न्यूज 18 इंडिया का खुलासा, बैंक मैनेजर ही बता रहे काला धन बदलने का तरीका!

न्यूज 18 इंडिया पर कालेधन पर सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा है उस कुर्सी का जो कालेधन को सफेद करने की पूरी कहानी बताती है। ये कुर्सी है बैंक मैनेजर की।

News18India
Updated: November 29, 2016, 2:17 PM IST
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Updated: November 29, 2016, 2:17 PM IST
विश्वास कुमार के साथ हरीश शर्मा, सोनीपत

नई दिल्ली। न्यूज 18 इंडिया पर कालेधन पर सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा है उस कुर्सी का जो कालेधन को सफेद करने की पूरी कहानी बताती है। ये कुर्सी है बैंक मैनेजर की। जिस वक्त चंद पैसों की खातिर आप बैंको के बाहर लाइन लगाकर खड़े थे ठीक उसी वक्त कुछ बैंकों के मैनेजर कालेधन को सफेद करने के कारोबार में लगे थे। आप भीड़ में अपने पैसों की खातिर मशक्कत कर रहे थे और बैंक के अंदर चुपचाप इस काम को अंजाम दिया जा रहा था। ऐसे ही कुछ बैंकों के मैनेजर को बेनकाब किया न्यूज 18 इंडिया की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने।

हमारी खुफिया टीम सच की पड़ताल के लिए सबसे पहले पहुंची हरियाणा में सोनीपत के सर्व हरिय़ाणा ग्रामीण बैंक। जब हम इस बैंक में पहुंचे तो यहां कैश खत्म हो चुका था। यहां हमारी मुलाकात बैंक मैनेजर मनीत सांगवान से हुई।

उनसे कुछ ऐसे बातचीत हुई-

रिपोर्टर: भाई साहब कुछ अमाउंट था। वो हमें एडजस्ट करवाना था। अकाउंट में या जो भी है...

मनीत सांगवान: एडजस्ट कैसे होगा। एडजस्ट वाला तो काम नहीं है।

रिपोर्टर: मोदी ने तो एक रात में जी रद्दी बना दिए। तो अकाउंट खोल सकते हो...

मनीत सांगवान: अकाउंट खोलने से क्या होगा...ढाई लाख रुपये जमा होंगे...

रिपोर्टर: हमारा अमाउंट ज्यादा है...6 करोड़ के करीब है...

 

शुरुआत में तो मैनेजर साहब ने साफ मना कर दिया कि यहां काली कमाई को सफेद नहीं किया जाता है, लेकिन बातचीत जैसे-जैसे आगे बढ़ी तो मैनेजर साहब काली कमाई को मैनेज करने के तरीके भी बताने लगे। मैनेजर ने हमें बताया कि कई सारे अकाउंट खोलकर उनमें काली कमाई को एडजस्ट किया जा सकता है, लेकिन हर अकाउंट के लिए अलग आईडी प्रूफ का इंतजाम करना पड़ेगा।

रिपोर्टर: यहां पर कितने अकाउंट खुलवा सकते हैं हम...

मनीत सांगवान: कितने खुलवाओगे....बताओ कितने...2-2 लाख रूपये जमा करवाओगे...100 अकाउंट में दो करोड़ होंगे...

रिपोर्टर: 2 करोड़ हो जाएंगे...

मनीत सांगवान: 100 अकाउंट खोलने पड़ेंगे...ये मर जाएंगे खोल खोल के...

रिपोर्टर: जो भी सेवा पानी रहेगा जी...हमारी तरफ से कोई दिक्कत नहीं है...हमारा भी तो फायदा हो रहा है...

मनीत सांगवान: आईडी प्रूफ भी तो चाहिए होंगे अकाउंट के लिए...

रिपोर्टर: आईडी प्रूफ तो अरेंज करवा देंगे...

