शिक्षकों की गैरमौजूदगी पर सख्त शिक्षा विभाग, जारी किया सर्कुलर

शिक्षकों की गैरमौजूदगी पर सख्त शिक्षा विभाग, जारी किया सर्कुलर
(सांकेतिक तस्वीर)

शिक्षकों की गैरमौजूदगी की वजह से छात्रों को सही गाइडेंस नहीं मिल पा रही है. ज्यादातर क्लासेज खाली जा रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 7, 2019, 6:08 PM IST
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शार्थ शर्मा कलागुरु.

शादियों का सीजन शुरू हो रहा है. हर कोई इस दौरान शादियों के फंक्शन में जाने के लिए तैयार है. यहां तक कि शिक्षक भी इससे अलग नहीं हैं. स्कूलों में शिक्षकों के सामूहिक बंक पर बार-बार की जाने वाली शिकायतें मिलने के बाद सार्वजनिक शिक्षा विभाग ने एक नोटिस जारी कर पाठ्यक्रम पूरा करने का आदेश दिया है. इस नोटिस में यह भी कहा गया है कि निजी कार्यक्रमों में शिक्षक शामिल न हों.

बेंगलुरु में जनवरी की मासिक बैठक के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया. विभाग के प्रमुख सचिव ने स्कूलों में अनुपस्थित शिक्षकों के बारे में शिकायत की और पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया. सर्कुलर में विभाग ने कहा है कि शिक्षक कक्षाओं में नहीं जा रहे हैं और अन्य आयोजनों में भाग लेने में अधिक व्यस्त हैं.



शिक्षकों की गैरमौजूदगी की वजह से छात्रों को सही गाइडेंस नहीं मिल पा रही है. ज्यादातर क्लासेज खाली जा रही हैं. यह मुद्दा तब सामने आया है जब जिला शिक्षा अधिकारियों / ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों ने मामले पर संज्ञान लिया. एक तरफ राज्य में परीक्षाएं नजदीक हैं और दूसरी तरफ पाठ्यक्रम पूरा नहीं किया जा सका है. इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए विभाग ने अब कार्रवाई शुरू की है.



सर्कुलर की एक कॉपी न्यूज18 के पास भी है. पब्लिक इंस्ट्रक्शन विभाग के अंदरुनी सूत्रों के मुताबिक यह सर्कुलर केवल इसलिए जारी नहीं किया गया है कि शिक्षक शादी व निजी कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं बल्कि वे राज्य के ग्रामीण हिस्से में ऋण देने जैसी गतिविधियों में लिप्त हैं और इसे दैनिक आधार पर वापस इकट्ठा करने में अधिक समय खर्च करते हैं. कई शिक्षक खुदरा दुकानों की तरह छोटे पैमाने पर व्यवसाय चला रहे हैं.

शिक्षकों पर आरोप है कि वे पढ़ाने के अलावा निजी कार्यों पर ज्यादा समय खर्च कर रहे हैं. इन आरोपोँ से इनकार करते हुए शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने उनके लिए कुछ किया ही नहीं है.

जब न्यूज18 ने इस मामले में प्राइमरी स्कूल में कार्यरत एक शिक्षक से पूछा तो उन्होंने जवाब दिया, 'यह विभाग द्वारा शिक्षण संकाय को गिराने का प्रयास है. जब हम प्रयोग के लिए कुछ नए और अनोखे उपायों को लागू करने की कोशिश करते हैं, तो विभाग हमारे पैर खींचता रहता है.'

विभाग ने प्रणाली को बदलने और वर्तमान शिक्षण पद्धति को नया रूप देने में हमारी कभी मदद नहीं की. विभाग हमें कभी भी व्यवस्था में सुधार करने की अनुमति नहीं देता है और हमारी नैतिकता को नुकसान पहुंचाने के लिए इस तरह का सर्कुलर भेजता है.

नाप छिपाने की शर्त पर एक अन्य शिक्षक ने कहा कि विभाग को उन शिक्षकों को पहचानने और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है जो बच्चों के भविष्य के लिए वास्तव में कड़ी मेहनत कर रहे हैं. लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं. वे केवल अपनी शक्ति का उपयोग कर हमें बांटना जानते हैं. हो सकता है कि कुछ प्रतिशत शिक्षक व्यक्तिगत कार्यों पर अधिक समय बिता रहे हों लेकिन सब नहीं. विभाग को यह समझना चाहिए.

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