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झांसी:-पानी वाली धर्मशाला को गुलजार करने की कवायद शुरू

झांसी:-पानी वाली धर्मशाला को गुलजार करने की कवायद शुरू

पानी

पानी वाली धर्मशाला

पानी वाली धर्मशाला जो कि शहर के पंचकुईया इलाके में स्थित है, वह चारों तरफ से मकानों से घिरा हुआ है. शहर के नाले का पानी और आसपास की छोटी फैक्ट्रियों का पानी भी पहले सीधा इस नाले में आता था, लेकिन आप इसे डाइवर्ट करके सीधा शहर के बाहर भेजा जा रहा है.

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    लंबे समय से पानी की किल्लत झेल रहे बुंदेलखंड के झांसी जिले को अब जल्द ही इससे निजात मिलने वाली है.स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत झांसी शहर के मध्य में स्थित पानी वाली धर्मशाला को एक बार फिर पुनर्जीवित किया जा रहा है.पानी वाली धर्मशाला जो कि शहर के पंचकुईया इलाके में स्थित है, वह चारों तरफ से मकानों से घिरा हुआ है. शहर के नाले का पानी और आसपास की छोटी फैक्ट्रियों का पानी भी पहले सीधा इस नाले में आता था, लेकिन आप इसे डाइवर्ट करके सीधा शहर के बाहर भेजा जा रहा है.

    पानी वाली धर्मशाला का यह है ऐतिहासिक महत्व

    पानी वाली धर्मशाला का ऐतिहासिक महत्व भी है. 1729 में जब राजा छत्रसाल मुगलों से युद्ध हार गए थे तो उन्होंने उस समय के मराठा शासक पेशवा बाजीराव प्रथम को अपनी मदद के लिए बुलाया था.पेशवा बाजीराव 20000 सैनिकों के साथ यहां आए और उन्होंने राजा छत्रसाल को मुगलों से आजाद कराया. राजा छत्रसाल में पेशवा बाजीराव को धन्यवाद स्वरूप अपने राज्य का एक तिहाई हिस्सा तोहफे में दे दिया था.तब पेशवा बाजीराव ने अपने एक मंत्री को झांसी और उसके आसपास के इलाकों की देखरेख के लिए भेजा था. उस मंत्री ने सबसे पहले झांसी किले में रह रहे मुगलों को बाहर निकाला और उसके बाद किले का विस्तार भी किया था. विस्तार के दौरान ही उस पेशवा की नजर इस बावड़ी पर पड़ी, जो कि झांसी में उस समय एकमात्र साफ पानी का स्त्रोत था.उसने ने बावड़ी के आस-पास ही धर्मशालाओं का निर्माण करवा दिया ताकि बाहर से आने वाले लोगों को ठहरने की कोई समस्या ना हो.इसी कारण इस बावड़ी का नाम पानी वाली धर्मशाला पड़ गया.हालांकि अब धर्मशालाएं यहां पर नहीं है पर आज भी इस बावड़ी को उसी नाम से जाना जाता है.

    पर्यटन का केंद्र बनाने की है तैयारी

    स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस बावड़ी का सुंदरीकरण भी किया जा रहा है. बावड़ी के आसपास बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है ताकि कोई भी इस भूमि पर अवैध कब्जा ना कर सके. इसके साथ ही सीढ़ियों की मरम्मत और बेंच भी लगाए जा रहे हैं. बावड़ी में जल्द ही फव्वारे और लाइट एंड साउंड शो का भी इंतजाम करने की योजना है. अधिकारियों की मानें तो आने वाले समय में यह बावड़ी पर्यटन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी.

    Tags: Smart City Project

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