 

रकम छह करोड़ की थी और मैनेजर साहब को इस काले धन की पूरी चिंता थी। वो बखूबी जानते थे कि नए खाते खोलने से भी ये काली रकम पूरी तरह सफेद नहीं हो सकती थी। इसलिए मैनेजर साहब ने अपना दिमाग दौड़ाना शुरू किया और फिर एक ऐसा तरीका निकाला कि जो प्रधानमंत्री मोदी के फॉर्मूले को फेल करने के लिए काफी था।

रिपोर्टर: और इसके अलावा और क्या जुगाड़ हो सकता है जी...

मनीत सांगवान: NEFT आप करवा नहीं सकते...

रिपोर्टर: वो तो नहीं कहां से ब्लैक मनी करवा देंगे हम....

मनीत सांगवान: CC के अकाउंट से हम ब्लैक मनी NEFT करेंगे। आपको कोई दिक्कत है...लोन के अकाउंट से...

रिपोर्टर: क्योंकि हमारी कंपनी का टर्न ओवर आलरेडी हमने 15 करोड़ शो किया है...

मनीत सांगवान: अच्छा...

रिपोर्टर: ये 7-8 करोड़ जाते ही सीधा 50 परसेंट अप हो जाता है.....

मनीत सांगवान: एक हमारी CC है 1.5 करोड़ की...

रिपोर्टर: ठीक है...

मनीत सांगवान: मैं आपसे डेढ़ करोड़ लेकर अपने लोन अकाउंट में डाल दूंगा...मैं आपको NEFT कर दूंगा...

रिपोर्टर: ठीक है...

मनीत सांगवान: तो उसमें दिक्कत है आपको...

रिपोर्टर: ये तो मुझे अपने CA से पूछना पड़ेगा...

मनीत सांगवान: ये पूछो...फिर करवा लेना कितने भी...

 

यहां पर मनीत सांगवान जिस CC यानी कैश क्रेडिट अकाउंट की बात कर रहे हैं, दरअसल यह कैश क्रेडिट अकाउंट के तहत बैंक ग्राहकों को खाते में जमा रकम से ज्याद का लोन देने की सुविधा देता है। मनीत कालेधन को उसी कैश क्रेडिट अकाउंट में जमा करने की बात कह रहे हैं। मैनेजर साहब अब हमसे पूरा तरह से खुल चुके थे। उन्होंने हमसे कहा कि नकद आधार खाते के जरिए करोड़ों रुपये काले से सफेद हो जायेंगे। इसकी सरकार को भनक भी नहीं लगेगी।

रिपोर्टर: तो इसमें हमें क्या फायदा होगा...

मनीत सांगवान: कैश तो मेरे लोन अकाउंट में जमा होगा न...

रिपोर्टर: ठीक है...हां

मनीत सांगवान: वो तो मैं ही बताऊंगा न कि कैश कहां से आया...

रिपोर्टर: ठीक

मनीत सांगवान: वो तो नोटिस मेरे पास आयेगा....

रिपोर्टर: हां..

मनीत सांगवान: वो जब डायरेक्ट उसमें CC में...अपने पैसे जमा कराउंगा...मैं देता रहूंगा जवाब...

रिपोर्टर: ठीक है...

 

हमारे काले धन को सफेद करने की पूरी जिम्मेदारी मैनेजर साहब ने ली।

रिपोर्टर: अगर पूरा खप जाये 7 करोड़ तो फिर तो हमें कहीं और देखने की जरूरत नहीं...

मनीत सांगवान: फिर तो मैं ये करवा दूंगा...ये पूछ लेना NEFT में कोई दिक्कत न हो...

रिपोर्टर: ठीक है...

मैनेजर साहब ने बताया कि कालेधन को सफेद करने का सबसे बढ़िया तरीका यही है। अब काले धन को सफेद करने की डील फाइनल हो चुकी थी।

 

रिपोर्टर- ये मैं अपने सीए से पूछ लूंगा...

मनीत सांगवान: ये पूछ लेना। लोन में यही है जैसे CC में जमा करवाके NEFT हो सकता है। वैसे और कोई ईलाज नहीं है इसका...

रिपोर्टर: ठीक है...

मनीत सांगवान: भाई हमने तो लोन ले रखा है...लोन अपने को...हम PAY कर सकते हैं...

रिपोर्टर: ठीक है...CC का मतलब क्या है...CASH CREDIT ACCOUNT....तो CC ACCOUNT किसका रहेगा...

