई उम्मीद की सुनहरी किरण नहीं है'. न्यूज़ 18 से खास बातचीत करते हुए वेणुगोपाल ने राहुल के वायनाड से चुनाव लड़ने के कारण और अहमियत बताई.



वेणुगोपाल ने कहा कि दक्षिण भारत से लगातार यह मांग थी कि राहुल गांधी देश के इस हिस्से से चुनाव लड़ें और राहुल का यह फैसला इसी मांग को पूरा करने के लिए किया गया. तमिलनाडु, कर्नाटक या केरल, तीनों में से किसी भी राज्य से राहुल लड़ सकते थे. फिर राज्य नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के निवेदन के बाद राहुल ने वायनाड सीट को चुना.
राहुल ने दक्षिण में 'वायनाड' ही क्यों चुना?
उन्होंने कहा कि 'उदाहरण के लिए राहुल कर्नाटक गए थे और कार्यकर्ताओं ने उनसे वहां से चुनाव लड़ने की मांग की. इसी तरह तमिलनाडु में भी 6 से 7 लोकसभा सीटों से उनके नाम का प्रस्ताव था. केरल में भी यही स्थिति थी. ऐसे में वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का फैसला करने के पीछे कई वजहें थीं'.

congress, rahul gandhi, loksabha elections 2019, wayanad loksabha seat, congress leader, कांग्रेस, राहुल गांधी, लोकसभा चुनाव 2019, वायनाड सीट, कांग्रेस नेता
राहुल गांधी. फाइल फोटो.


एआईसीसी के महासचिव ने आगे कहा कि राहुल ने वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया तो इसके पीछे बड़ी वजह यह थी कि यह सीट तीनों राज्यों के बीचों-बीच है. कर्नाटक, ​तमिलनाडु से केरल की इस सीट की सीमा जुड़ती है. वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि 'वो एकता का संदेश देना चाहते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष का दक्षिण से चुनाव लड़ना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एक स्पष्ट और सशक्त संदेश है'.

दूसरी तरफ, कांग्रेस में इस बड़े पद तक वेणुगोपाल के पहुंचने के पीछे भी कई तरह की चर्चाएं हैं. पार्टी में ये पद वरिष्ठता के आधार पर दिया जाता रहा है लेकिन वेणुगोपाल का इस पद पर पहुंचना संकेत है कि पार्टी केरल के नेतृत्व पर भरोसा दिखाती है. पहले भी केरल के एके एंटनी, ओमेन चांडी जैसे नेता कांग्रेस में बड़े पदों पर रह चुके हैं. सियासी गलियारों में 'केसी' के नाम से मशहूर वेणुगोपाल धीरे धीरे राहुल गांधी के सबसे विश्वसनीय सिपहसालारों में शुमार हुए हैं.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsAppअपडेट्स

ये भी पढ़ें:
कांग्रेस-बीजेपी को नहीं मिला बहुमत तो ये पांच लोग बनवाएंगे सरकार!
कांग्रेस पर प्रहार के बाद अब मायावती ने समर्थकों से की राहुल-सोनिया को वोट देने की अपील
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज