OPINION: ट्रिपल तलाक़ पर BJP ने राज्यसभा में ऐसे जीती जंग

बीजेडी ने लोकसभा में ही सरकार के तीन तलाक बिल पर समर्थन कर दिया था, वो राज्यसभा में भी बरकरार रहा. TRS के 6 सांसदों, TDP के दो और बीएसपी के चार सांसदों ने वोटिंग के दौरान बहिष्कार कर सरकार का काम आसान कर दिया.

विक्रांत यादव | News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 4:24 PM IST
OPINION: ट्रिपल तलाक़ पर BJP ने राज्यसभा में ऐसे जीती जंग
गृहमंत्री अमित शाह पूरे दिन संसद में रहे. बीच बीच में वो संसद भवन के अपने कमरे और राज्यसभा के भीतर आते जाते रहे. (पीएम मोदी और अमित शाह File Photo)
विक्रांत यादव
विक्रांत यादव | News18Hindi
Updated: August 8, 2019, 4:24 PM IST
तीन तलाक बिल को राज्यसभा से पास करवाना बीजेपी के लिए बेहद मुश्किल था.  लेकिन अपने हाउस मैनेजमेंट से बीजेपी ने बहुमत ना भी होते हुए विपक्ष को पटकनी दे दी. अगर सदस्यों के नंबर पर ध्यान दिया जाए, तो बिल के समर्थक दलों और बिल की खिलाफत कर रहे दलों के बीच लगभग बराबरी थी.  लेकिन सत्ता पक्ष जहां इस बिल को पास कराने में पूरी ताकत से जुटा था, तो विपक्ष बिखरा हुआ नज़र आया. आरटीआई बिल को राज्यसभा से पास करवाने वाली बीजेपी मंगलवार को आत्मविश्वास से लबरेज थी. इसके बाद जो हुआ, वो हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गया.

जेडी(यू) और AIADMK ने वॉक-आउट कर की सरकार की मदद
सरकार को पहले से ये अंदेशा था कि जेडी(यू) और AIADMK उसके सहयोगी होने के बावजूद इस बिल के विरोध में रहेंगे. उनका पहले से यही स्टैंड था. लेकिन इन दोनों दलों ने वोटिंग शुरू होने से पहले ही वॉक-आउट करने का ऐलान कर अपरोक्ष रूप से सरकार की मदद कर दी. सरकार के फ्लोर मैनेजर लगातार बिल के विरोध में खड़ी बाकी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के भी संपर्क में थे. गृहमंत्री अमित शाह पूरे दिन संसद में रहे. बीच बीच में वो संसद भवन के अपने कमरे और राज्यसभा के भीतर आते जाते रहे.

विपक्ष के कई सांसद रहे अनुपस्थित

बीजेडी ने लोकसभा में ही सरकार के इस बिल पर समर्थन कर दिया था, वो राज्यसभा में भी बरकरार रहा. TRS के 6 सांसदों, TDP के दो और बीएसपी के चार सांसदों ने वोटिंग के दौरान बहिष्कार कर सरकार का काम आसान कर दिया. इसके बाद बची हुई कसर विपक्ष के कई और अनुपस्थित सांसदों ने पूरी कर दी. कांग्रेस के 48 में से 3 सांसद अलग-अलग कारणों से अनुपस्थित थे,  तो चौथे संजय सिंह ने आज ही इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन छोड़ दिया था.



टीएमसी के भी दो सांसद सदन में नहीं थे. NCP के कुल 4 सांसद हैं, लेकिन शरद पवार और प्रफ्फुल पटेल सदन से अनुपस्थित थे. समाजवादी पार्टी के यूं तो कुल 12 सांसद हैं, लेकिन इनमें से एक अमर सिंह अलग हो चुके हैं, दूसरे नीरज शेखर इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम चुके हैं और तीसरे बेनी प्रसाद वर्मा अस्वस्थ हैं. आरजेडी के राम जेठमलानी अस्वस्थता के कारण नहीं थे.
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पहले ही सत्र में ये बिल ले आई सरकार
2013 में तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. अगस्त 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया.  इसे बाद सरकार ने इस संबंध में कानून बनाने की पहल की. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में सरकार ने लोकसभा से इस बिल को पास करवा लिया था, लेकिन राज्यसभा में विपक्ष का बहुमत होने के कारण इसे पास नहीं करवा सकी. नई सरकार बनने के बाद सरकार पहले ही सत्र में ये बिल ले आई और आज उसे ये ऐतिहासिक सफलता मिली.

बिल पर बहस होने के समय पक्ष और विपक्ष के वोट लगभग बराबर नजर आ रहे थे. लेकिन ये बीजेपी के फ्लोर मैनेजमेंट का ही कमाल था कि बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के पक्ष में सिर्फ 84 और विरोध में 100 वोट पड़े थे. वहीं बिल के समर्थन में 99 वोट लेकर सरकार को जीत हासिल हुई और विपक्ष को सिर्फ 84 वोट ही मिल सके और इस तरह सरकार को ऐतिहासिक जीत मिली.

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First published: July 31, 2019, 6:05 AM IST
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