मनीत सांगवान: भाई का...

रिपोर्टर: बैंक का अपना...ठीक है...ये काफी हद ठीक लग रहा है....तो क्या हिसाब-किताब रहेगा भाई साहब...

मनीत सांगवान: वो तो जो रेट चल रहा है आपको पता ही होगा...

यहां हमें कोई कालाधन सफेद नहीं करना था। हम तो बस जानना चाहते थे कि क्या बैंकों में भी इस तरह का कोई खेल चल रहा है। लेकिन ये खेल तो बैक की खास कुर्सी से ही ऑपरेट हो रहा था। महज़ कुछ देर में ही मैनेजर साहब ने हमें काले धन को सफेद करने का सारा तरीका बता दिया।

इसके बाद हमारी स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने रुख किया एक्सिस प्राइवेट बैंक का। यहां बैंक मैनेजर कार्तिक शर्मा से हमारी मुलाकात बैंक के अंदर हुई। हमने मैनेजर से कहा कि हमारे पास कई करोड़ रुपये का काला धन मौजूद है। हम इसे सफेद करना चाहते हैं।

रिपोर्टर: हमारी कंपनी का कुछ कैश है हमारे ओनर के पास। कैसे क्या हो सकता है...

कार्तिक शर्मा: कोई उपाय नहीं है। इस टाइम कुछ करवाना भी नहीं...दिक्कत में आ जाओगे। नॉर्मल कैश बदलना हो तो कुछ करना भी मत अभी...

बैंक मैनेजर ने काले धन को सफेद करने के लिए साफ मना कर दिया और हिदायत भी दी कि ये वक्त अभी ठीक नहीं है, लेकिन बात जैसे-जैसे आगे बढ़ी तो मैनेजर साहब की दिलचस्पी भी बढ़ती गई। इसके बाद उन्होंने हमें काले धन को सफेद करने के तरीके बताने शुरू कर दिये।

रिपोर्टर: आप कितने खाते खुलवा सकते हैं...

कार्तिक शर्मा: सर जेन्यूइन बंदे हों तो जितने मर्जी हो सारे खुलवाओ...हजार कहोगे हजार खोलने को तैयार हूं...दो दिन में खोल के दूंगा। फर्जी कोई नहीं होगा।

रिपोर्टर: आईडी हो जायेगा अरेंज

कार्तिक शर्मा: ढाई लाख- तीन लाख सबमें करूंगा....ढाई लाख-तीन लाख में कोई दिक्कत नहीं है। अगर आप 15-15 लाख डालोगे तो ये न करना। सबको पता है इतने पैसे घर में पड़े रहते हैं सबके। आप मोदी के घर में देखोगे तो ढाई-तीन लाख मिलेगा आपको। अचानक से दस लाख मत डालो। इसलिए बोल रहा हूं ढाई-ढाई लाख डालो।

मैनेजर के मुताबिक नये अकाउंट बैंक में खुलवाओ और हर खाते में ढाई लाख रूपए जमा करो। इस तरीके से बहुत लोगों ने काले धन को सफेद किया है। काले धन को सफेद करने का ये सबसे बढ़िया तरीका है।

कार्तिक शर्मा: पिछले एक हफ्ते के अंदर एक्सिस बैंक ने अस्सी हजार नए खाते खोले हैं। हमारे ब्रांच ने 300-350 के आस-पास खोला है एक हफ्ते के अंदर, जो हम महीने के अंदर 70-80 खोलते थे, 6-7 दिन में 350 खुल गए हैं।

 

कार्तिक शर्मा: आधार कार्ड से पहले अकाउंट खुलते थे...आप वोटर कार्ड से खोल लो...पासपोर्ट से खोल लो...ड्राइविंग लाइसेंस से खोल लो...पहले मोदी जी ने आधार कार्ड से सबको लिंक करा दिया...खुशी के मारे सब बोले कि आधार कार्ड लिंक करो...क्लेश करते थे....

रिपोर्टर: आधार लिंक हो जाता है...

