जहां से राजस्थान की राजनीति में बज रहा बगावत का बिगुल, जानिए उस तावडू की कहानी

तावडु, मेवात स्थित आईटीसी ग्रैंड रिसोर्ट, आजकल यहां से सरकारों को बनाने बिगाड़ने का खेल चल रहा है

कभी इंदिरा गांधी ने अपने सबसे बड़े विरोधी मोरारजी देसाई को तावडू में करवाया था नजरबंद, यहीं से कर्नाटक, मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान सरकार को गिराने की साजिश

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से करीब 62 किमी दूर मेवात जिले में एक क्षेत्र है तावडू. यहां आईटीसी ग्रैंड भारत (ITC Grand Bharat) नाम का एक भव्य रिसोर्ट है, जो आजकल राजस्थान में कांग्रेस की सत्ता के खिलाफ बगावत का केंद्र बना हुआ है. अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot) से नाराज सचिन पायलट (Sachin Pilot) और उनके समर्थक विधायक यहां डेरा डाले हुए हैं. यह वही जगह है जहां से कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी सियासी उठापटक की बाजी चली गई थी. इसी तावडू (Tauru) में कभी आपातकाल के दौरान कांग्रेस नेत्री और तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने अपने बड़े राजनीतिक विरोधी मोरारजी देसाई को नजरबंद करवाया था.

जब से हरियाणा में बीजेपी की सरकार आई है तब से दूसरे राज्यों में जब भी कांग्रेस या अन्य पार्टियों में असंतोष फैलता है, उसके विधायक इसी रिसोर्ट में आकर रुक जाते हैं. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि हरियाणा (Haryana) का यह होटल विधायकों की खरीद फरोख्त अड्डा बन गया है.

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कर्नाटक का नाटक यहीं हुआ

जनवरी 2019 में जब कर्नाटक का सियासी नाटक शुरु हुआ था. जब कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया. आरोप था कि बीजेपी ने तीन दिन तक अपने 104 विधायकों को गुरुग्राम के मानेसर स्थित एक रिसॉर्ट में रखा. यहीं पर जोड़तोड़ की रणनीति बनाई गई.

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तावडू, मेवात स्थित आईटीसी रिसोर्ट के बाहर खड़ी हरियाणा पुलिस


कमलनाथ की सरकार गिराने वाले भी इसी में ठहरे थे

इस साल मार्च में मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को गिराने की स्क्रिप्ट इसी में लिखी गई थी. बताया जाता है कि कमलनाथ की कुर्सी को खतरे में डालने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक और बीजेपी विधायकों ने यहीं डेरा डाला था. तब यहां दिग्विजय सिंह पहुंचे थे और उन्होंने भाजपा पर अपने कांग्रेसी विधायकों को बंधक बनाने का आरोप लगाकर खूब हंगामा काटा था.

हरियाणा की BJP सरकार पर आरोप

फिलहाल, बात करें राजस्थान के मौजूदा सियासी संकट का. बताया जाता है कि शुक्रवार शाम को राजस्थान पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम मानेसर के आईटीसी रिसोर्ट में पहुंची, जहां पायलट समेत 18 बागी विधायक मौजूद थे. वो हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर जो टेप सामने आया है, उस मामले में बागी विधायकों से पूछताछ करना चाहती थी. लेकिन गेट पर पहले से तैनात हरियाणा पुलिस (Haryana Police) ने इस टीम को रोक लिया.

करीब 1 घंटे बहस के बाद टीम को अंदर जाने दिया गया तब तक बागी विधायक वहां से निकल चुके थे. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह दोतासरा ने आरोप लगाया है कि एसओजी के पहुंचने से पहले ही बागी विधायकों को चोर रास्ते के जरिए वहां से निकाल दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस ने विधायकों को दूसरे होटल में शिफ्ट कर दिया. एसओजी की टीम को तब तक होटल के बाहर रोके रखा गया जब तक कि विधायक दूसरे दरवाजे से बाहर नहीं निकल गए.

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तावडू स्थित वो गेस्टहाउस जहां इंदिरा गांधी ने मोरारजी देसाई को नजरबंद रखा था


हालांकि, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर कह चुके हैं कि निजी होटल सभी के लिए खुले हैं और कोई भी वहां ठहर सकता है. हरियाणा सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है. हमने किसी को जबरन यहां रोककर नहीं रखा है. उधर, सच्चाई ये है कि रिसोर्ट के बाहर हरियाणा पुलिस तैनात है और वो आसानी से किसी को अंदर नहीं जाने दे रही.

आपातकाल में यहां क्या हुआ था

इंदिरा गांधी (indira gandhi) ने 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश में आपातकाल (Emergency) लगाया था. तावडू क्षेत्र इमरजेंसी में सरकार की ज्यादतियों का गवाह रहा है. इंदिरा ने अपने सबसे बड़े विरोधी मोरारजी देसाई (morarji desai) को आपातकाल के दौरान तावडू के मोरपंख पर्यटक केंद्र में 18 महीने तक  नजरबंद करके रखा हुआ था. तब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी.




आपातकाल के बाद लोकसभा चुनाव हुए. इमरजेंसी, जेपी आंदोलन, जनता पार्टी से गुजरते हुए देसाई देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने. प्रधानमंत्री बनने के बाद 3 अक्टूबर 1977 को नहर विभाग के मोरपंख पर्यटक केंद्र को भव्य बनाने के लिए शिलान्यास किया. यह गेस्टहाउस आज भी है.

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