कार्तिक शर्मा: आधार नंबर से हम यहीं से दिखा दूंगा....बताऊं कितना....आपको अपना फोन नंबर चेंज कराना है...मोबाइल मैट्रिक बना हुआ है। लाल रंग का आप फोन नंबर...कार्ड वगैरह कुछ नहीं पड़ा है। इस पर फिंगर प्रिंट डालो वहीं ट्रैक हो जायेगा...

कार्तिक शर्मा: 40-50 अकाउंट खोल लो...60 अकाउंट...सर आप अपने घर का देखो...आस-पास का देखो...कैश उनका होगा...कैश आपका होगा...अकाउंट उनका होगा पड़ा रहेगा....

रिपोर्टर: अंजान अकाउंट में नहीं डाल सकते हैं....

कार्तिक शर्मा: नहीं डाल सकते हैं आपको देखना है कि किसके अकाउंट पे खोल सकते हैं। खुलवा लो...डेढ़-दो करोड़ का इंतजाम ऐसे ही करवा दिए....60 अकाउंट है तो डेढ़ करोड़ हो गया...डेढ़ करोड़ की एंट्री 2.5-2.5 लाख की एंट्री दिसम्बर के लास्ट में मार देना एक बार। हो गए तीन करोड़ अरेंज ऐसे होते हैं....

 

अब आप समझ गए होंगे कि बैंक के अधिकारी कितनी ईमानदारी से अपने काम में लगे हुए हैं।

इसके बाद हमारी खुफिया टीम पहुंची सोनीपत के सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के एक और ब्रांच में। यहां हमारी मुलाकात हुई बैंक मैनजर तरुण छाबड़ा से। मैनेजर साहब ने भी कालेधन को सफेद करने का तरीका हमें बताया।

रिपोर्टर: अगर मान लो 6 करोड़ इकट्ठा करवाते हैं तो हमें कितने अकाउंट खुलवाने पड़ जायेंगे अंदाजा...

तरुण छाबड़ा: देख लो आप.. डिवाइड कर लो ढाई लाख से...

रिपोर्टर: ढाई लाख से...60 पर आपका बैठता है डेढ़ करोड़...बारह...240...240 आईडी तो बड़ा मुश्किल है...नहीं हो पायेगी...100-125 तक हो सकती है हमारी...

तरूण छाबड़ा: वो भी बाबू जी एक ब्रांच में मत खुलवाना...

रिपोर्टर: फिर...

तरूण छाबड़ा: अलग अलग BRANCH में खुलवाना...

रिपोर्टर: यह अकेली ब्रांच है या और भी हो जायेगी...

तरूण छाबड़ा: इस रीजन में 45-46 ब्रांच हैं...इस रीजन में...मेन ब्रांच यहां रोहट है...

रिपोर्टर: तो सब में करवायें...

तरूण छाबड़ा: सब में करवा सकते हो...क्योंकि एक जगह करवाओगे तो डाउटफुल हो सकता है...

रिपोर्टर: मतलब 50-50 अकाउंट खुलवा लें...

तरूण छाबड़ा: ऐसा कर लो कोई प्रॉब्लम नहीं है...30-35 हरेक जगह खुलवा लो...बात करनी पड़ेगी सब जगह जाकर...

रिपोर्टर: तो आपका कोई लिंक होगा आपकी बाकी ब्रांचेज में...

तरूण छाबड़ा: मैं आपको एक बार सोनीपत ब्रांच में मैनेजर के पास भेज देता हूं। सबसे बड़े वही हैं...

तरूण छाबड़ा की बातों से ये साफ हो गया था कि कई सारे अकाउंट खुलवाइये और ब्लैक को व्हाइट करिए। यही वजह है कि ज्यादातर बैंक धड़ल्ले से नये खाते खोलने पर जोर दे रहे हैं और इसके बदले मोटा कमीशन ले रहे है।  अगली कड़ी में इसी बैंक के एक और ब्रांच मैनेजर निशांत जैन से हमारी मुलाकात हुई। उनसे 6 से 7 करोड़ ब्लैक मनी की बात की तो वे सीधे मुद्दे पर आ गए। उन्होंने भी हमें ब्लैक को व्हाइट करने का रास्ता बता दिया।
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